Swine Flu ( H1N1 ) Kya Hota Hai जानिए Swine Flu Ke Karan, Lakshan Aur Gharelu Upay? | What is Swine Flue in Hindi its symptoms causes and Best Treatments

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Dr. Nick Kumar Jaiswal
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He is a professional blog writer for more than 2 years, he holds a degree in Doctorate in Pharmacy(Pharm D) with experience in medicine dispensing and medication ADRs. His interest in medicine makes him excellent in his research project. Now he prefers to write blogs about medications and diseases. His hobbies include football and watching Netflix. He loves reading novels and gain knowledge about more medication ADRs. He is very helpful in nature and you will often find him helping others in the treatment. डॉ जयसवाल 2 से अधिक वर्षों से एक पेशेवर ब्लॉग लेखक है, ये दवा वितरण और दवा एडीआर में अनुभव के साथ एक फार्म डी डिग्री होल्डर है। चिकित्सा में उनकी रुचि उन्हें अपनी शोध परियोजना में उत्कृष्ट बनाती है। अब वह दवाओं और बीमारियों के बारे में ब्लॉग लिखना पसंद करते हैं। उनके शौक में फुटबॉल और नेटफ्लिक्सिंग, उपन्यास पढ़ना और अधिक दवा एडीआर के बारे में ज्ञान प्राप्त करना शामिल है। वह प्रकृति में बहुत मददगार है और अक्सर आप इन्हे दूसरों की इलाज में मदद करते हुए देख पाएंगे ।

Swine Flu ( H1N1 ) Kya Hota Hai जानिए Swine Flu Ke Karan, Lakshan Aur Gharelu Upay? | What is Swine Flue in Hindi its symptoms causes and Treatments

इस दुनिया में बहुत सी बीमारी ऐसी हैं जो कि किसी महामारी से कम नहीं होती और यह बीमारी संक्रामक बीमारियां होती हैं जो कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को आसानी से लग जाती है आज हम आपको एक ऐसी ही बीमारी के बारे में बताएंगे जिसका नाम है Swine Flu ( स्वाइन फ्लू ) और डॉक्टरों की भाषा में इस बीमारी को H1N1 भी कहा जाता है आज हम आपको इसी बीमारी के बारे में विस्तार से बताएंगे कि

  • Swine Flu Kya Hota Hai – What Is Swine Flu In Hindi?
  • Swine Flu Ke Lakshan In Hindi – Symptoms Of Swine Flu In Hindi?
  • Swine Flu Ke Karan – Causes Of Swine Flu In Hindi?
  • Swine Flu Se Kaise Bache?
  • Swine Flu Se Bachne Ke Liye Gharelu Upay – Home Remedies For Swine Flu In Hindi?

Swine Flu Kya Hota Hai – What Is Swine Flu In Hindi?

स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी होती है, जो कि H1N1 वायरस के कारण फैलती है, स्वाइन फ्लू को स्वाइन इनफ्लुएंजा ( Swine Influenza ) तथा पांडेमिक इनफ्लुएंजा ( Pandemic Influenza )  की बीमारी के रूप में भी जाना जाता है, जो कि एक सांस की बीमारी होती है यह वायरस सूअर की श्वास नली को संक्रमित करता है, तथा इसके पश्चात यह वायरस मनुष्य में आ जाता है, जिसके परिणाम स्वरूप हमें शुरुआत में बहुत कम लक्षण दिखाई देते हैं परंतु यह धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं।

स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से गंदगी के कारण फैलने वाला रोग है, और ज्यादातर इसका मुख्य कारण भी सूअर ही बनते हैं क्योंकि सूअर एक ऐसा जानवर है जो कि गंदगी में रहना पसंद करता है, डब्ल्यूएचओ ( World Health Organization ) ने कुछ साल पहले स्वाइन फ्लू को महामारी का नाम भी दिया था, चलिए अब हम Swine Flu Ke Lakshan जान लेते हैं, ताकि हम वक्त रहते ही इस बीमारी का इलाज कर पाए।

Swine Flu Treatments

Swine Flu Ke Lakshan – Symptoms Of Swine Flu In Hindi?

अब हम आपको स्वाइन फ्लू बीमारी के कुछ लक्षण बताएंगे, जिन्हें देखकर आप आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि आपको स्वयं की हो चुका है, और आप समय रहते हैं इसका इलाज करवा सकते हैं :-

