Underweight during pregnancy : गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का कम वजन होना बच्चे के लिए हो सकता है जानलेवा | Being underweight during pregnancy can be fatal for the baby.

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Dr. Arti Sharma
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Dr. Arti Sharma is a certified BAMS doctor with at least 2 years of article writing experience on various medication and therapeutic lines. She is known for her best work in ayurvedic medication knowledge and there uses. Her hobbies including reading books and writing articles. With a good grip in sports, she uses to play for her university cricket team as a captain. Her work for ayurvedic is well known. डॉ आरती शर्मा एक प्रमाणित BAMS डॉक्टर है जिन्हे कम से कम 2 साल का विभिन्न दवाइयों और चिकित्सीय रेखाओं पर लेखन का अनुभव है। वह आयुर्वेदिक दवाओं के ज्ञान और उनके उपयोग में अपने बेहतरीन काम के लिए जानी जाती हैं। उनका शौक किताबें पढ़ना और लिखना है। खेलों में अच्छी पकड़ के साथ, वह एक कप्तान के रूप में अपनी विश्वविद्यालय क्रिकेट टीम के लिए खेल चुकी हैं। आयुर्वेद के क्षेत्र में उनका काम अच्छी तरह से जाना जाता है।

Underweight during pregnancy: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का कम वजन होना बच्चे के लिए हो सकता है जानलेवा | Being underweight during pregnancy can be fatal for the baby.

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत से बदलाव होने लगते हैं, क्योंकि महिलाओं के शरीर में अलग-अलग हार्मोन बदलने लगते हैं जिसकी वजह से महिलाओं के शरीर में भी बहुत बदलाव आने लगते हैं जिसमें से एक समस्या यह भी है कि अगर गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का वजन बहुत कम होने लगता है। यह समस्या उनके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है। कुछ महिलाओं को यह पता नहीं होता है कि गर्भधारण करने से पहले उनका वजन कितना होना चाहिए। किसी किसी महिला का वजन तो गर्भावस्था के दौरान बढ़ जाता है। मगर कुछ महिलाओं का वजन नहीं बढ़ता जिन महिलाओं का वजन बढ़ जाता है तो इन महिलाओं को तो किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। मगर जिन महिलाओं का वजन नहीं बढ़ता या फिर जितना वजन होना चाहिए उतना वजन नहीं हैं, तो इस प्रकार की महिलाओं के लिए काफी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

 यहां तक कि उनके गर्भ में पल रहे बच्चे को भी अनेकों प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता हैं। आज हम आपको इसी से संबंधित सभी बातें बताएंगे की How Much Should a Woman Weigh During Pregnancy In Hindi तथा How Does Losing Weight During Pregnancy Affect their Baby In Hindi इसी के साथ-साथ हम How Can Women Gain Weight During Pregnancy In Hindi तथा What causes women to lose weight during pregnancy के बारे में भी जानेंगे।

Underweight during pregnancy

गर्भावस्था में महिलाओं का कितना वजन होना चाहिए – How Much Should a Woman Weight During Pregnancy In Hindi  ?

आपने अक्सर देखा होगा कई महिलाओं को वजन बढ़ने से कोई दिक्कत नहीं होती है लेकिन कुछ महिलाओं को वजन बढ़ने से बहुत दिक्कत होती है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का वजन न बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि मेटाबोलिज्‍म, मॉर्निंग सिकनेस, या महिलाओं को स्वास्थ्य से संबंधित कोई परेशानी होती है जिसकी वजह से उनका वजन नहीं बढ़ता हैं। गर्भावस्था के दौरान ओवरवेट ( Over Weight ) होने की तरह ही अंडरवेट ( UnderWeight ) होने के कुछ नुकसान होते हैं जिनके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। अगर किसी महिला का वजन कम होता है तो समझ लीजिए कि आपका वजन और गर्भावस्था का मेल सही नहीं है। जब महिलाएं गर्भधारण करना चाहती हैं तो उन महिलाओं को पहले अपना वजन चेक कराना चाहिए। अगर उन महिलाओं का वजन 45 किलो ग्राम से कम है तो उन महिलाओं को गर्भ धारण नहीं करना चाहिए। क्योंकि गर्भधारण करने के लिए महिलाओं का वजन कम से कम 45 किलोग्राम होना ही चाहिए । ऐसी बहुत सी महिलाएं होती हैं जो बहुत ज्यादा दुबली-पतली होती है और फिर भी वह गर्भधारण करना चाहती है अगर वें ऐसी स्थिति में गर्भधारण करने का सोचती है तो ऐसे में महिला को बहुत से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता हैं। इसलिए जिन महिलाओं का 45 किलोग्राम से भी वजन कम है तो उन महिलाओं को अपना वजन बढ़ाना चाहिए।

