एस्पर्जिलोसिस (Aspergillosis) क्या है – जानिए इसके कारण लक्षण बचाव व इलाज ?| What is Aspergillosis? Its Symptoms, Causes, Prevention, and Best Treatment in Hindi

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Dr. Pranav Bhardwaj
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एस्पर्जिलोसिस (Aspergillosis) क्या है – जानिए इसके कारण लक्षण बचाव व इलाज ?| What is Aspergillosis? Its Symptoms, Causes, Prevention, and Best Treatment in Hindi

हाल ही में भारत के सभी लोगों कोरोनावायरस(Coronavirus) से तो काफी परेशान ही है, क्योंकि कोरोनावायरस के कारण सरकार ने लॉकडाउन भी लगा दिया है। जिसकी वजह से सभी लोगों का काम धंधा भी रुका हुआ है। अभी कोरोनावायरस तो ठीक हुआ नहीं परंतु कुछ और फंगस इंफेक्शन देश में देखे जा रहे हैं, जिनकी वजह से लोगों की लगातार मृत्यु हो रही है। हाल ही में कोरोनावायरस के साथ-साथ व्हाइट फंगस इंफेक्शन तथा ब्लैक फंगस इंफेक्शन का नाम तो सुना ही था।

अब देश में एस्पर्जिलोसिस ( Aspergillosis ) नाम का एक और फंगस इंफेक्शन आ चुका है और अब इसकी वजह से भी लोगों की मृत्यु हो रही है, परंतु यह फंगस इंफेक्शन ज्यादातर उन्हीं लोगों को अपना शिकार बनाता है, जिनके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली काफी कमजोर होती है। आज हम इस फंगस इंफेक्शन के बारे में आपको विस्तार से बताएंगे कि, यह किस प्रकार आप को नुकसान पहुंचा सकता है या फिर इसके क्या कारण है। इसी के साथ-साथ हम जानेंगे की :-

  • एस्पर्जिलोसिस  क्या होता है – What Is Aspergillosis In Hindi ?
  • एस्पर्जिलोसिस के क्या लक्षण होते हैं – Symptoms Of Aspergillosis In Hindi  ?
  • एस्पर्जिलोसिस के क्या कारण होते हैं – Causes Of Aspergillosis in hindi ?
  • एस्पर्जिलोसिस का परीक्षण कैसे होता है – Diagnosis Of Aspergillosis In Hindi ?
  • एस्पर्जिलोसिस के जोखिम कारक क्या है – Risk Factors Of Aspergillosis In Hindi ?
  • एस्पर्जिलोसिस से बचने के उपाय – Prevention For Aspergillosis In Hindi ?
  • एस्पर्जिलोसिस का इलाज – Treatment Of Aspergillosis In Hindi ?
Aspergillosis causes and Best Treatment | एस्पर्जिलोसिस  क्या होता है - What Is Aspergillosis In Hindi?

एस्पर्जिलोसिस  क्या होता है – What Is Aspergillosis In Hindi ?

यह एक ऐसा रोग है जो कि एलर्जी प्रतिक्रिया या फिर फंगस अधिक बढ़ने के कारण हो सकता है। आमतौर पर तो यह रोग एस्पर्जिलस नाम के एक फंगस के कारण होता है जिससे कि संक्रमण या एलर्जी होने लगती है। हम आपको बता दें कि यह फंगस आमतौर पर तो वृक्षों के पत्तों व अन्य मानस पतियों के सड़ने पर ही बनता है यह निश्चित नहीं है कि आप जब इस फंगस के संपर्क में आते हैं, तो आपको एस्पर्जिलोसिस रोग हो जाता है यह रोग सिर्फ उसी व्यक्ति को होता है,  जिसकी प्रतिरक्षा प्रणाली काफी कमजोर होती है।

वैसे तो इस फंगस की चपेट में लोग आते ही हैं परंतु प्रतिरक्षा प्रणाली के अनुसार वह जल्दी ठीक हो जाते हैं, लेकिन जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली बहुत ज्यादा कमजोर है, तो उन लोगों के लिए यह मृत्यु का कारण भी बन सकता है।

इस फंगस के संपर्क में जब लोग आते हैं तो उन्हें फेफड़ों से संबंधित रोग हो जाते हैं, वैसे तो आम व्यक्ति बहुत बार इस फंगस की संपर्क में आ जाता है, लेकिन ज्यादातर व्यक्ति बीमार नहीं पड़ते अब इस वायरस के कारण मृत्यु होने वाले लोगों की संख्या इसलिए बढ़ रही है। क्योंकि यह वायरस ज्यादातर अब कोरोनावायरस से ठीक हुए मरीजों पर भी अपना असर दिखा रहा है, क्योंकि कोरोनावायरस के कारण व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ जाती है इसके अतिरिक्त भी बहुत से कारण हैं, जिनकी वजह से यह व्यक्ति को हो सकता है जो कि हम आपकी आपको बताएंगे।

एस्पर्जिलोसिस के क्या लक्षण होते हैं – Symptoms Of Aspergillosis In Hindi  ?

