Diet during pregnancy: प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने में भूलकर भी ना खाए यह चीजें वरना हो सकता है मिसकैरेज

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Dr. Arti Sharma
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Dr. Arti Sharma is a certified BAMS doctor with at least 2 years of article writing experience on various medication and therapeutic lines. She is known for her best work in ayurvedic medication knowledge and there uses. Her hobbies including reading books and writing articles. With a good grip in sports, she uses to play for her university cricket team as a captain. Her work for ayurvedic is well known. डॉ आरती शर्मा एक प्रमाणित BAMS डॉक्टर है जिन्हे कम से कम 2 साल का विभिन्न दवाइयों और चिकित्सीय रेखाओं पर लेखन का अनुभव है। वह आयुर्वेदिक दवाओं के ज्ञान और उनके उपयोग में अपने बेहतरीन काम के लिए जानी जाती हैं। उनका शौक किताबें पढ़ना और लिखना है। खेलों में अच्छी पकड़ के साथ, वह एक कप्तान के रूप में अपनी विश्वविद्यालय क्रिकेट टीम के लिए खेल चुकी हैं। आयुर्वेद के क्षेत्र में उनका काम अच्छी तरह से जाना जाता है।

Diet during pregnancy: प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने में भूलकर भी ना खाए यह चीजें वरना हो सकता है मिसकैरेज

जैसे कि आप सब जानते हैं कि गर्भावस्था के तीन महीने महिलाओं के लिए बहुत ही नाजुक होते हैं इन तीन महीनों में महिलाओं के लिए मिसकैरेज ( Miscarriage ) का खतरा बहुत ज्यादा रहता है और यही वजह है कि प्रेग्नेंट महिलाओं को पहले तीन महीने में अपने खान-पान को लेकर बहुत सावधानियां बरतनी पड़ती हैं अगर महिलाएं अपने खाने का ध्यान नहीं रखती हैं तो उनके बच्चे को मिसकैरेज हो सकता हैं।

वैसे तो Gynecologist Doctor के द्वारा प्रेग्नेंट महिलाओं को यह सलाह दी जाती है कि उन्हें ज्यादातर अधिक Calcium, Protein, Vitamins वाले पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो कि उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमियों को भी पूरा करते हैं।

इसके अतिरिक्त डॉक्टर महिलाओं के शरीर को देखकर उसी हिसाब से अलग से कुछ पीने वाली दवाइयां भी लिखते हैं जिससे कि महिलाओं के शरीर में गर्भावस्था के दौरान सभी पोषक तत्वों की कमियों को पूरा किया जाता है क्योंकि बच्चे को जन्म देने के लिए महिला पूरी तरह से स्वस्थ होनी जरूरी हैं जो महिलाएं अपने खाने पीने को लेकर चिंतित रहती हैं उनके लिए हमारी यह पोस्ट काफी फायदेमंद होने वाली हैं,

क्योंकि आज ही इस पोस्ट के माध्यम से हम Postic Diet in Early Pregnancy In Hindi तथा What to Eat in Early Pregnancy In Hindi के बारे में बताएंगे। इसके अतिरिक्त हम आपको What Precautions should be taken Regarding Eating and Drinking During Pregnancy In Hindi के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताएंगे।

Diet during pregnancy

गर्भावस्था के पहले 3 सप्ताह भूलकर भी इन चीजों का सेवन ना करें

जब महिलाएं खाना खाती हैं तो उन्हें अपने खाने में कुछ खास चीजों को शामिल नहीं करना चाहिए। आज हम आपको इन्हीं सब चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं की गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में महिलाओं को क्या नहीं खाना चाहिए।

मिसकैरेज का कारण एलोवेरा जूस

जैसे कि हम सब जानते हैं की एलोवेरा हमारे बालों और तो त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है और एलोवेरा का जूस पीने से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं एलोवेरा का जूस पीने से कई बीमारियों से बचा जा सकता हैं। हम बता दें कि प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए एलोवेरा का जूस जहर का काम करता है प्रेग्नेंट महिलाओं को एलोवेरा का जूस नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे प्राइवेट हिस्से में महिलाओं को ब्लडिंग हो सकती हैं इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को पहले तीन महीनों में एलोवेरा का जूस नहीं पीना चाहिए।

