Covid-19 : उत्तराखंड पर्यटक और कावड़ा मेला को स्थगित करने का निर्णय : सीएम धामी ने दिया आदेश

Must Read

Gagan Singla
Gagan Singlahttp://goodswasthya.com
He is a professional certified dietary expert with experience of more than 14 months. He is well known for his work in dietary scheduling for health-conscious people. His hobbies including traveling and Netflixing. He is good at sports and spent his most of the free time playing volleyball and cricket. His knowledge about dietary scheduling makes him the perfect scheduler. he loves to help people and patients with their post and pre-surgical dietary habits. वह 14 महीने से अधिक के अनुभव के साथ एक पेशेवर प्रमाणित आहार विशेषज्ञ है। वह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए आहार निर्धारण में अपने काम के लिए जाना जाते है। यात्रा करना और नेटफ्लिक्सिंग उनके कुछ शौक हैं। वह खेलों में अच्छे है और अपना अधिकांश खाली समय वॉलीबॉल और क्रिकेट खेलने में बिताते है। आहार निर्धारण के बारे में उनका ज्ञान उन्हें पूर्ण अनुसूचक बनाता है। वह लोगों को उनके पोस्ट और पूर्व-सर्जिकल आहार आदतों को सुधरने और रोगियों की मदद करना पसंद करते हैं।

Covid-19: उत्तराखंड पर्यटक और कावड़ा मेला को स्थगित जाने क्या है पूरा मामला

भारत में कोरोना का कहर फैला हुआ है भारत के 1 राज्य उत्तराखंड जहां रोज पर्यटकों का आना जाना होता है चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह ने में पर्यटकों की संख्या के मद्देनजर एक आदेश जारी किया है। नैनीताल और देहरादून के होटलों में 50 परसेंट ऑक्युपेंसी कैपिंग के संबंध में भी एक आदेश जारी किया गया ऐसा सीएम पुष्कर सिंह ने कहा। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि कोरोनावायरस के प्रसार को कम करने के लिए नियमों का पालन करें एवं मास्क नहीं लगाने वाले को उचित चालान भरना पड़ेगा।

उत्तराखंड में लगने वाले हैं हर साल में नैकावड़ा मेले को स्थगित करने की बात भी कही जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी जुलाई तक समाप्त कर ले। कोविड-19 से बचाव के लिए की गई व्यवस्थाओं को वह सचिवालय में समीक्षा कर रहे थे।

Covid-19 hindi news

उन्होंने कहा कि कोविड-19 चाओ के लिए टीकाकरण आवश्यक है एवं इसके साथ ही टेस्टिंग पर भी ध्यान देना पड़ेगा और सभी को मास्क लगाना अनिवार्य है सभी निर्देशों का पालन इस कठिन वक्त में करना जरूरी है। उनके द्वारा कहा गया कि तीसरी लहर के दौरान सभी आवश्यक वस्तुओं को सुनिश्चित किया जाएगा एवं वह जितना हो सके उतना केंद्र सरकार को वैक्सीन की व्यवस्था के लिए अनुरोध करें।

उत्तराखंड के सभी जिलों में अस्पतालों पीएचसी सीएचसी में पर्याप्त संख्या में आईसीयू वेंटीलेटर बच्चों के लिए अलग और और ऑक्सीजन बनाए जाने का आदेश दिया। उन्होंने इस संबंध में सुनिश्चित करते हुए कहा कि जुलाई के अंत तक सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का निर्देश दिया जाएगा।

उत्तराखंड में इस साल मई में दैनिक COVID-19 मामलों में वृद्धि के बाद एक पूर्ण कोरोना कर्फ्यू लगाया गया था। हालाँकि, राज्य सरकार ने आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति देते हुए, प्रतिबंधों में ढील देना शुरू कर दिया था।

दिल्ली में Corona कोरोना संक्रमण के आधार पर किया जाएगा कलर कोड जारी , दिल्ली मेट्रो सेवाएं भी होगी बंद

पिछले हफ्ते, राज्य सरकार ने होटल और रेस्तरां को उनकी बैठने की क्षमता के 50 प्रतिशत पर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच फिर से खोलने की अनुमति दी थी। बार को भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अपना कामकाज फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई।

उपलब्ध कराए गए उपकरणों के रखरखाव पर भी ध्यान देने को मुख्यमंत्री ने कहा। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने मुख्यमंत्री को बताया कि को स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान दिया गया है इससे कोविड-19 के ग्राफ में गिरावट आ सकती है। ऑक्सीजन इस राज्य में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उत्तराखंड वैक्सीनेशन में अपने देश के राज्य में पांचवें स्थान पर है।

Covid- 19
image source:- http://www.canva.com

कोरोना वायरस का डेल्टा प्लस संस्करण देश भर में तेजी से फैल रहा है। अब उत्तराखंड में डेल्टा प्लस वेरिएंट का एक नया मामला सामने आया है। उधम सिंह नगर जिले के एक व्यक्ति में डेल्टा प्लस वेरिएंट कथित तौर पर पाया गया है। ऊधम सिंह नगर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अविनाश खन्ना ने बताया कि जिस व्यक्ति में डेल्टा प्लस वेरियंट की पुष्टि हुई है वह लखनऊ से लौटा है. उन्होंने कहा कि वह अब लखनऊ में अपने माता-पिता के साथ रह रहे हैं, जहां उनकी मां एक अस्पताल में नर्स के रूप में काम करती हैं।

व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उन्होंने इस संबंध में की गई व्यवस्थाओं की चर्चा की और बताया कि पैरामेडिकल स्टाफ को भी इसके बचाव के लिए डॉक्टर के साथ शिक्षित किया जाएगा।


इसके अलावा यहां पर मृत्यु दर को कम करने के लिए एफ आर यू की स्थापना की जाएगी। एस आर यू मतलब फर्स्ट रेफरल यूनिट। इसके अलावा एस आर यू और प्रसव केंद्रों में स्टाफ नर्स और एएनएम की उपस्थिति की जाएगी। आवश्यक चिकित्सा उपकरणों को खरीदने के लिए प्रसव केंद्र व एफ आर यू में दो करोड़ की राशि को स्वीकृति दी गई है।

लेटेस्ट लेख

Low Ejection Fraction: लो इजेक्शन फ्रैक्शन क्या है? जानिए लो इजेक्शन फ्रैक्शन के लक्षण एवं बचाव

Low Ejection Fraction: लो इजेक्शन फ्रैक्शन क्या है? जानिए लो इजेक्शन फ्रैक्शन के लक्षण एवं बचाव

More Articles Like This