Baby Walk: बच्चे चलना कब सीखते हैं – जानिए बच्चों को चलना कैसे सिखाएं ? |When do children learn to walk – Know how to teach children to walk?

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Dr. Nick Kumar Jaiswal
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He is a professional blog writer for more than 2 years, he holds a degree in Doctorate in Pharmacy(Pharm D) with experience in medicine dispensing and medication ADRs. His interest in medicine makes him excellent in his research project. Now he prefers to write blogs about medications and diseases. His hobbies include football and watching Netflix. He loves reading novels and gain knowledge about more medication ADRs. He is very helpful in nature and you will often find him helping others in the treatment. डॉ जयसवाल 2 से अधिक वर्षों से एक पेशेवर ब्लॉग लेखक है, ये दवा वितरण और दवा एडीआर में अनुभव के साथ एक फार्म डी डिग्री होल्डर है। चिकित्सा में उनकी रुचि उन्हें अपनी शोध परियोजना में उत्कृष्ट बनाती है। अब वह दवाओं और बीमारियों के बारे में ब्लॉग लिखना पसंद करते हैं। उनके शौक में फुटबॉल और नेटफ्लिक्सिंग, उपन्यास पढ़ना और अधिक दवा एडीआर के बारे में ज्ञान प्राप्त करना शामिल है। वह प्रकृति में बहुत मददगार है और अक्सर आप इन्हे दूसरों की इलाज में मदद करते हुए देख पाएंगे ।
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Baby Walk: बच्चे चलना कब जीते हैं – जानिए बच्चों को चलना कैसे सिखाएं ?

बच्चे के जन्म के समय माता पिता जितना खुश होते हैं उससे कई गुना ज्यादा खुश वह तब होते हैं जब उनका बच्चा चलना शुरू करता हैं। क्योंकि बच्चे का चलना फिरना इस बात का सबूत होता है कि बच्चा पूरी तरह से मजबूत है और बच्चे के पालन पोषण में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी गई जब बच्चों का जन्म होता हैं, तो उस समय उनकी टांगों की मांसपेशियां इतनी ज्यादा विकसित नहीं हो पाती कि वह पूरे शरीर का वजन उठा सकें इसलिए बच्चा धीरे-धीरे ही चलना सीखता हैं।

यदि हम बच्चे का बचपन से ही ज्यादा ख्याल रखें और उसे वह सब जरूरी पोषक तत्व दे जिनकी उसके शरीर को आवश्यकता है तो बच्चा है जल्दी चलना फिरना भी शुरू कर देता हैं। जब बच्चा चलना शुरू करता है तो उससे पहले वह घुटनों के बल चलता हैं।

कई बार वह खड़े होने की कोशिश भी करता है जिससे कि उसके माता-पिता को इस बात का अंदाजा हो जाता है कि अब बच्चे की मांसपेशियां मजबूत होने लगी है और वह चलने के लिए तैयार हो रहा है बहुत से बच्चों को चलने में कभी अधिकतम में भी लग सकता हैं, क्योंकि हर एक बच्चे का शरीर अलग अलग होता है और उनका विकास भी अलग-अलग हिसाब से होता है इसीलिए कुछ बच्चों को जल्दी चलना आ जाता है तो कुछ बच्चे देर में चलना सीखते हैं।

आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको किसी से संबंधित सभी जानकारी देंगे की Bacha Chalna Kab Sikhta Hai तथा Bacho Ko Chalna Kaise Sikhaye इसी के साथ-साथ हम आपको When Do Babies Start Walking in Hindi से संबंधित सभी जानकारियां देंगे।

बच्चे चलना कब शुरु करते है -  When Do Babies Start Walking In Hindi ?

बच्चे चलना कब शुरु करते है –  When Do Babies Start Walking In Hindi ?