कच्चा मांस

गर्भवती महिलाओं को पहले तीन महीनों में कच्चा मांस नहीं खाना चाहिए, महिलाओं को पहले तीन महीनों में कच्चा मांस खाने से बचना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कच्चा मांस खाना अच्छा नहीं माना जाता, इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को कच्चा मास नहीं खाना चाहिए। कच्चे मांस में salmonella e-coli जैसे कई जीवाणु होते हैं जो कि महिलाओं के लिए फूड प्वाइजनिंग का कारण बनते हैं।

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कई महिलाएं ऐसी होती है जो की महा सारी होती है और वह बिना मांस खाए नही रह सकती तो उन महिलाओं  को पहले मास को अच्छे से साफ-सुथरे पानी से धोना चाहिए, मीट को धोने के बाद प्रेग्नेंट महिलाओं को अपने हाथों को भी अच्छी तरह से साबुन से धोना चाहिए और फिर आप मास को अच्छे से पका कर खा सकते हैं।

मछली

मछली प्रोटीन का सबसे अच्छा स्त्रोत मानी जाती है और मछली में Omega-3 Fatty Acid बहुत मात्रा में मौजूद होती हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए यह दोनों पोषक तत्व बहुत ही लाभदायक होते हैं। मछली में और भी कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं लेकिन इनमें सबसे अधिक मात्रा में मरकरी होता है जो प्रेग्नेंट महिलाओं के बच्चे के लिए नुकसान देता है।

इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को मांस मच्छी खाने के लिए इसलिए मना किया जाता हैं, क्योंकि प्रेग्नेंट महिलाओं को मांस मछली खाने से प्रेग्नेंट महिलाओं को पेट में सूजन और त्वचा पर लाल रंग के छोटे छोटे दाने हो जाता है जिससे महिलाओं को लगातार खुजली होती हैं महिलाओं को उल्टी या दस्त का भी खतरा रहता हैं। बहुत सी महिलाएं ऐसी होती हैं जो मछली खाए बिना नहीं रह सकती तो हम आपको बताते हैं कि आपको पहले मछली को अच्छे से साफ-सुथरे पानी से धोना होगा फिर आप मछली को अच्छे से पका कर खा सकते हैं।

कच्चे अंडे

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कच्चे अंडे या कच्चे अंडे से बनी कोई भी चीज आप अपने भोजन में नहीं खा सकती क्योंकि प्रेग्नेंट महिलाओं को पहले तीन महीनों में उल्टी और दस्त की बहुत समस्या रहती हैं। प्रेग्नेंट महिलाओं को कच्चे अंडे के कारण Sesalmonella virus होने का खतरा रहता हैं। वैसे कच्चे अंडे या कच्चे अंडे से बनी हुई चीजें बच्चे के लिए हानिकारक नहीं होती लेकिन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यह सब चीजें  नुकसान देती है 

जिससे कि बच्चे के लिए भी परेशानी होती हैं। प्रेग्नेंट महिलाओं को म्योनीज ( mayonnaise ) जैसी चीजें भी नहीं खानी चाहिए क्योंकि इसमें भी कच्चे अंडे  का इस्तेमाल किया जाता हैं इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को इन सब चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

Diet during pregnancy

दूध

आपको पता ही होगा कि दूध को कैल्शियम का बहुत बड़ा स्रोत माना जाता हैं, दूध में बहुत कैल्शियम होता है जो कि गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है लेकिन कभी भी प्रेग्नेंट महिलाओं को पैकेट वाला दूध नहीं पीना चाहिए, क्योंकि उसमें बहुत ही मिलावट होती है जो कि प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए नुकसान दे सकता है इसलिए हमेशा प्रेग्नेंट महिलाओं को अच्छा और शुद्ध दूध पीना चाहिए, प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्यादा गर्म दूध भी नहीं पीना चाहिए प्रेग्नेंट महिलाओं को थोड़ा ठंडा करके दूध पीना चाहिए।