हम आपको बता दें कि इस बीमारी के अलग-अलग प्रकार होते हैं जो व्यक्ति के शरीर को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकते हैं इस बीमारी के लक्षण इस बीमारी के प्रकार पर निर्भर करते हैं चलिए अब हम आपको एस्पर्जिलोसिस के लक्षण प्रकार के अनुसार बता देते हैं :-

एलर्जिक ब्रोंकोपल्मोनरी एस्पर्जिलोसिस (ABPA- Allergic Bronchopulmunory Aspergillosis)

एस्पर्जिलोसिस के इस प्रकार से एलर्जी संबंधित लक्षण होने लगते हैं, जैसे कि व्यक्ति को काफी ज्यादा खांसी होती है और खांसी के साथ साथ व्यक्ति को काफी ज्यादा घबराहट भी होती है क्योंकि उसकी छाती में दर्द भी हो सकता है, इसके अतिरिक्त व्यक्ति को सांस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर जिन लोगों को फेफड़ों से संबंधित बीमारी होती है, तो उन लोगों को Allergic bronchopulmonary Aspergillosis होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

इनवेसिव एस्पर्जिलोसिस(Invasive Aspergillosis)

यह इंफेक्शन आमतौर पर हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के काफी ज्यादा कमजोर होने के कारण ही होता है। यह इन्फेक्शन व्यक्ति के फेफड़ों को काफी हद तक प्रभावित करता है और गुर्दों तथा मस्तिष्क में भी धीरे-धीरे फैल जाता है। आमतौर पर तो उन लोगों को होता है, जो कि पहले ही बहुत ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिसके कारण उनके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली काफी ज्यादा कमजोर पड़ चुकी है और इसमें बहुत से लक्षण व्यक्ति को हो सकते हैं जैसे कि :-

  • काफी ज्यादा खांसी होना और खांसी के साथ साथ मुंह से बलगम भी निकलना।
  • छाती में काफी ज्यादा दर्द होना और इसी के साथ साथ सांस फूलना।
  • इनवेसिव एस्पर्जिलोसिस इंफेक्शन में व्यक्ति को काफी तेज बुखार भी हो सकता है।

एस्पर्जिलोमा ( Aspergilloma )

अगर कोई व्यक्ति पहले से ही टीवी या फेफड़ों संबंधित रोग से पीड़ित है तो वह व्यक्ति अगर इस फंगस के संपर्क में आता है तो उसे Aspergilloma होने का खतरा काफी अधिक बढ़ जाता है और इस प्रकार में व्यक्ति को लगातार खांसी रहती है और सांस लेने में भी तकलीफ होती है इसी के साथ साथ व्यक्ति को खांसी करते समय खांसी में खून भी निकल सकता है इसी के साथ-साथ इसके और भी कुछ लक्षण हो सकते हैं जैसे कि :-

  • छाती तथा हड्डियों में बहुत ज्यादा दर्द होना
  • आंखों से संबंधित समस्याएं उत्पन्न होना
  • पेशाब में खून आना
  • सिर दर्द होना
  • बहुत ज्यादा ठंड लगना
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • शरीर की त्वचा पर घाव होना
  • फेफड़ों में बलगम जमना
Aspergillosis causes and Best Treatment | एस्पर्जिलोसिस के क्या लक्षण होते हैं - Symptoms Of Aspergillosis In Hindi?

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए ? | When to see a Doctor in Aspergillosis

अगर आपको अस्थमा बीमारी है और आप को सांस लेने में काफी तकलीफ यह सांस लेने में बहुत से बदलाव महसूस हो रहे हैं, तो आपको तुरंत ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसके अतिरिक्त यदि आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है और आपको बिना किसी कारण ही बुखार, खांसी, सांस फूलना तथा बहुत ज्यादा थकावट आदि के लक्षण दिखाई देते हैं, तो आपको बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए और तुरंत ही किसी अच्छे डॉक्टर से जांच करवा लेनी चाहिए। क्योंकि यदि यह फंगस आपके शरीर में ज्यादा दिन तक रहता है, तो यह आपकी मृत्यु का कारण भी आसानी से बन सकता है।

यह भी पढ़े :- 2 DG Medicine Full Information in Hindi – |2 – DG Medicine क्या है?

एस्पर्जिलोसिस के क्या कारण होते हैं – Causes Of Aspergillosis in hindi ?

