Covovax वैक्सीन का बच्चों पर किया जाएगा ट्रायल, जानें खबरें

Must Read

Sumit Singh
Sumit Singhhttp://goodswasthya.com
A B-Tech Graduate turned blogger. Sumit holds a Computer Engineering Degree and has been in love with blogging since his college days. He is a certified fitness trainer and nutritionist. He has also done an accredited course in Natural Medicine and Herbalism from the Hyamson Institute of Natural and Complementary Medicine. A fitness and trekking enthusiast. You might find him on your next weekend trip.

Covovax वैक्सीन का बच्चों पर किया जाएगा ट्रायल, जानें खबरें

देश और दुनिया भर में कोरोना की लहर तेज गति से बढ़ रही है। कोरोना चारों ओर अपने पैर पसार रहा है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर समाप्त होने के बाद अब तीसरी लहर के आने की आशंका है। ऐसे में तीसरी लहर को बच्चों के लिए बहुत ही दुष्परिणामकारी माना जा रहा है। ऐसे में प्रशासन सहित सभी शोधकर्ता, वैज्ञानिक, चिकित्सक तथा अन्य लोग इन परिस्थितियों को देखकर बहुत ही सजग हैं।

बच्चों के लिए कई फार्मा कंपनियां कोरोना से लड़ने के लिए कई वैक्सीन की खोज कर रही है। आने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए तथा अधिक से अधिक बच्चों को संक्रमित होने से बचाने के लिए कई वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है। बच्चों को इस खतरनाक महामारी से बचाने में लिए वैज्ञानिकों और एक्सपर्ट्स द्वारा एक और कदम बढ़ाया गया है। वहीं सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया यानि पुणे की एसआईआई ने बच्चों के लिए कोवोवैक्स नामक एक वैक्सीन के ट्रायल की शुरुआत की थी।

Covovax

ऐसे में सुनने में आया है कि एक्सपर्ट पैनल ने कोरोना वैक्सीन Covovax के दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल ना करने की अनुमति की सिफारिश की है। केंद्रीय औषधि प्राधिकरण की एक विशेषज्ञ समिति ने कोरोना के लिए एक सीरम तैयार किया है, इस सीरम को 2 साल से 17 साल के बच्चों पर Covovax के दूसरे और तीसरे चरण की जांच के लिए मंगलवार को कुछ शर्तों के साथ अनुमति देने की सिफारिश कर रहा है।

Third Wave:- कोविड-19 के तीसरे लहर में नहीं होगी आक्सीजन की कमी, एम्स-रायपुर ने किया पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का कहना है कि वह 10 जगहों पर 920 बच्चों पर उसका ट्रायल करेगा। साथ ही यह भी कहा कि कंपनी ने बच्चों की सुरक्षा और प्रतिरक्षात्मकता को ध्यान में रखकर ही यह निर्णय लिया है। इस ट्रायल में 12 से 17 वर्ष और 2 से 11 आयु वर्ग के हर वर्ग में 460 बच्चों को शामिल करने की बात कही जा रही है।

सूत्रों से जानकारी मिली है कि 2 से 17 साल के बच्चों पर कोवोवैक्स के दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण की अनुमति मांगी जा रही है। एसआईआई द्वारा इस संशोधित प्रोटोकॉल के आवेदन पर CDSCO यानि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की कोविड-19 विशेषज्ञ समिति विचार कर रही है। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन समिति का कहना है कि इस कोवोवैकस वैक्सीन की अनुमति अब तक किसी भी देश को नहीं मिली है और साथ ही समिति ने यह भी बताया कि इस कोवोवैकस के अगले चरण के परीक्षण से पहले कम्पनी को क्लीनिकल ट्रायल और बच्चों की सुरक्षा और उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में पहले चरण के आंकड़े समिति के सामने पेश करने होंगे।

एसआईआई के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह और निदेशक डॉ प्रसाद कुलकर्णी ने जानकारी दी कि, भारतीय वयस्कों में चल रही Covovax के 2 और 3 चरण में नियंत्रित बाल चिकित्सा दल से संबंधित एक प्रोटोकॉल प्रस्तुत किया गया था।

Covovax
image source :-http://www.canva.com

सरकारी और नीयमाक मामले यानि एसआईआई के निदेशक और प्रकाश कुमार सिंह और डॉ प्रसाद कुलकर्णी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पूरी दुनिया में जवान और बूढ़े लोगों सहित 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को अपने अपने स्टार पर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अलग अलग वैक्सीन दी जा रही है जिससे उन्हें सुरक्षित रखा जा सके लेकिन वहीं 18 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों पर कोरोना की वैक्सीन का ट्रायल ही चल रहा है।

किसी भी देश ने अब तक बच्चों को इस महामारी से बचाने वाले टिके का खुल कर पुष्टि नहीं की है इसीलिए विशेषज्ञों ने बच्चों को अति संवेदनशील मानते हुए समूह में रखने को कहा है। एसआईआई के निदेशक द्वारा कही गई बात में यह भी बताया गया कि कई संवेदनशील बच्चों की मृत्यु हो रही है जिसमें कोरोना वायरस जैसी महामारी के साथ साथ कई दूसरे गम्भीर बीमारियां होने की भी खबर मिली हैं। इन सारी बातों को देखते हुए विशेषज्ञों, डॉक्टरों और वैज्ञानिकों द्वारा यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि कोरोना वायरस की आ रही तीसरी लहर बच्चों पर बुरा असर कर उन्हें प्रभावित कर सकती है।

लेटेस्ट लेख

Low Ejection Fraction: लो इजेक्शन फ्रैक्शन क्या है? जानिए लो इजेक्शन फ्रैक्शन के लक्षण एवं बचाव

Low Ejection Fraction: लो इजेक्शन फ्रैक्शन क्या है? जानिए लो इजेक्शन फ्रैक्शन के लक्षण एवं बचाव

More Articles Like This