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गर्भावस्था के समय कम वजन होने से माता को क्या नुकसान हो सकता हैं – Loss to the Mother Duedue to Being Underweight During Pregnancy In Hindi ?

  • अगर कोई महिला अंडरवेट होती है तो उन महिलाओं के शरीर में पोषक तत्वों और आयरन की कमी के साथ-साथ उनके शरीर में फोलिक एसिड की कमी भी हो जाती है और इसी स्थिति में बहुत-सी महिलाओं को गर्भपात की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। क्योंकि गर्भावस्था के समय महिलाओं के लिए पोषक तत्व बहुत ही ज्यादा जरूरी होते हैं और जब हमारे शरीर का वजन ही बहुत ज्यादा कम या ज्यादा होता हैं, तो ऐसी स्थिति में शरीर में पोषक तत्वों की कमी आना एक आम बात है और पोषक तत्वों की कमियों में महिलाएं गर्भधारण करने के पश्चात भी बच्चे को जन्म नहीं दे सकती।
  • जो महिलाएं अंडरवेट होती है तो उन महिलाओं कि ज्यादातर डिलीवरी 9 महीने से पहले हो जाती है ज्यादातर ऐसी महिलाओं की डिलीवरी 37वे हफ्ते से पहले हो जाती हैं। बच्चे की डिलीवरी हो जाने के पश्चात भी बच्चा बिल्कुल भी स्वस्थ नहीं रहता बच्चे में जन्म से ही कोई ना कोई बीमारी होती है या फिर इस प्रकार के बच्चे कुपोषण का शिकार भी हो सकते हैं। जब महिलाएं समय से पहले ही बच्चे को जन्म देती हैं तो उस समय उनके शरीर को भी अनेकों प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • अगर गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अंडरवेट की समस्या है तो उन महिलाओं को गर्भ धारण करते समय सिजेरियन ऑपरेशन कराने की संभावन ज्यादा रहती है।
  • जिन महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान अंडरवेट की समस्या रहती है उन महिलाओं को अपने जीवन में आगे एनीमिया, ओस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का सामना भी करना पड़ सकता है, क्योंकि जो महिलाएं दुबली पतली होती है उन महिलाओं के शरीर में बहुत सी समस्याएं आ सकती है। ऐसी महिलाओं के शरीर में भ्रूण की जरूरतों को पूरा करने के लिए शरीर ने सभी पोषक तत्वों का इस्तेमाल कर लिया हैं। इसलिए अंडरवेट महिलाओं को आगे जाकर अपने जीवन में अनेकों प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं।
  • जो महिलाएं गर्भधारण अंडरवेट होने पर करती है उन महिलाओं को बहुत सी समस्याएं हो सकती हैं। जैसे ऐसी महिलाओं को स्तन से दूध भी बहुत कम आने लगता है इसे पूरा करने के लिए आपको सप्लीमेंट लेने होंगे।

गर्भावस्था में महिलाओं का वजन कम होने से उनके शीशु को किस प्रकार नुकसान पहुंच सकता है – How Losing Weight During Pregnancy Can Harm the Baby In Hindi ?

