White Fungus For Corona(वाइट फंगस) क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण, निदान, रोकथाम, जोखिम कारक और सर्वोत्तम उपचार हिंदी में | What is White Fungus For Corona? Know Its Causes, Symptoms, Diagnosis, Prevention, Risk Factors, and Best Treatments in Hindi

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Dr. Puneet Boora
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Dr. Puneet Boora holds a Doctorate in Pharmacy (Pharm D) degree and have at least 1.5 years of writing experience in Health and Medicine related domains. He was a former writer for pharma magazines and articles. His hobbies including cricket, table tennis, and other sports. He is well known for his work in medicine dispensing and medical checkups. He prefers his work more and always tries to learn new therapeutic ways of medication dispensing. डॉ. पुनीत बोरा के पास फार्मेसी में डॉक्टरेट (फार्म डी) की डिग्री है और स्वास्थ्य और चिकित्सा से संबंधित डोमेन में कम से कम 1.5 वर्ष का लेखन अनुभव है। वह फार्मा पत्रिकाओं और आर्टिकल्स के पूर्व लेखक थे। क्रिकेट, टेबल टेनिस और अन्य खेल खेलना उनका शौक है। वह दवा वितरण और चिकित्सा जांच में अपने काम के लिए जाने जाते हैं। वह अपने काम को अधिक पसंद करते हैं और हमेशा दवा वितरण के नए चिकित्सीय तरीके सीखने की कोशिश करते हैं।

White Fungus For Corona(वाइट फंगस) क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण, निदान, रोकथाम, जोखिम कारक और सर्वोत्तम उपचार हिंदी में | What is White Fungus For Corona? Know Its Causes, Symptoms, Diagnosis, Prevention, Risk Factors, and Best Treatments in Hindi

कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण तो लोग काफी परेशान हैं, क्योंकि सरकार के द्वारा भारत में लॉकडाउन भी लगाया गया है, ताकि कोरोनावायरस के संक्रमण को रोका जा सके अभी कोरोनावायरस का संक्रमण थोड़ा बहुत कम हुआ ही था , पर हाल ही में दो नई बीमारियां और आ चुकी हैं, पहले तो कोरोनावायरस के बाद Black Fungus बीमारी ने लोगों को अपना शिकार बनाया, इस बीमारी की वजह से भी काफी लोगों की जान जा रही है, परंतु इसी के चलते अब White Fungus बीमारी भी आ गई है।

इस बीमारी का संक्रमण भी कोरोनावायरस की तरह फैल रहा है परंतु White Fungus संक्रमण Black Fungus से काफी खतरनाक है, क्योंकि इस बीमारी में व्यक्ति के मस्तिष्क तथा फेफड़े दोनों ही प्रभावित होते हैं। यह बीमारी व्यक्ति के केवल एक ही अंग नहीं बल्कि शरीर के हर एक हिस्से पर अपना असर डालती है। आज हम इस पोस्ट के माध्यम से White Fungus के बारे में विस्तार से जानेंगे की White Fungus Kya Hai तथा Symptoms Of White Fungus In Hindi इसी के साथ साथ हम आपको Causes Of White Fungus In Hindi तथा Treatment Of White Fungus In Hindi

वाइट फंगस क्या होता है – What Is White Fungus for Corona In Hindi?

  • वाइट फंगस एक संक्रमण है जोकि व्यक्ति के मस्तिष्क तथा फेफड़ों को अपनी चपेट में ले कर इन्हें प्रभावित करता है। यह संक्रमण केवल एक ही अंग नहीं बल्कि व्यक्ति के फेफड़ों तथा मस्तिष्क से लेकर हर एक अंग पर असर डालता है। पहले तो यह बीमारी कैंसर तथा एचआईवी के मरीजों में देखी जाती थी परंतु अब जो लोग कोरोनावायरस से ठीक हो चुके हैं। अब उन्हें भी यह बीमारी हो रही है या बीमारी अक्सर उन लोगों को होती है, जिनका इम्यूनिटी सिस्टम काफी कमजोर होता है या फिर जो लोग मधुमेह तथा एचआईवी के मरीज होते हैं, या फिर जो व्यक्ति स्टेरॉयड का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं तो उन्हें भी यह संक्रमण हो सकता है। वाइट फंगस बीमारी म्यूकॉरमाइसाइट्स ( Mucoramycites ) नामक फफूंद के कारण होती है।
  • यह बीमारी हमारे नाक के माध्यम से शरीर के बाकी अंगों तक पहुंचती है। यह फंगस हमारे वातावरण की हवा में मौजूद होता है और जब हम सांस लेते हैं तो सांस के जरिए यह है शरीर में फैल जाता है। इसके अतिरिक्त शरीर के कटे हुए अंग के माध्यम से भी यह है संपर्क कर सकता है। हम आपको बता दें कि, King George Medical University की Micro Logistic Department की Senior Doctor श्री शीतला वर्मा जी ने यह कहा है। इस वायरस कि जल्द ही पहचान करके इसका इलाज शुरू कर दिया जाएगा। यह एक ऐसा संक्रमण होता है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। इसीलिए आपको किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में नहीं जाना चाहिए और हमेशा मास्क लगाकर रखना चाहिए।
वाइट फंगस के लक्षण क्या है | Symptoms Of White Fungus In Hindi ?

