लेपटोस्पायरोसिस Leptospirosis क्या है – जानिए लेपटोस्पायरोसिस के लक्षण, कारण, बचाव और इलाज?| What Is Leptospirosis in Hindi Its Symptoms, Causes, Prevention and Best Treatments

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Dr. Arti Sharma
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लेपटोस्पायरोसिस Leptospirosis क्या है – जानिए लेपटोस्पायरोसिस के लक्षण, कारण, बचाव और इलाज?| What Is Leptospirosis in Hindi Its Symptoms, Causes, Prevention and Best Treatments

नमस्कार सभी का स्वागत है हमारे ब्लॉग में जैसे कि आप जानते ही हैं कि ऐसी बहुत सी बीमारियां हैं जो मनुष्य में जानवर के कारण फैलती है कुछ बीमारियां आम बीमारियों से बहुत ही ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है यदि समय रहते हैं इनका इलाज ना करें

आज हम आपको एक ऐसी ही बीमारी के बारे में बताने वाले हैं जिसका नाम है लेपटोस्पायरोसिस ( Leptospirosis ) यह एक ऐसी बीमारी है जो कि हमारे घर में मौजूद जानवरों के कारण ही चलती है इतना ही नहीं यह बीमारी जानवर तथा मनुष्य दोनों को संक्रमित करती है और दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है और यह बीमारी लेपटोस्पायरा ( Leptospira ) बैक्टीरिया की चपेट में आने के कारण फैलती है और इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा बरसात के मौसम में पड़ जाता है आगे हम इसके बारे में विस्तार से जानेंगे कि

  • Leptospirosis Kya Hai – What Is Leptospirosis In Hindi?
  • Leptospirosis Ke Lakshan In Hindi – Symptoms Of Leptospirosis In Hindi?
  • Leptospirosis Ke Karan – Causes Of Leptospirosis In Hindi?
  • Leptospirosis Se Bachne Ke Upay – Prevention Tips Of Leptospirosis In Hindi?
  • Leptospirosis Ka ilaj – Treatment Of Leptospirosis In Hindi?

Leptospirosis Kya Hai – What Is Leptospirosis In Hindi?

यह है एक इस प्रकार की बीमारी है जो कि हमारे आस पास के तथा घर के जानवरों के द्वारा हमें फैल सकती है। यह बीमारी एक Leptospira नामक बैक्टीरिया के कारण चलती है, और यदि इस बैक्टीरिया से संक्रमित जानवरों के मूत्र द्वारा प्रदूषित किए गए जल के संपर्क में हम आते हैं या फिर हमारे शरीर के किसी अंग पर घाव है, और उस घाव पर जानवर के मुंह से लार गिरती है तो इस कारण हम इस बैक्टीरिया की चपेट में आ सकते हैं, और वैसे तो घर के अंदर रहने वाले पालतू जानवर संक्रमित चूहे के यूरिन को चाटने से भी इस बीमारी से ग्रस्त हो सकते हैं।

Leptospirosis Ke Lakshan In Hindi – Symptoms Of Leptospirosis In Hindi?

Leptospirosis Ke Lakshan In Hindi - Symptoms Of Leptospirosis In Hindi?

अब हम आपको Leptospirosis Ke Lakshan बताएंगे। जिन्हें जानकर आप आसानी से इस बीमारी के बारे में पता लगा सकते हैं, क्योंकि यदि समय रहते ही इस बीमारी का इलाज कर लिया जाए तो ही बेहतर रहता है, अन्यथा इस बीमारी के कारण इंसान की मृत्यु भी हो सकती है :-