कच्चा पपीता

प्रेग्नेंट महिलाओं को कच्चे पपीते या अद पके पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए, ऐसा कहा जाता है कि पपीते को खाने से प्रेग्नेंट महिलाओं के गर्भाशय में पपीता इकट्ठा हो जाता है जिससे कि प्रेग्नेंट महिलाओं को गर्भपात होने की संभावना रहती हैं। पपीते में halltax papain और pepsin substance होते हैं जो कि भ्रूण काश में रुकावट ला सकती हैं प्रेग्नेंट महिलाओं को कच्चे और अ द पके पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए।

अनानास

वैसे तो आपको पता ही होगा कि अनानास हर किसने के लिए कितना फायदेमंद होता हैं लेकिन प्रेग्नेंट महिलाओं को शुरुआती दिनों में इसे खाने से बचना चाहिए अनानास में ब्रोमलिन एंजाइम होता है जो कि गर्भाशय को मुलायम कर सकती है और प्रेग्नेंट महिलाओं को इससे लेबर पेन शुरू हो सकता हैं इसलिए शुरुआती महीनों में प्रेग्नेंट महिलाओं को अनानास का सेवन नहीं करना चाहिए, इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को इन सब चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि मां और बच्चे को परेशानी हो सकती हैं।

नशीले पदार्थों का सेवन ना करें

जब महिलाएं गर्भधारण कर लेती हैं तो उस समय सबसे पहली बात उन्हें यह समझना चाहिए कि थोड़ी सी भी लापरवाही उनके बच्चे की जान ले सकती हैं इसीलिए महिलाओं को हर एक नशीले पदार्थ का सेवन तुरंत ही छोड़ देना चाहिए, क्योंकि नशीले पदार्थ गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी अच्छे नहीं रहते और यह गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ-साथ माता के लिए भी मृत्यु का कारण बन सकते हैं इसीलिए हर एक निशी ले पदार्थ से दूर रहे जैसे कि बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, शराब आदि।

कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन ना करें

आज के समय में महिलाओं ने चाय को छोड़कर कॉफी को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है और वह काफी ज्यादा कॉफी का सेवन करती हैं लेकिन महिलाओं को यह नहीं पता कि कॉफी का ज्यादा सेवन उनके लिए हानिकारक भी साबित हो सकता हैं। खासतौर पर जब गर्भ में बच्चा पल रहा होता है तो उसमें कॉफी के ज्यादा सेवन से गर्भपात हो सकता हैं साधारण से शब्दों में कहें तो गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में कॉफी के ज्यादा सेवन से गर्भ में पल रहे बच्चे की मृत्यु हो सकती हैं, क्योंकि कॉफी में कैफीन की मात्रा पाई जाती है और कैफीन एक ऐसा पदार्थ होता है जो कम मात्रा में तो सेहत के लिए अच्छा होता हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकता है इसीलिए कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन करना बंद करें।

केमिकल युक्त पदार्थों का सेवन ना करें

आज के समय में बाजार में अलग-अलग प्रकार की Soft Drink मिलने लगी है जो कि पीने में काफी स्वाद लगती है जैसे कि फ्लेवर वाला संतरे का जूस , अनार का जूस , मौसमी का जूस आदि हम इस प्रकार की चीजों का सेवन तो करते हैं लेकिन हमें इस चीज का नहीं पता कि यह Soft Drink हमारे लिए कितनी ज्यादा हानिकारक हो सकती हैं। खासतौर पर जब महिलाएं गर्भावस्था के शुरुआती चरण में होती हैं तो उस समय तो सॉफ्ट ड्रिंक पीने से महिलाओं पर काफी बुरा असर पड़ता हैं, क्योंकि इन्हें बनाने के लिए काफी भिन्न-भिन्न प्रकार के रसायनों का इस्तेमाल होता है और यह रसायन गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए बिल्कुल भी अच्छे नहीं होतें।