इस बीमारी के बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे कि :-

  • अगर आपको पहले से ही फेफड़ों से संबंधित बीमारी है या फिर अस्थमा रोग है, तो आपको Aspergillosis Disease होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।
  • अगर आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ( Defence system ) काफी ज्यादा कमजोर है, तो इसके कारण भी आपको यह बीमारी हो सकती है। खासतौर पर जब कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित होता है, तो उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली काफी कमजोर हो जाती है, जिसके कारण Aspergillosis Disease व्यक्ति को हो सकती है।
  • अगर किसी व्यक्ति को एचआईवी ( HIV ) या डायबिटीज ( Diabetes ) रोग है, तो उसके कारण भी यह बीमारी व्यक्ति को हो सकती है, क्योंकि एचआईवी तथा डायबिटीज रोग से पीड़ित व्यक्तियों की प्रतिरक्षा प्रणाली भी कमजोर होती है।
  • अगर आपके फोन में सफेद रक्त कोशिकाएं काफी कम है, तो उसके कारण भी Aspergillosis Disease आपको हो सकती है। इसके अतिरिक्त जिन लोगों को ब्लड कैंसर होता है, तो उन्हें भी Aspergillosis Disease आसानी से हो सकती है।
  • अगर कोई व्यक्ति काफी दिन से बीमार पड़ा है, तो उसे भी यह बीमारी आसानी से हो सकती है।
  • जो लोग दवाइयों तथा स्टेरॉयड का सेवन अधिक करते हैं, तो उन्हें भी Aspergillosis Disease का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

एस्पर्जिलोसिस का परीक्षण कैसे होता है – Diagnosis Of Aspergillosis In Hindi ?

अगर किसी व्यक्ति को इस बीमारी के थोड़े बहुत भी लक्षण दिखते हैं तो जलने दो के पास जाता है तो डॉक्टर बहुत से टेस्ट कर सकता है जिनके माध्यम से इस बीमारी के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है जैसे कि :-

  • इस बीमारी के लक्षण दिखने पर डॉक्टर आपका छाती का एक्सरे भी कर सकता है
  • फेफड़ों का सीटी स्कैन भी किया जा सकता है
  • स्पूटम स्टेन और कल्चर
  • आपकी बलगम का टेस्ट भी किया जा सकता है

एस्पर्जिलोसिस से बचने के उपाय – Prevention For Aspergillosis In Hindi ?

अगर कोई व्यक्ति एस्पर्जिलोसिस  से बचना चाहता है, तो उसको अपने अच्छे खान-पान का भी ध्यान रखना होगा और अच्छी जीवन शैली का भी ध्यान रखना होगा जैसे कि :-

  • इस बीमारी से बचने के लिए आपको अपने शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना होगा। इसके लिए आपको अपने खान-पान पर ध्यान देना होगा। आपको और रोजाना हरी सब्जियों तथा दालों का सेवन करना होगा, इसके साथ-साथ आप दूध का सेवन भी जरूर करें।
  • आपको लहसुन का सेवन भी अवश्य करना चाहिए, क्योंकि लहसुन खाने से हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली काफी हद तक मजबूत बनती है, जिसके कारण इस प्रकार के रोग हमें अपना शिकार नहीं बना पाते।
  • आपको रोजाना व्यायाम जरूर करना चाहिए, क्योंकि व्यायाम करने से व्यक्ति का शरीर तंदुरुस्त रहता है और ऊर्जा का स्तर भी बढ़ता है, इसी के साथ-साथ व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत बनती है।
  • जिन लोगों को डायबिटीज है तो वह अपने खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित रखें। यदि उनके शरीर में ब्लड शुगर नियंत्रित नहीं रहेगी, तो उसके कारण या बीमारी हो सकती है।
  • आपको बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए। खासतौर बाहर की तली हुई चीजें व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली को काफी कमजोर बनाती हैं, जिसके कारण इस प्रकार की बीमारियों उस व्यक्ति को अपना शिकार आसानी से बना लेती हैं।
  • धूम्रपान का सेवन बिल्कुल भी ना करें, धूम्रपान का सेवन करने से भी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली काफी हद तक कमजोर हो जाती है।
एस्पर्जिलोसिस से बचने के उपाय | Prevention For Aspergillosis In Hindi ?
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एस्पर्जिलोसिस का इलाज – Treatment Of Aspergillosis In Hindi ?

इस बीमारी का इलाज डॉक्टर के द्वारा इस बीमारी के लक्षणों के आधार पर ही किया जाता है। Aspergillosis Disease के शुरुआती लक्षणों में डॉक्टर बहुत सी एंटीफंगल दवाइयां भी देता है। एंटीफंगल दवाइयों ( Antifungal Medicines ) से व्यक्ति आसानी से ठीक हो जाता है। इसी के साथ साथ डॉक्टर के द्वारा कुछ ऐसी दवाइयां भी दी जाती हैं, जिनसे कि व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है।

Conclusion –

हम उम्मीद करते हैं कि, आपको इस पोस्ट के माध्यम से Aspergillosis Disease के बारे में सभी जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी। इस आर्टिकल में आपने जाना की Causes Of Aspergillosis Disease In Hindi तथा Symptoms Of Aspergillosis Disease In Hindi इसी के साथ साथ हमने आपको Treatment Of Aspergillosis Disease In Hindi तथा Prevention Tips Of Aspergillosis Disease In Hindi के बारे में बताया है। अगर अभी भी आपको हमसे Aspergillosis Disease In Hindi के बारे में कोई भी प्रश्न पूछना हो, तो आप कमेंट सेक्शन में कमेंट करके हमें बता सकते हैं। धन्यवाद

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