वैसे तो कुछ बच्चे 9 महीने की उम्र से लेकर 12 महीने की उम्र तक चलना शुरू कर देते हैं, लेकिन जन्म के पश्चात बच्चों को अच्छी तरह चलने में उन्हें 14 महीने से लेकर 16 महीने तक का समय भी लग सकता है बच्चे अपने शरीर के हिसाब से ही चलना सीखते हैं। यदि बच्चों की टांगो की मांसपेशियों का विकास जल्दी हो जाए तो वह 9 से 12 महीने की उम्र में भी चलने फिरने लगते हैं और कुछ बच्चों को चलना सीखने के लिए 17 से 18 महीने का वक्त भी लग सकता हैं, क्योंकि कुछ बच्चे कमजोर होते हैं जिसकी वजह से वह चलने फिरने में भी दूसरे बच्चों की अपेक्षा अधिक समय लेते हैं।

अगर बच्चों की माता गर्भावस्था के समय सही मात्रा में पोषक तत्व का सेवन करती है या फिर जब वह बच्चे को दूध पिलाती है। उस समय भी सभी जरूरी खाद्य पदार्थों का सेवन करती है तो उससे भी बच्चे जल्दी चलना फिरना शुरु कर देते हैं जब बच्चे जन्म लेते हैं, तो उनकी टांगों की मांसपेशियां उस वक्त विकसित हो रही होती हैं लेकिन उनमें अभी इतनी क्षमता नहीं होती कि वह बच्चे के वजन को सहन कर सकें। इसीलिए मांसपेशियां धीरे-धीरे ही विकसित होती हैं और जब मांसपेशियां पूरी तरह से विकसित होने लगती हैं, तो उस समय आपका बच्चा अपने पैरों पर खड़ा होने लगता है और फिर वह चलने की कोशिश करने लगता हैं। आपने बहुत बार देखा होगा कि जब बच्चा चलने की कोशिश करता है तो उससे पहले वह घुटनों के बल चलता है।

या फिर कहीं बाहर रहे खड़े होने की कोशिश करता है, लेकिन तुरंत ही गिर जाता है जब बच्चा खड़े होने की कोशिश करता है और तुरंत ही गिर जाता है तो उसका मतलब यह है कि उसके शरीर की मांसपेशियां में विकसित हो रही हैं। इसलिए हमें अपने बच्चों को जन्म से ही ताकतवर बनाने के लिए उन्हें जरूरी तत्वों का सेवन करवाना चाहिए।

बच्चे चलना कैसे सीखते हैं – How do Babies Learn to Walk In Hindi ?

अगर आप चलने में बच्चों की मदद नहीं भी करते तो भी बच्चा अपने आप चलने की काफी कोशिश करता है और जब बच्चा अपने आप चलने की कोशिश करता हैं, तो उस समय आपको बहुत से लक्षण दिखाई दे सकते हैं जैसे कि :-

1. घुटनों के बल चलना

बच्चों को घुटनों के बल चलने में 6 से 7 महीने का समय भी लग जाता हैं। जब घुटनों के बल चलने की कोशिश करते हैं और घुटनों के बल चलना शुरू भी कर देते हैं तो आप मान लीजिए कि अब बच्चों को अपने पैरों पर खड़े होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा, क्योंकि जब बच्चा चलना शुरू करता है तो उससे पहले वह घुटनों के बल चल कर ही सीखता है कि उसे किस प्रकार चलना हैं। इसीलिए जब आपका बच्चा घुटनों के बल चलता है तो उसे घुटनों के बल चलने देना चाहिए क्योंकि धीरे-धीरे गी वह सब चीजें सीखता हैं।

2. बार-बार खड़े होने की कोशिश करना

जब बच्चा चलना फिरना सीख रहा होता है, तो उस समय वह बार-बार खड़े होने की कोशिश करता है लेकिन मांसपेशियों को मजबूत ना होने के कारण वह बार-बार गिर जाता हैं। यदि आपका बच्चा ठीक इसी प्रकार बार-बार चलने फिरने की कोशिश करता है और गिर जाता है तो आप उसको इस प्रतिक्रिया को करने से ना रोके क्योंकि जब बच्चा चलना सीखता है, तो उसको थोड़ा बहुत दर्द होता ही है सभी बच्चे इसी प्रकार चलना सीखते हैं और आपका बच्चा भी ऐसे ही चलना सीखेगा।

3. सहारा लेकर खड़े होना

जब छोटे बच्चे चलना सीखते हैं तो वह चलना सीखने से पहले सहारा लेकर खड़े होने की कोशिश भी करते हैं, क्योंकि सहारा लेकर खड़े होना छोटे बच्चों के लिए काफी आसान होता हैं। इसीलिए बच्चे अपने घर पर सोफा बेड या कुर्सी की सहायता लेकर खड़े होने की कोशिश करते हैं। यदि उस सहारे की चीज को छोड़कर चलने की कोशिश करते हैं तो गिर जाते हैं लेकिन आपको उन्हें इस प्रतिक्रिया को करने से नहीं रोकना चाहिए, क्योंकि जब तक बच्चा इस प्रकार खड़े होने की कोशिश नहीं करेगा तो वह चलना भी नहीं सीख पाएगा।