  • यदि आप इस बीमारी के बैक्टीरिया से संक्रमित हो जाते हैं, तो आपको लक्षणों के रूप में बहुत तेज बुखार हो सकता है यहां तक कि आपको 104 डिग्री बुखार भी हो सकता है।
  • इस वायरस से संक्रमित होने पर आपको अचानक से बहुत ज्यादा सिरदर्द हो सकता है, और गर्मी के मौसम में आपको बहुत ज्यादा ठंड लगने शुरू हो जाएगी, वैसे यह यह लक्षण आम बुखार में भी होते हैं परंतु आम बुखार में आप दवाई लेने से ठीक हो जाते हैं। मगर इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति बुखार की दवाई लेने पर भी ठीक नहीं होता, यदि इस प्रकार का लक्षण आपको अपने में दिखता है, तो आपको तुरंत ही जांच करा लेनी चाहिए।
  • इस बीमारी के लक्षणों के साथ-साथ आपको बहुत ज्यादा उल्टी भी हो सकती है तथा आप को चक्कर भी आ सकते हैं।
  • इस बीमारी के बैक्टीरिया से ग्रसित होने पर आपको मांसपेशियों में बहुत ज्यादा दर्द हो सकता है, इसके साथ-साथ आपको पीठ के निचले हिस्से में भी बहुत ज्यादा दर्द महसूस होने लगेगा तथा आपकी आंखों में बहुत ज्यादा जलन भी हो सकती है, यहां तक कि आपकी आंखें बहुत ज्यादा लाल भी हो सकती हैं।
  • इस वायरस से संक्रमित होने पर आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर सीधा असर पड़ता है, मतलब की आपको बहुत ज्यादा थकान रहने लगती है, यहां तक की आप आलसी भी हो जाते हैं और आप को सांस लेने में भी काफी परेशानी होती है।
  • इस बीमारी के लक्षणों के रूप में आपको बहरापन भी हो सकता है, क्योंकि बहुत से लोग जो कि इस बैक्टीरिया से ग्रसित होते हैं उनमें बहरेपन की समस्या भी देखी गई हैं।
  • यदि शुरुआती लक्षणों पर नियंत्रण ना किया जाए तो गंभीर लक्षणों के रूप में आपका वजन भी कम होना शुरू हो जाता है, और आपकी गर्दन भी जकड़ी हुई रह सकती है, तथा आपको नींद ना आने की समस्या भी हो सकती हैष तथा आपको किसी से भी बात करने में भी समस्या आ सकती है। क्योंकि आप ठीक से बोल ही नहीं पाएंगे।

Leptospirosis Ke Karan – Causes Of Leptospirosis In Hindi?

हमें यह भी पता होना चाहिए, कि Leptospirosis Kyu Hota Hai क्योंकि जब हम कोई बीमारी होने का बिल्कुल सही कारण जान लेते हैं, तो फिर हम इस बीमारी से बच भी पाते हैं :-

  • यह बीमारी इस बीमारी के बैक्टीरिया से संक्रमित पशुओं के मूत्र के कारण भी हमें हो सकती है, क्योंकि यदि बरसात के मौसम में आपके घर के आसपास पानी भरा हुआ हैष और उस पानी में इस बीमारी से संक्रमित जानवर मूत्र करते हैं, और यदि हम उस दूषित पानी की चपेट में आते हैं तो हम इस बीमारी से संक्रमित हो जाते हैं।
  • यदि हमारे हाथ पर कोई घाव है और हम अपने घरेलू जानवर के साथ खेल रहे हैं, तथा घरेलू जानवर यदि इस बीमारी से संक्रमित है तो उसके मुंह के अंदर से निकलने वाली लार यदि आपके घाव पर गिर जाती है, तो आप इस बीमारी से संक्रमित हो जाएंगे।
  • यदि आप अपने घर के आस-पास दूषित मिट्टी के संपर्क में आते हैं तो इस प्रकार भी है बीमारी हो सकती है, और यदि आप दूषित भोजन खा रहे हैं तो भी यह बीमारी आपको हो सकती है।

Note : इस बीमारी की एक खास बात हम आपको बता दें, कि यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती। परंतु यदि संक्रमित मां बच्चे को जन्म देती है या फिर स्तनपान कराती है, तो इस दौरान यह बीमारी बच्चे को हो सकते हैं।

यह भी पढ़े :- कलर ब्लाइंडनेस या वर्णान्धता क्या है – जानिए कलर ब्लाइंडनेस के कारण, लक्षण, बचाव तथा घरेलू इलाज?

Leptospirosis Ke Karan - Causes Of Leptospirosis In Hindi?

Leptospirosis Se Bachne Ke Upay – Prevention Tips Of Leptospirosis In Hindi?

आप इस बीमारी के बैक्टीरिया से बड़ी आसानी से बच सकते हैं, यदि आप कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखते हैं, तो चलिए अब हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताते हैं, जिनसे आप इस बीमारी के बैक्टीरिया से आसानी से बच सकते हैं :-