अधिक मात्रा में ड्राई फ्रूट का सेवन करना

ड्राई फ्रूट हमारी सेहत के लिए काफी अच्छे होते हैं क्योंकि यह हमें सभी पोषक तत्व प्रदान करते हैं। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए तो ड्राई फ्रूट काफी फायदेमंद होते हैं लेकिन ड्राई फ्रूट का सेवन हमेशा कम मात्रा में करना चाहिए क्योंकि जब महिलाएं शुरुआत में गर्भवती होती है तो उस समय ड्राई फ्रूट्स का ज्यादा सेवन करना महिलाओं के लिए हानिकारक साबित हो सकता हैं, क्योंकि ड्राई फ्रूट की तासीर गर्म होती है और गर्म तासीर गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है।

ज्यादा तेल वाला खाना

बहुत से लोगों के घरों में सुबह सुबह नाश्ते में पराठे बनते हैं या फिर खाना बनाने के लिए काफी ज्यादा तेल का इस्तेमाल किया जाता हैं लेकिन उन्हें इतना नहीं पता कि ज्यादा तेल वाला खाना खाने से स्वास्थ्य के ऊपर काफी बुरा असर पड़ता हैं। खासतौर पर जब महिलाएं शुरुआत में गर्भवती होती हैं तो उस समय तो ज्यादा तेल वाला खाना उनके लिए बेहद ही हानिकारक साबित हो सकता हैं।

यहां तक कि उनके गर्भपात का कारण भी बन सकता हैं, क्योंकि आज के समय में बाजारों में शुद्ध तेल उपलब्ध नहीं है ज्यादातर लोग तो रसायन युक्त तेल का इस्तेमाल ही करते हैं। इसीलिए तेल का अधिक इस्तेमाल गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भपात का कारण बन सकता है इसीलिए जितना हो सके उतना साधारण भोजन का सेवन करें।

Diet during pregnancy
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अंगूर का सेवन ना करें

गर्भावस्था के समय महिलाओं को अंगूर का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती। खासतौर पर जब महिलाएं गर्भावस्था के शुरुआती चरण में होती हैं तो उस समय तो महिलाओं को अंगूर का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए, जो कि अंगूर की तासीर काफी गर्म होती है और गर्म तासीर गर्भावस्था के शुरुआती चरण में गर्भपात का कारण बन सकती हैं।

ज्यादा मूंगफली ना खाएं

मूंगफली खाने में काफी अच्छी लगती है इसीलिए हम अक्सर सर्दियों के मौसम में सभी परिवार वाले बैठकर बड़े प्यार से मूंगफली खाते हैं, लेकिन गर्भवती महिलाओं को शुरुआती चरण में मूंगफली खाने की सलाह बिल्कुल भी नहीं दी जाती, क्योंकि मूंगफली की तासीर भी गर्म होती है और गर्म तासीर गर्भावस्था के शुरुआती चरण में गर्भपात का कारण बन सकती है इसीलिए मूंगफली का सेवन बिल्कुल भी ना करें।

खाली पेट केले का सेवन ना करें

गर्भवती महिलाओं के लिए केला बेहद फायदेमंद होता हैं क्योंकि केले में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं मगर केले का सेवन गर्भवती महिलाओं को सुबह खाली पेट नहीं करना चाहिए, क्योंकि खाली पेट केला खाने से महिलाओं के पेट में गैस भी बन सकती है और गैस बनने के कारण उन्हें काफी ज्यादा पेट दर्द हो सकता है इसीलिए खाली पेट केले का सेवन ना करें।

Conclusion –

गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के शुरुआती चरण में किन चीजों का सेवन करना चाहिए इसके बारे में हमने आपको बताया हैं, क्योंकि बहुत सी महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान खाने-पीने का पता नहीं रहता जिसकी वजह से उनका गर्भपात हो जाता है या फिर बच्चे को किसी तरह का नुकसान पहुंचता हैं।

इसके अतिरिक्त हमने आज की इस पोस्ट के माध्यम से जाना कि Postic Diet in Early Pregnancy In Hindi तथा What to Eat in Early Pregnancy In Hindi इसके अतिरिक्त हमने आज What Precautions should be taken Regarding Eating and Drinking During Pregnancy In Hindi के बारे में भी ठीक ढंग से जान लिया है ताकि गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में स्वस्थ रह सकें, क्योंकि ज्यादा खतरा गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में ही होता हैं

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