4. हाथ पकड़कर चलना

अगर आपका बच्चा आपका हाथ पकड़ कर खड़ा हो जाता है और आपके साथ हाथ पकड़ कर चलने की कोशिश करता है तो आप उसे इसी तरह चलाने की कोशिश कीजिए, क्योंकि अपने माता-पिता का हाथ पकड़कर बच्चा काफी जल्दी चलना सीख जाता हैं। इसीलिए बच्चे के मां बाप को बच्चे को हाथ पकड़ कर चलने से नहीं रुकना चाहिए यदि व्यवस्था भी है तो उसको तुरंत ही उठाना चाहिए और अपना हाथ पकड़ा कर चलाना चाहिए, क्योंकि इस प्रकार बच्चे अपने मां बाप का हाथ पकड़कर बैलेंस बनाने की कोशिश करते हैं।

5. खुद चलने की कोशिश करना

जब आपके छोटे बच्चे चलना फिरना सीखना शुरू करते हैं, तो उस प्रकार का है बिना अपने मां-बाप या दादा दादी का इंतजार करें कि खुद ही चलने की कोशिश करते हैं भले ही वह बार-बार जमीन पर गिर जाते हैं लेकिन वह अपनी इस कोशिश को निरंतर करते रहते हैं जब बच्चा अपने आप ही किसी का भी सहारा लिए बिना चलने की कोशिश करता हैं, तो उस समय उसको फर्श पर चलने देना चाहिए, क्योंकि इस प्रकार आपका बच्चा काफी जल्दी चलना सीख जाएगा और उसे किसी के सहारे की आदत भी नहीं पड़ेगी।

बच्चों को चलने के लिए कैसे प्रोत्साहित करें - How to Encourage Children to Walk In Hindi ?

बच्चों को चलने के लिए कैसे प्रोत्साहित करें – How to Encourage Children to Walk In Hindi ?

जब आपका बच्चा 7 से 8 महीने का हो जाता हैं, तो उस समय आपको अपने बच्चे को चलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, क्योंकि आप उसे जितना जल्दी चलने के लिए प्रोत्साहित करेंगे उतना ही जल्दी रहे चलना फिरना सीखेगा। ऐसे बहुत से तरीके हैं जिनसे आप अपने बच्चे को चलने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं जैसे कि :-

1. उसका हाथ पकड़कर चलाने की कोशिश करें

जब आपका बच्चा घुटनों के बल चलना सीख जाता हैं, तो उस समय आपको उसका हाथ पकड़ कर उसे चलाने की कोशिश करनी चाहिए। यदि आप इस प्रकार अपने बच्चे को हाथ पकड़ कर चलाने की कोशिश करते हैं तो वह काफी जल्दी ही चलना सीख जाता है। क्योंकि चलने की शुरुआत बच्चे सहारा लेकर ही करते हैं। इसलिए आपको उन्हें रोजाना तीन से चार बार हाथ पकड़कर चलाने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि हाथ पकड़कर बच्चा काफी आसानी से चल लेता हैं। यदि वह नहीं चल पा रहा हैं, तो आपको उसे एक हाथ से पूरी तरह से Support देनी चाहिए कि वह आसानी से अपने पैरों को चला सकें।

2. अपने बच्चों को दूसरे बच्चों से मिलवाएं

अगर आपके घर के आसपास दूसरे छोटे बच्चे भी हैं जो कि आपके बच्चे से थोड़े ही बड़े हैं और चलना फिरना जानते हैं तो आप अपने बच्चों को उनसे भी मिलवा ना चाहिए और उनके साथ खेलने के लिए उन्हें छोड़ना चाहिए, क्योंकि जब बच्चे अपनी ही साथ के दूसरे बच्चों को चलता फिरता देखते हैं तो तब भी वह चलने फिरने के लिए प्रोत्साहित होते हैं और उन बच्चों को देखकर जल्दी ही चलना फिरना सीख जाते हैं। इसलिए आपको अपने बच्चों को दूसरे बच्चों के साथ खेलने देना चाहिए।