  • यदि आप बारिश के मौसम में कहीं बाहर निकलते हैं, तो आपको अपने पैरों के तलवों को अच्छी तरह कवर करना चाहिए। मतलब कि आप को अच्छी तरह जूते पहनने चाहिए और बारिश के पानी के संपर्क में जितना हो सके उतना आने से बचना चाहिए। तथा घर वापस लौटने पर आपको तुरंत ही अपने हाथ पर एंटीबैक्टीरियल साबुन से धोने चाहिए, ताकि आपको इस बैक्टीरिया से संक्रमित होने का खतरा कम हो जाए।
  • आपको स्विमिंग पूल तथा तालाबों मैं स्नान करने से बचना चाहिए क्योंकि हो सकता है, यह पानी भी दूषित हो और आप इस पानी के संपर्क में आते ही इस बीमारी से संक्रमित हो जाएं। इसीलिए स्विमिंग पूल तथा तालाबों में स्नान ना करें।
  • यदि आप बारिश के मौसम में अपने घर से बाहर निकलते हैं, तो आपको उस समय अपने हाथ भी अच्छे से ढकने चाहिए और यदि आपके हाथ या पैर पर घाव हैं, तो उस घाव को अच्छे से ढकना चाहिए ताकि जरा सा भी दूषित पानी उस घाव पर ना लग सके, क्योंकि घाव के द्वारा आप इस वायरस के संपर्क में सीधा जाते हैं।
  • यदि आपके घर के आसपास कोई जानवर मर गया है, तो उस जानवर को छूने से बचे हैं, और उस जानवर को दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए आप हाथों में अच्छे से रबड़ के दस्ताने पहने और उसके पश्चात आप अपने हाथों को एंटीबैक्टीरियल साबुन से अच्छे से धो लेंष ताकि किसी भी प्रकार का व्यक्ति भी आपके हाथों पर ना जमा रहे हैं।
  • यदि आपके घर में पालतू जानवर है, तो उन पालतू जानवरों को घर से बाहर इधर-उधर ज्यादा ना घूमने दें, क्योंकि घर के पालतू जानवर इस बीमारी की चपेट में काफी जल्दी आते हैं, और फिर उसके पश्चात वह मनुष्यों में बीमारी फैलाते हैं।
Leptospirosis Ka ilaj - Treatment Of Leptospirosis In Hindi?
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Leptospirosis Ka ilaj – Treatment Of Leptospirosis In Hindi?

  • यदि आप इस बीमारी का शुरुआती लक्षणों के अनुसार ही पता लगा लेते हैं, तो फिर इस बीमारी का इलाज करना काफी आसान हो जाता है और डॉक्टर आपको इस बीमारी के इलाज में एंटीबायोटिक दवाइयां देता है, जोकि इस बैक्टीरिया के लक्षण को खत्म करने में सहायता करती हैष और इसके साथ साथ ही यदि आपके शरीर में दर्द है तो दर्द के लिए डॉक्टर आपको पेन किलर भी दे सकता है, और इसी प्रकार से या इलाज तकरीबन 1 हफ्ते तक चलता है, और 1 हफ्ते के अंदर अंदर आप ठीक हो जाते हैं।
  • परंतु यह तो तब होता है जब आप इस बीमारी को शुरुआत में ही पहचान लेते हैं, मगर आप इस बीमारी को पहचानने में यदि देर करते हैं, तो फिर इसके कारण आपके शरीर का कोई अंग भी खराब हो सकता है और इसके साथ ही इस बीमारी के गंभीर लक्षण दिखने पर डॉक्टर आपको कुछ दिन के लिए अस्पताल में भी भर्ती कर सकता हैष क्योंकि जब यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है तो फिर इसका इलाज करना काफी कठिन हो जाता है, और इसीलिए डॉक्टर आपको हॉस्पिटल में भर्ती करता है।
  • इस बीमारी में दवाइयों के साथ-साथ आपको एक बेहतर जीवनशैली भी अपनानी  होती है, जैसे कि आपको ज्यादा तले हुए तथा ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। जितना हो सके आप साधारण भोजन ही खाएं तथा अपने खाने में हरी सब्जियां शामिल करें, जो कि आपके शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं, और साथ ही यदि आप कोई नशा करते हैं तो आपको उस पर भी नियंत्रण करना चाहिए।

Leptospirosis Conclusion :-

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह आर्टिकल बहुत ही पसंद आया होगा और इस आर्टिकल में बताई गई जानकारी भी आपको काफी ज्यादा फायदेमंद लगी होगी। जैसे कि आज ही साथी कल से हम नहीं है जाना है, कि Leptospirosis Kyu Hota Hai तथा Leptospirosis Ke Lakshan In Hindi और Leptospirosis Ke Karan इसके साथ ही हमने आपको Leptospirosis Se Bachne Ke Upay भी बताए हैं, ताकि आप इस बीमारी से बस सके और यदि आप Leptospirosis Ka ilaj करवाना चाहते हैं तो थोड़े बहुत कुछ लक्षण दिखने पर ही आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, यदि अब भी आपको हमसे कोई भी प्रश्न पूछना हो, तो आप कमेंट सेक्शन के माध्यम से वह सकते हैं। धन्यवाद

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