वाइट फंगस के लक्षण क्या है – Symptoms Of White Fungus In Hindi ?

वाइट फंगस के बहुत से लक्षण होते हैं जैसे :-

  • डॉक्टरों के अनुसार जब व्यक्ति को वाइट फंगस संक्रमण हो जाता है, तो व्यक्ति को सिर में बहुत ज्यादा दर्द होता है, इसी के साथ साथ चक्कर भी आते हैं।
  • इस संक्रमण में व्यक्ति का नाक बंद हो जाता है, नाक में पपड़ी जमने लगती है और धीरे-धीरे व्यक्ति को सांस लेने में भी काफी तकलीफ होने लगती है।
  • इस संक्रमण की चपेट में आने पर व्यक्ति को उल्टियां भी लग सकती हैं। इसी के साथ साथ-साथ पेट भी काफी दर्द हो सकता है।
  • इस वायरस के संक्रमण में आते ही 24 घंटे के अंदर अंदर मरीज की आंखें गहरी लाल होने लगती हैं और इसी के साथ-साथ आंखों में सूजन भी आने लगती है।
  • इस संक्रमण का बुरा असर व्यक्ति के जोड़ों पर भी पड़ता है, जिसके कारण व्यक्ति के जोड़ों में काफी तेज दर्द होता है।
  • इस संक्रमण की चपेट में आते ही 2 से 3 दिन में व्यक्ति के शरीर पर छोटे-छोटे फोड़े होने लगते हैं जिनमें काफी दर्द भी होता है।
वाइट फंगस इंफेक्शन के क्या कारण है |  Causes Of White Fungus Infection In Hindi ?
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वाइट फंगस इंफेक्शन के क्या कारण है – Causes Of White Fungus Infection In Hindi ?

  • अगर कोई व्यक्ति दूषित पानी के संपर्क में आता है, तो उसके कारण भी उस व्यक्ति को वाइट फंगल इंफेक्शन हो सकता है। वैसे तो इस बीमारी की चपेट में वह मरीज आते हैं जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। यह फंगल इन्फेक्शन लोगों के फेफड़ों को संक्रमित कर देता है और जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है, तो वह व्यक्ति इस संक्रमण का आसानी से शिकार हो जाते हैं।
  • वैसे तो व्हाइट फंगस इंफेक्शन होने का मुख्य कारण व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता है, क्योंकि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण भी यह फंगल इन्फेक्शन व्यक्ति को अपना शिकार बनाता है।
  • इसके अतिरिक्त मधुमेह के रोगियों को भी व्हाइट फंगस होने का खतरा ज्यादा है, क्योंकि मधुमेह के रोगियों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी दूसरे लोगों के मुकाबले में काफी कम हो जाती है।
  • जो लोग स्टेरॉइड ( Steroid ) का अधिक सेवन करते हैं, तो उन्हें भी वाइट फंगस इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है, क्योंकि स्टेरॉयड के कारण भी व्यक्ति कें Immun System पर काफी असर पड़ता है।
  • अगर कोई व्यक्ति काफी दिन से बीमार पड़ा है, तो उसे भी व्हाइट फंगस इंफेक्शन आसानी से अपना शिकार बना सकता है।
  • हम आपको बता दें कि, वाइट फंगस इंफेक्शन ( White Fungus Infection ) हमारे आसपास वातावरण में मौजूद होता है। परंतु यह केवल उसी व्यक्ति पर असर करता है, जिसका इम्यून सिस्टम अच्छा नहीं होता।

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वाइट फंगस का खतरा किन लोगों को अधिक हैं – Who Are More At Risk Of White Fungus In Hindi ?

  • विशेषज्ञों के अनुसार आमतौर पर इस फंगस इंफेक्शन को कैनिडा फंगस ( Canida Fungus ) भी कहा जाता है। इस बीमारी से सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को है, जो काफी लंबे समय तक स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते थे या फिर जो लोग डायबिटीज के मरीज हैं, उन्हें भी इस बीमारी का अधिक खतरा है।
  • इसके अतिरिक्त जिन लोगों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्तर बहुत ही ज्यादा कम है, तो उन्हें भी इस बीमारी का खतरा काफी अधिक है।
  • नवजात शिशुओं में भी इस बीमारी का खतरा अधिक बना रहता है और खास तौर पर महिलाओं में यदि ल्यूकोरिया बीमारी है, तो उसके कारण भी उन्हें वाइट फंगस इंफेक्शन हो सकता है।
  • अगर किसी भी व्यक्ति को कैंसर एचआईवी या फिर वह व्यक्ति कुपोषण का शिकार है, तो उसके कारण भी वाइट फंगल इनफेक्शन उसे अपनी चपेट में ले सकता है, क्योंकि इस प्रकार के लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है।

व्हाइट फंगस इंफेक्शन से बचने के उपाय – Prevention Tips For White Fungus Infection In Hindi ?