3. फर्श पर चलने दें

बहुत से माता-पिता अपने बच्चों को फर्श पर अकेला छोड़ने से डरते हैं। यदि आप अपने बच्चों को फर्श पर नहीं छोड़ेंगे तो वह काफी देरी से चलना सीखेंगें। इसलिए आपको अपने बच्चों को फर्श पर घूमने देना चाहिए, क्योंकि जब वह फर्श पर घुटनों के बल चल कर बार-बार चलने की कोशिश करते हैं। बार-बार खड़े होने की कोशिश करते हैं तो फिर वह काफी जल्दी ही चलना सीखते हैं इसलिए आपको अपने बच्चों को फर्श पर घूमने देना चाहिए। उनकी सुरक्षा के लिए आप अपने घर के फर्श को अच्छी तरह साफ सुथरा रख सकते हैं ताकि फर्श पर फैले बैक्टीरिया उन्हें नुकसान ना पहुंचा पाए।

4. अपने बच्चों को खिलौनों से खेलने दे

आपको अपने बच्चों की पसंद के खिलौनों को उन्हें खेलने के लिए देना चाहिए। आप उन्हें चलने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आप बच्चे को नीचे फर्श पर बिठाकर उसके पसंदीदा खिलौनों को फर्श से काफी दूर रख सकते हैं जिससे कि वह चलने की कोशिश करता हुआ अपने खिलौनों को उठाने के लिए जाएगा और इस प्रकार यदि आपका बच्चा अपने खिलौनों को उठाने के लिए जाता हैं, तो उसे चलने फिरने में मदद मिलती है क्योंकि जब बच्चा खिलौने लेने के लिए जाएगा तो उसे चलकर जाना पड़ेगा जब बच्चा खिलौने लेने जाएगा, तो आपको उसकी उसमें सहायता नहीं करनी है उसे खुद ही खिलौने लेने देना है इस प्रकार भी आपका बच्चा काफी जल्दी चलना सीख पाएगा।

बच्चों को चलना कैसे सिखाएं – How to Teach Kids to Walk In Hindi ?

आप अपने बच्चों को खुद भी चलना सिखा सकते हैं। यदि आप खुद ही अपने बच्चों को चलना सिखाएंगे, तो फिर आपके बच्चों के लिए चलना काफी आसान हो जाएगा बहुत से तरीके हैं, जिनसे आप अपने बच्चों को काफी आसानी से चलना सिखा सकते हैं जैसे कि :-

1. बच्चों को खेलने के लिए फुटबॉल दें

आप अपने बच्चों को खेलने के लिए फुटबॉल भी दे सकते हैं, क्योंकि जब बच्चा अपने पैरों से फुटबॉल को किक मारने की कोशिश करेगा, तो उसकी वजह से भी आपका बच्चा काफी जल्दी चलना सीख पाएगा आप फुटबॉल लेकर अपने बच्चे के पैरों के पास रख सकते हैं। धीरे-धीरे वह फुटबॉल को पहले हाथों से इधर-उधर फेंकने की कोशिश करेगा, फिर उसके पीछे भागते हुए जाएगा और फिर वह धीरे-धीरे खड़ा होने की कोशिश करके अपने पैरों से फुटबॉल को लात मारने की कोशिश करेगा यदि इस प्रकार आपका बच्चा करता हैं, तो उसे चलना फिरना सीखने में काफी आसानी होती हैं।

2. बच्चे को चलाने के लिए सहारा दे

आपको अपने छोटे बच्चे को चलाने के लिए उसे सहारा अवश्य देना चाहिए। यदि आपका बच्चा खड़े होने की कोशिश बार-बार करता है या फिर वह घुटनों के बल चलता हैं, तो आपको उसके हाथों को पकड़ता है उसे सोफे या मेज के सहारे खड़ा कर देना चाहिए। यदि इस प्रकार आपका बच्चा सहारा लेकर खड़े होने की कोशिश करता हैं, तो फिर वह काफी जल्दी ही खड़ा होना सीख जाता है और अपना बैलेंस बनाना भी सीख जाता है बच्चा जब तक चलना फिरना नहीं सीखता। जब तक वह बैलेंस बनाना नहीं जानता यदि एक बार आपका बच्चा बैलेंस बनाना सीख जाता हैं, तो उसके पश्चात आपका बच्चा आसानी से चल कर सकता हैं। इसलिए बच्चे को सहारा देकर बैलेंस बनाने में मदद करें।