  • अगर गर्भावस्था के दौरान शिशु को अच्छे से पोषक तत्व और आयरन नहीं मिलता हैं , तो उन महिलाओं के शिशु का वजन जन्म से ही बहुत कम होता हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब शिशु गर्भ में होता है अगर उसे उस समय पोषक तत्व भरपूर मात्रा में नहीं प्राप्त होते हैं तो ऐसे में शिशु का वजन कम होता हैं।
  • अगर आप के शिशु का वजन जन्म के समय से ही बहुत ज्यादा कम है तो इसकी वजह से शिशु में हाइपोथर्मिया या शिशु को आगे चल कर लो ब्लड शुगर ( Law Blood Sugar ) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • जिन बच्चों का वजन कम होता है उन बच्चों की इम्यूनिटी भी कमजोर हो सकती है जिसकी वजह से बच्चों पर संक्रमण का ज्यादा खतरा रहता हैं।
  • ऐसे बच्चे को आगे चलकर डायबिटीज या रिश्ते से संबंधित कोई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • कई बार ऐसा भी होता है अगर गर्भवती महिला ज्यादा ही दुबली पतली होती है तो ऐसी स्थिति में कई महिलाओं और उसके शिशु की भी मृत्यु हो सकती है ।
  • अगर किसी बच्चे का वजन जन्म के समय से ही कम होता हैं, तो उन बच्चे को को बहुत सी समस्याएं हो सकती हैं। जैसे उन बच्चे को सीखने या समझने की क्षमता कम हो जाती है तो उन बच्चों को देखने और सुनने में भी दिक्कत हो सकती है।
Underweight during pregnancy

महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्व कैसे मिलेंगे – How Do Women Get Nutrients During Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के दौरान ऐसी बहुत सी बातें होती हैं जो आप ध्यान में रखकर आपने शिशु को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में दे सकते हैं।