  • यदि आपको स्वाइन फ्लू हो जाता है, तो स्वाइन फ्लू होने पर आपको बहुत ज्यादा तेज बुखार हो जाता है, और यह बुखार सामान्य बुखार की तरह ही होता है जब आप दवाई लेते हैं तो यह बुखार थोड़े समय के लिए तो ठीक हो जाता है, परंतु कुछ ही घंटों के बाद आपको फिर से बुखार होने लगता है यदि आपके साथ ऐसा हो रहा है, तो आपको तुरंत ही डॉक्टर के पास जाना चाहिए और स्वाइन फ्लू की जांच करानी चाहिए।
  • स्वाइन फ्लू होने पर रोगी को बहुत ज्यादा सिर दर्द होता है, और उल्टी भी हो सकती है तथा बहुत ज्यादा बेचैनी भी रहती है।
  • स्वाइन फ्लू के लक्षण के रूप में आप को बुखार के साथ-साथ जुखाम भी हो सकता है, और आपके गले में भी बहुत ज्यादा खराश हो सकती है, जिसके कारण आप ना तो कुछ अच्छे से खा पाएंगे और ना ही अच्छे से बोल पाएंगे, इसीलिए इस प्रकार के थोड़े बहुत लक्षण दिखने पर ही तुरंत ही डॉक्टर के पास जाएं।
  • स्वाइन फ्लू बीमारी में रोगी को भूख बहुत ही कम लगती है, और इसके साथ साथी रोगी के पूरे शरीर के जोड़ों में दर्द रहता है और पूरा दिन वह सुस्त रहता है।
  • स्वाइन फ्लू बीमारी के लक्षणों के रूप में आपको 10 दिन भी लग सकते हैं, वैसे तो दस्त लगना बहुत सी बीमारियों का लक्षण है परंतु स्वाइन फ्लू बीमारी में भी आपको दस्त जरूर हो सकते हैं।

Swine Flu Ke Karan – Causes Of Swine Flu In Hindi?

जैसे कि हमने आपको बताया ही है, कि स्वाइन फ्लू H1N1 वायरस के कारण होता है, और यह वायरस दूसरों को ही संक्रमित करता है और फिर सूअर इस वायरस को मनुष्य में चलाते हैं, जिसके परिणाम स्वरूप नाक बहती है या भूख कम लगती है फिर बेचैनी होती है।

स्वाइन फ्लू वायरस ऐसा वायरस होता है जो कि लगभग 6 फुट की दूरी से ही दूसरे व्यक्तियों में फैल सकता है, और जब स्वाइन फ्लू से संक्रमित व्यक्ति कहीं पर भी खांसता है तो उसके मुंह से बैक्टीरिया निकलकर हवा में फैल जाते हैं और जो कोई व्यक्ति भी आसपास होता है, वह बैक्टीरिया उसी व्यक्ति को अपना शिकार बना लेते हैं, और फिर वह व्यक्ति भी स्वाइन फ्लू से संक्रमित हो जाता है।

ऐसा नहीं है कि यह रोग सिर्फ संक्रमित व्यक्ति के छींकने से ही आपको लग सकता है, इसके अतिरिक्त भी आपको बहुत कारणों से यह रोग हो सकता है, जैसे कि यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के कारण कोई वस्तु संक्रमित हो गई है और आप उस वस्तु को हाथ लगाते हैं, तो उसके कारण भी आपको स्वाइन फ्लू हो सकता है।

यदि आपके घर के आसपास सूअर घूमते हैं, और वह सूअर आपके घर के आसपास नालियों तथा रुके हुए पानी में मुंह मारते हैं, तो जब कोई व्यक्ति उस पानी के संपर्क में आता है तो उसे भी स्वाइन फ्लू हो जाता है।

यह भी पढ़े Chikungunya क्या है जानिए Chikungunya के कारण, लक्षण और बचने के उपाय? 

Swine Flu Se Bachne Ke Liye Gharelu Upay – Home Remedies For Swine Flu In Hindi?

अब हम आपको यह बताएंगे कि Swine Flu Se Kaise Bache क्योंकि यदि आपको Swine Flu Se Bachne Ke Upay पता चल जाएंगे तो फिर आप इस बीमारी से बच भी पाएंगे :-

  • यदि आप इस बीमारी से बचना चाहते हैं तो आपको बार-बार हाथ धोने चाहिए, आप जब भी खाना खाने बैठते हैं तो आपको खाना खाने से पहले अच्छी तरह एंटीबायोटिक साबुन से अपने हाथों को धोना चाहिए, ताकि आपके हाथों पर जमे हुए बैक्टीरिया मर सके।
  • यदि आप अपने घर के आस-पास सफाई करते हैं, तो आपको सफाई के दौरान तुरंत ही अपने चेहरे पर हाथ नहीं लगाना चाहिए, या फिर अपने शरीर के किसी हिस्से को नहीं छूना चाहिए।
  • आपको प्रतिदिन गर्म पानी में थोड़ा नमक डालकर गरारे करने चाहिए, क्योंकि इस प्रकार हम बैक्टीरिया से बच पाते हैं।
  • अपने घर के आस-पास सूअर आदि जानवरों को ना घूमने दें और यदि वह घूमते भी हैं, तो आपको नगर पालिका को सूचित करना चाहिए ताकि वह उन सूअरों को वहां से हटाकर किसी दूसरे स्थान पर ले जा सके, क्योंकि सूअर हमेशा गंदगी फैलाते हैं।
  • यदि आप घर से बाहर बाजार में जाते हैं तो हो सकता है, कि आपके आसपास के लोग स्वाइन फ्लू से संक्रमित हो इसीलिए बाजार में आपको हमेशा नाक और मुंह ढक कर रखने चाहिए, इसके लिए आप मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि यदि आपके नाक और मुंह ढके रहेंगे तो आप वायरस से भी बचे रहेंगे।
Swine Flu Causes
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Swine Flu Se Bachne Ke Liye Gharelu Upay – Home Remedies For Swine Flu In Hindi?