3. बच्चे को छोटे स्टूल पर बिठाए

आपको अपने छोटे बच्चे के लिए बाजार से एक छोटा स्टूल लेकर आना चाहिए या फिर बनवाना चाहिए और उस स्टूल पर अपने बच्चे को बैठना सिखाना चाहिए क्योंकि जब आपका बच्चा बिना सहारे के बिना पीठ लगाएं स्टूल पर बैठता हैं, तो उसकी कमर की हड्डी बिल्कुल सीधी रहती है जिसकी वजह से उसे आगे भविष्य में स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलती हैं। इसी के साथ-साथ आपको जून के आसपास बच्चे के पसंदीदा खिलौने रख देना चाहिए ताकि वह स्कूल से झुक कर नीचे पैर लगाकर अपने खिलौनों को उठाने की कोशिश करें। यदि इस प्रकार बच्चा चुप कर जमीन पर पैर लगाकर अपने खिलौनों को उठाने की कोशिश करता हैं, तो इस प्रकार भी बच्चे की टांगो की मांसपेशियां काफी विकसित होती है और मजबूत भी बनती है जो कि उसे चलने फिरने में मदद करती हैं।

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4. फर्श पर खिलौनों को फैला दें

आपको अपने बच्चे की मांसपेशियां मजबूत करने के लिए बच्चे के पसंदीदा खिलौने फर्श पर फैला देना चाहिए और फिर फर्श की दूसरी तरफ एक टोकरी रख देनी चाहिए और अपने बच्चे को सभी खिलौने उठा कर टोकरी में रखने के लिए बोलना चाहिए। यदि इस प्रकार आपका बच्चा फर्श पर अलग-अलग जगह फैले हुए खिलौने उठाकर टोकरी में डालता हैं, तो इस प्रकार भी आपके बच्चे की मांसपेशियां काफी हद तक विकसित होती है और उसे चलने फिरने में काफी मदद मिलती है।

5. अपने बच्चे को चलना सिखाने के लिए उसे वॉकर दें

आपको अपने बच्चों को चलना सिखाने के लिए उन्हें एक Walker खरीद कर देना चाहिए, क्योंकि जब आपका बच्चा इसमें बैठकर जमीन पर अपने पैर लगाकर जल्दी जल्दी चलने फिरने की कोशिश करता है तो इस प्रकार भी आपके बच्चे की पैरों की मांसपेशियां काफी ज्यादा विकसित होती है और उसे चलने फिरने में भी मदद मिलती है इसीलिए आप अपने बच्चे को 8 से 9 महीने की उम्र में Walker खरीद कर दे सकते हैं। पुराने समय से बच्चों को जल्दी चलना सिखाने के लिए Walker का इस्तेमाल ही किया जाता है।

6. अपने बच्चों के साथ खेलें

बच्चों को जल्दी चलना सिखाने के लिए आपको उनके साथ खेलना चाहिए उनके साथ खेलने के लिए आप एक बोल ले सकते हैं, बच्चों को बोल दिखा कर अपने घर में दूसरी जगह बोल को फेंक सकते हैं और फिर आप अपने बच्चे को बोला था के लिए कहिए और जब आपका बच्चा जल्दी जल्दी कुछ बोल को लेने जाएगा और बोल को लेकर वापस आएगा तो इस प्रकार भी आपका बच्चा फुर्तीला तो होगा ही इसी के साथ-साथ उसके शरीर की मात्रा भी काफी जल्दी विकसित होंगी। जिनकी वजह से वह काफी जल्दी खड़ा होना सीख जाएगा और फिर चलने की कोशिश भी करने लगेगा।

7. बच्चों को जमीन पर नंगे पैर घूमने दें

आपको अपने बच्चों को जमीन पर नंगे पर घूमने देना चाहिए। क्योंकि एक्सपर्ट का भी यह कहना है कि जब आपके बच्चे वर्ष पर नंगे पैर घूमते हैं, तो नंगे पैर चलने फिरने से या फिर नंगे पैर खड़े होने की कोशिश करने से वह काफी जल्दी बैलेंस बनाना सीख जाते हैं और फिर धीरे-धीरे रहे चलना भी सीख जाते हैं, इसलिए आपको अपने बच्चों को नंगे पैर ही घर में घूमने देना चाहिए।