  • गर्भावस्था में महिलाओं को अपने खाने-पीने का बहुत ध्यान रखना चाहिए। जब वें अपना खाना खाती है तो उन्हें अपने आहार में ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिनमें पोषक तत्व भरपूर मात्रा में हों। अगर आप गर्भावस्था के दौरान पोषक तत्व वाला आहार ग्रहण करेंगे तो आपके बच्चे को भी पोषक तत्वों की कमी नहीं होगी इसलिए गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए।
  • आपने अक्सर देखा होगा कई महिलाएं ऐसी होती हैं वें खाना तो खाती है लेकिन ऐसे आहार का सेवन करती है जिसमें पोषक तत्व बिल्कुल भी नहीं पाए जाते। अगर आप गर्भावस्था के दौरान ऐसे आहार का सेवन करेंगे तो आपके बच्चे को भी पोषक तत्वों की कमी होगी। अगर आपके बच्चे के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती हैं तो शिशु को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं। इसलिए हम आपको यह बता दे कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को ऐसे खाने का सेवन करना चाहिए जिसमें आयरन और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाया गया हो।
  • गर्भावस्था के दौरान बहुत सी महिलाएं ऐसी होती हैं जो पानी बहुत कम पीती हैं। कई महिलाओं को प्यास बहुत कम लगती है तो कोई महिलाएं जानबूझकर पानी कम देती है, लेकिन आज हम आपको यह बता दे कि अगर आप घर बसा के दौरान पानी कम पीती हैं तो आपके शरीर में फोलिक एसिड की कमी हो जाती है। अगर गर्भवती महिला के शरीर में फोलिक एसिड की कमी हो जाती हैं तो उन्हें अनेकों प्रकार की समस्याएं हो सकती है और महिला के बच्चो में भी फोलिक एसिड की कमी हो सकती हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पानी पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए जिससे कि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या ना हों।
  • नीचे अब हम आपको यह बताएंगे कि जो महिलाएं बहुत ज्यादा दुबली पतली होती है और गर्भवती होती हैं तो वें महिलाएं अपना वजन कैसे बड़ा सकती है जो हम आपको निकले जानकारी देंगे आप इसकी मदद से अपना वजन बढ़ा सकते हैं।
  • कई महिलाएं ऐसी होती है जो नाश्ता नहीं करती है लेकिन गर्भावस्था के दौरान या गर्भावस्था से पहले महिलाओं को नाश्ता अवश्य करना चाहिए और महिलाओं को अपने नाश्ता में ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जिसमें प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में हो।
  • जो महिलाएं दुबली पतली होती है उन महिलाओं को दिन में 2 से 3 बार खाना खाना चाहिए और जब वह खाना खाएंगे, तो उन्हें एक बात का ध्यान रखना होगा कि वह जो भी आहार ले रही है व संतुलित और स्वस्थ आहार ले अपने आहार में सूखे मेवे, नहीं आती और नेक्स्ट को भी शामिल करें।
  • गर्भावस्था के दौरान एक बात का ध्यान देना होगा कि आप जब गर्भवती होंगे तो आपको फास्ट फूड का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। बहुत सी महिलाएं ऐसी होती है जो फास्ट फूड खा कर ही अपना पेट भर लेती हैं, लेकिन अगर गर्भावस्था के दौरान फास्टफूड का सेवन करेंगे तो उसमें बिल्कुल भी पोषक तत्व नहीं होते हैं जिनकी वजह से आपकी शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसलिए घर रहता के दौरान आपको फास्टफूड का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए आपको ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिसमें पोषक तत्व भरपूर मात्रा में हो।
Underweight during pregnancy
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  • गर्भावस्था के दौरान आपको दूध पीना चाहिए दूध में प्रोटीन और कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है दूध पीने से आपका वजन बढ़ने में भी मदद मिल सकती है।
  • अगर कोई महिला अंडरवेट है तो उन महिलाओं को बिल्कुल भी व्यायाम नहीं करना चाहिए। बहुत सी महिलाएं ऐसी होती है जो दुबली पतली होने पर भी व्यायाम करती हैं। हम आपको यह बता देते हैं कि गर्भावस्था के दौरान वैसे तो व्यायाम करना ही नहीं चाहिए। अगर कोई महिला अपना वजन घटाने के लिए व्यायाम करती थी है तो बहुत कम करें। जो महिलाएं पहले ही दुबली पतली है उन्हें व्यायाम करने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं होती है इसलिए उन्हें व्यायाम नहीं करना चाहिए।
  • जो महिलाएं दुबली-पतली होती हैं तो उन महिलाओं को अपना वजन बढ़ाने के लिए अपने आहार में ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिससे उनका वजन बढ़ें। जैसे एवोकैडो, दालें, अनाज और ड्राई फूड का सेवन करना चाहिए लेकिन गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को एक बात का ध्यान देना होगा। इस व्यवस्था के दौरान बहुत ज्यादा ड्राई फूड का सेवन ना करें, क्योंकि बहुत से ड्राई फूड ऐसे होते हैं जो गर्म होते हैं और व्यवस्था में नुकसान दे सकते हैं। इसलिए गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को डॉग फूड का सेवन कम करना चाहिए उन्हें धर्म के दौरान हरी-हरी सब्जियों का बहुत ज्यादा सेवन करना चाहिए अगर हरी-भरी सब्जियां ज्यादा खाएंगे तो उनका वजन जल्दी बढ़ने लगेगा।

Conclusion –

गर्भवती महिलाओं को अपना वजन नियंत्रण करना क्यों जरूरी होता है और कम वजन वाली महिलाओं को किस प्रकार गर्भावस्था में नुकसान पहुंच सकता है इसके बारे में हमने आपको पूरी जानकारी दी हैं। हम आपको बता दें कि अगर गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का वजन 45 किलो से कम होता हैं, तो इस प्रकार की महिलाओं को गर्भधारण करने की सलाह आप बिल्कुल भी नहीं दी जाती। क्योंकि जिन महिलाओं का वजन कम होता है तो इस प्रकार की महिलाएं ना तो खुद स्वस्थ रह सकती है और ना ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती। इसके अतिरिक्त हमने जाना कि How Much Should a Woman Weigh During Pregnancy In Hindi तथा How Does Losing Weight During Pregnancy Affect their Baby In Hindi इसी के साथ-साथ हमनें How Can Women Gain Weight During Pregnancy In Hindi तथा What Causes Women to Lose Weight During Pregnancy In Hindi के बारे में भी जाना।

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