अब हम आपको Swine Flu Ke Gharelu Upay बताएंगे, जिन्हें जाने के बाद आप स्वाइन फ्लू होने पर भी घर पर ही अपना अच्छा इलाज कर पाएंगे, परंतु दवाई तो आपको खानी ही पड़ेगी, दवाई के साथ-साथ आप यह घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं :-

हल्दी ( Termeric )

हल्दी हमारे शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है, और इसमें बहुत से हो जिया गुण भी पाए जाते हैं जो कि कई प्रकार के वायरस को खत्म करने में मदद करते हैं, इसीलिए आपको रोज रात को सोते समय एक गिलास दूध में एक चम्मच हल्दी डालकर पीना चाहिए क्योंकि यदि हम दूध के साथ हल्दी का सेवन करते हैं, तो इससे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।

लहसुन ( Garlic )

लहसुन में बहुत से एंटीवायरल गुण होते हैं जो कि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, इसीलिए रोज सुबह खाली पेट लहसुन की दो कलियों को चबा चबा कर खाना चाहिए, और उसके साथ साथ गुनगुना पानी पीना चाहिए।

तुलसी ( Tulsi )

स्वाइन फ्लू होने पर आप तुलसी की आठ से 10 पतियों को गर्म पानी में उबालकर भी पी सकते हैं, क्योंकि तुलसी के पौधे में एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीवायरस गुण पाए जाते हैं, और यह दोनों गुण ही हमारे शरीर को बहुत सी बीमारियों से बचाते हैं।

गिलोय ( Giloy )

आप गिलोय की पत्तियों का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं, इसके लिए आपको गिलोय की आठ से 10 पतियों को पानी में 10 से 15 मिनट उबालना होगा और उसमें थोड़ी सी काली मिर्च, मिश्री तथा काला नमक मिलाना होगा और उसके पश्चात धीरे-धीरे इस काढे़ को पीना है यदि आप रोजाना इसका सेवन करते हैं, तो आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ेगी ही इसके साथ ही आपको स्वाइन फ्लू से भी छुटकारा मिल जाएगा।

एलोवेरा ( Aloevira )

एलोवेरा के बारे में तो आपने सुना ही होगा एलोवेरा का इस्तेमाल बहुत ही पुराने समय से किया जाता है और आयुर्वेद के द्वारा भी काफी बीमारियों में एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि एलोवेरा भी एंटीबायोटिक होता है और इसके साथ-साथ इसमें बहुत से औषधीय गुण भी पाए जाते हैं जो कि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं

इसीलिए आपको प्रतिदिन खाली पेट एलोवेरा जूस का सेवन करना चाहिए और एलोवेरा जूस का सेवन आप दिन में दो बार भी कर सकते हैं परंतु याद रहे कि आपको बिल्कुल शुद्ध एलोवेरा जूस का सेवन करना है, मतलब कि यदि आपके आसपास है फिर आपके घर में एलोवेरा का पौधा है तो आप उससे एलोवेरा जेल निकाल सकते हैं और उसका जूस बना सकते हैं।

हरी सब्जियों का सेवन

स्वाइन फ्लू होने पर आपको ज्यादातर हरी सब्जियों तथा दालों का सेवन करना चाहिए। क्योंकि हरी सब्जियों में भरपूर मात्रा में सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कि एक मानव शरीर के लिए पर्याप्त मात्रा में जरूरी पोषक तत्व पहुंचाते हैं इसीलिए हरी सब्जियों तथा ताजे फलों का सेवन भी जरूर करें।

Conclusion –

हम उम्मीद करते हैं कि स्वाइन फ्लू ( Swine Flu ) से संबंधित हमारी यह पोस्ट आपके लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होगी, इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको Swine Flu Se Bachne Ke Upay तथा Swine Flu Ke Gharelu Upay In Hindi बताए हैं, और इसके साथ-साथ हमने आपको Swine Flu Ke Lakshan तथा Causes Of Swine Flu In Hindi भी बताया है, जिसके कारण आप इस बीमारी का समय रहते ही इलाज करवा पाएंगे। यदि अब भी स्वाइन फ्लू से संबंधित कोई प्रश्न आपके मन में है, तो आप कमेंट सेक्शन में हमें बताएं हम आपको उसका जवाब जरूर देंगे। धन्यवाद

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