8. शाम के वक्त बच्चों को पार्क में ले जाएं

आपको अपने बच्चों को पार्क में लेकर जाना चाहिए और पार्क में उन्हें दूसरे बच्चों के साथ खेलने देना चाहिए। जब आपके छोटे बच्चे दूसरे बच्चों को देखते हैं तो उन्हें देखकर वह काफी जल्दी चलना सीखते हैं। इसलिए आपको अपने बच्चों को शाम के वक्त पार्क में सैर कराने के लिए ले जाना चाहिए, क्योंकि पार्क की ठंडी हवा खाकर आपके बच्चे का स्वास्थ्य भी बिल्कुल ठीक रहता है और इसी की वजह से उसके शरीर की मांसपेशियों को तो विकसित होने में मदद मिलती हैं। इसी के साथ-साथ बच्चे के फेफड़ों को भी विकसित होने में मदद मिलती हैं।

ऐसी कौन सी खाने की चीजें हैं जो बच्चे को चलने में मदद करेंगी - What Are the Foods that Will Help Baby Walk In Hindi ?
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ऐसी कौन सी खाने की चीजें हैं जो बच्चे को चलने में मदद करेंगी – What Are the Foods that Will Help Baby Walk In Hindi ?

ऐसी बहुत सी खाने की चीजें होती हैं जिनसे आपका बच्चा काफी जल्दी चलना फिरना सीख जाता हैं, क्योंकि उसके शरीर की मांसपेशियां काफी मजबूत बन जाती हैं जैसे कि :-

1. दूध

आपको अपने बच्चों को अधिक से अधिक दूध पिलाना चाहिए। यदि आपका बच्चा अधिक से अधिक दूध पीता हैं, तो दूध पीने से भी बच्चे की मांसपेशियां काफी ज्यादा मजबूत बन जाती हैं और उसे जल्दी चलने में मदद मिलती है दूध में कैल्शियम के साथ-साथ और भी बहुत से जरूरी तत्व होते हैं, जो कि बच्चों के विकास के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।

2. केला

आपको अपने छोटे बच्चों को केला भी खिलाना चाहिए। आप उन्हें केले को अच्छी तरह मैश करके अपने बच्चों को खिला सकती हैं। यदि आपके बच्चे केले का सेवन भी करते हैं, तो केले का सेवन करने के पश्चात भी आपके बच्चों की मांसपेशियां काफी मजबूत बनती हैं, क्योंकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक केले को संपूर्ण आहार माना जाता है जो कि बच्चे के शरीर में हर एक प्रकार की कमी को भी पूरा करता हैं।

3. बच्चे को दूध के साथ प्रोटीन वाली चीजें मिक्स करके दें

आप अपने बच्चे को मजबूत बनाना चाहते हैं और उसकी मांसपेशियों को मजबूत करना चाहते हैं तो आपको अपने बच्चों को दूध में Bournvita, Hourlicks, Pedia Sure, आदि बचपन से ही पिलाना चाहिए, क्योंकि इनका सेवन करने से भी बच्चे अंदर से काफी मजबूत बनते हैं और उनकी मांसपेशियां भी विकसित होती हैं।

4. दलिया

आपको अपने छोटे बच्चों को बिल्कुल पतला दलिया बनाकर भी चम्मच की सहायता से खिलाना चाहिए, क्योंकि दलिया छोटे बच्चों के शरीर के विकास के लिए बेहद ही आवश्यक माना जाता हैं। इसीलिए छोटे बच्चे को दलिया खिलाना काफी आवश्यक है।

Conclusion –

बच्चे बचपन में किस प्रकार चलना सीखते हैं और उन्हें चलने फिरने में कौन सी चीजें मदद कर सकती हैं उनके बारे में हमने आपको विस्तार से बता दिया हैं, इसके अतिरिक्त आज की इस पोस्ट के माध्यम से हमने Bacha Chalna Kab Sikhta Hai तथा Bacho Ko Chalna Kaise Sikhaye इसके बारे में बताया हैं। इसी के साथ-साथ हमने आपको When Do Babies Start Walking in Hindi के बारे में भी आपको पूरी तरह बता दिया है। अब यदि आपको हमसे What Are the Foods that Will Help Baby Walk In Hindi के बारे में कोई भी सवाल पूछना हो, तो आप कमेंट सेक्शन में कमेंट करके उनसे पूछ सकते हैं। धन्यवाद

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