अगर कोई व्यक्ति व्हाइट फंगस इंफेक्शन से बचना चाहता है, तो उसको अपनी जीवन शैली में भी बहुत से बदलाव करने होंगे जैसे कि :-

  • इस संक्रमण से बचने का सबसे अच्छा तरीका तो यह है कि, आप जब भी घर से बाहर निकलते हैं या फिर घर की छत पर जाते हैं तो आपको हमेशा अपने मुंह पर मास्क लगाकर रखना चाहिए, क्योंकि इस संक्रमण को फैलाने वाले वायरस हमारे वातावरण में ही मौजूद होते हैं और वह हमारी नाक के माध्यम से ही हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं।
  • अगर आपके आसपास कोई दूसरी तक नाली है या फिर घर के आस-पास दूषित जल पड़ा रहता है, तो आपको मां की साफ सफाई करवानी चाहिए, क्योंकि दूषित जल के संपर्क में आने से भी यह बीमारी हो सकती है।
  • अगर कोई व्यक्ति स्टेरॉयड का सेवन करता है, तो उस व्यक्ति को उस व्यक्ति को स्टेरॉयड का सेवन करना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि स्टेरॉयड भी इस बीमारी के होने का मुख्य कारण है।
  • अगर कोई व्यक्ति डायबिटीज का मरीज है तो उसको अपने शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा पर नियंत्रण बना कर रखना चाहिए क्योंकि अनियंत्रित ब्लड शुगर की वजह से भी व्यक्ति इस संक्रमण की चपेट में आ सकता है।
  • आपको अपने खाने-पीने का भी ध्यान रखना चाहिए, आपको रोजाना ताजे फल तथा सब्जियों का सेवन करना चाहिए। इसके साथ-साथ आपको कुछ ऐसे आहार का सेवन भी करना चाहिए, जो कि आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
  • आप यदि रोजाना लहसुन का सेवन करते हैं, तो लहसुन के सेवन से भी व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी हद तक बढ़ जाती है, इसलिए रोजाना सुबह खाली पेट लहसुन की एक से दो कली चबा चबाकर जरूर खाएं।
  • इस बीमारी में अक्सर व्यक्ति को सांस लेने की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। इसलिए आप रोजाना व्यायाम करें, क्योंकि यदि आप व्यायाम करते रहते हैं तो इसके कारण आपके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर भी बना रहता है, जिसके कारण यह बीमारी यदि आपको हो भी जाती है तो आपको ऑक्सीजन की कमी नहीं होती, इसी के साथ साथ आपका शरीर स्वस्थ भी रहता है।
  • अगर किसी व्यक्ति को कोरोनावायरस हुआ है तो कोरोनावायरस होने पर यदि वह हॉस्पिटल में एडमिट था, तो अपने आप को इस फंगस इंफेक्शन से बचाने के लिए कोरोनावायरस के मरीज के पास एकमात्र उपाय बचता है और वह है कि मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर पूर्ण रुप से विषाणुमुक्त रहें।

वाइट फंगस इन्फेक्शन का इलाज – Treatment Of White Fungus Infection In Hindi ?

अभी White Fungus Infection का पूर्ण रूप से इलाज तो नहीं है, परंतु यदि किसी व्यक्ति को यह संक्रमण हो रहा है, तो डॉक्टर उसे बचाने के लिए उस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्तर बढ़ाते हैं। इसके लिए वह मरीज को कुछ इम्यूनिटी बढ़ाने के इंजेक्शन भी लगा सकते हैं। इसी के साथ साथ वह व्यक्ति को घर पर ही रह कर अच्छा खाना खाने के लिए भी बोल सकते हैं या फिर कहीं तो पोस्टिक आहार का सेवन करने के लिए बोल सकते हैं, जैसे कि नारियल का पानी, कीवी, ड्रैगन फ्रूट, सेब, अनानास आदि।

White Fungus Conclusion:–

हम उम्मीद करते हैं कि आपको White Fungus Infection से संबंधित हमारी यह पोस्ट काफी पसंद आई होगी। इस आर्टिकल में हमने आपको White Fungus Se Bachne Ke Upay तथा Causes Of White Fungus In Hindi के बारे में बताया है। इसी के साथ साथ हमने आपको Symptoms Of White Fungus In Hindi तथा Home Remedies Of White Fungus In Hindi के बारे में भी बताया है, अगर अभी भी आपको हमसे Causes Of White Fungus In Hindi से संबंधित कोई प्रश्न पूछना हो, तो कमेंट सेक्शन में कमेंट करें। धन्यवाद

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