Eighteenth Week of Pregnancy: प्रेगनेंसी के 18वें सप्ताह के लक्षण,शारीरिक बदलाव, खुद की देखभाल एवं बच्चे का विकास | Eighteenth week of pregnancy – symptoms, physical changes, self-care best tips and baby’s development Hindi

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Dr. Arti Sharma
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Dr. Arti Sharma is a certified BAMS doctor with at least 2 years of article writing experience on various medication and therapeutic lines. She is known for her best work in ayurvedic medication knowledge and there uses. Her hobbies including reading books and writing articles. With a good grip in sports, she uses to play for her university cricket team as a captain. Her work for ayurvedic is well known. डॉ आरती शर्मा एक प्रमाणित BAMS डॉक्टर है जिन्हे कम से कम 2 साल का विभिन्न दवाइयों और चिकित्सीय रेखाओं पर लेखन का अनुभव है। वह आयुर्वेदिक दवाओं के ज्ञान और उनके उपयोग में अपने बेहतरीन काम के लिए जानी जाती हैं। उनका शौक किताबें पढ़ना और लिखना है। खेलों में अच्छी पकड़ के साथ, वह एक कप्तान के रूप में अपनी विश्वविद्यालय क्रिकेट टीम के लिए खेल चुकी हैं। आयुर्वेद के क्षेत्र में उनका काम अच्छी तरह से जाना जाता है।
Eighteenth Week of Pregnancy Table of Content

Eighteenth Week of Pregnancy Symptoms in Hindi

गर्भावस्था का 18वां हफ्ता मां और बच्चे के लिए विकास का हफ्ता होता हैं। इस हफ्ते में गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहा शिशु इन्हें ढूंढने लगता है और उसकी सुनने की शक्ति भी काफी हद तक मजबूत हो जाती हैं। इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं के शरीर में भी 18 वें सप्ताह में बहुत से ऐसे बदलाव होते हैं जिनको देखकर कोई भी अंदाजा लगा सकता हैं, कि महिलाएं गर्भवती हैं गर्भावस्था के इस सप्ताह में महिलाओं को अपनी और अपने बच्चे की काफी ज्यादा देखभाल करनी पड़ती है

क्योंकि जैसे-जैसे बच्चा गर्भ में बड़ा होता रहता हैं, तो उसी के साथ साथ महिलाओं की जिम्मेदारियां भी बढ़ती रहती हैं, क्योंकि छोटी मोटी गलतियों की वजह से भी बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है।

इसलिए महिलाओं को गर्भावस्था के 18 वे सप्ताह में हर एक चीज का ध्यान रखना पड़ता है। महिलाओं को समय पर खाना खाना पड़ता है और पौष्टिक आहार का सेवन करना पड़ता है। ताकि बच्चे को सही पोषण मिल सके क्योंकि जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता रहता है तो उसको पोषण भी ज्यादा चाहिए होता हैं, क्योंकि बच्चे के विकास में सिर्फ पोषक तत्व ही सहायक होते हैं।

इसीलिए महिलाओं को अपने खाने पीने में भी सही ध्यान देना पड़ता है, तभी वह एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देने में सक्षम हो पाती हैं। आज हम इस पोस्ट के माध्यम से Symptoms Of Pregnancy Week 18 th In Hindi तथा Self-Care Tips During Pregnancy In Hindi इसी के साथ-साथ हम आपको Healthy Diet During Pregnancy In Hindi तथा Healthy Life Style During Pregnancy In Hindi के बारे में भी बताएंगे़।

18th Week of Pregnancy Symptoms in Hindi

गर्भावस्था के 18 वें हफ्ते में बच्चे का विकास – Baby’s Development In Pregnancy Eighteenth Week In Hindi ?

  • गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह आपका शिशु सिर से नितंब तक 14.2 सेंमी. ( 5.6 Inch ) लंबा हो चुका है, अब इस सप्ताह में आपका शिशु करीब एक शिमला मिर्च जितना बड़ा हो गया है। उसका वजन 190 ग्राम के आसपास हो सकता है। आपके शिशु के कान अब अपने अंतिम स्थान पर विकसित हो गए हैं और सिर से बिल्कुल अलग दिखाई देते हैं। अब आपके शिशु की नन्हीं भौंहें भी उभरने लगी हैं और वह अब अपनी बंद आंखों के आसपास की मांसपेशियों में भी हरकत कर सकता है।
  • 18-20 सप्ताह के बीच आपका लेवल अल्ट्रासाउंड स्कैन ( level ultrasound scan ),  जिसे एनॉमली स्कैन ( Anomaly Scan )भी कहा जाता है, करवाया जाएगा। इसलिए, अब जल्द ही आप स्कैन में अपने शिशु को शायद पैर मारते हुए, हिलते-डुलते और यहां तक कि आप अपनी शिशु को पलटी मारते हुए भी देख सकेंगी। आप यह कोशिश करें स्कैन उस समय करवाएं, जब आपके पति भी आपके साथ हो।
  • एनॉमली स्कैन ( Anomaly Scan ) के दौरान अल्ट्रासाउंड ( ultrasound ) डॉक्टर आपके शिशु की बढ़त तथा विकास का विस्तृत जायजा लेंगी। इस Scan से विशिष्ट जन्म दोषों ( specific birth defects ) , अपरा और गर्भनाल की जांच तथा गर्भावधि उम्र की सटीकता के बारे में भी पता लगाया जा सकता है।
  • अगर आपके गर्भ में पहले वाला बच्चा  पुत्री हुई, तो उसकी योनि, गर्भाशय कथा डिंबवाही नलिकाएं ( Fallopian Tubes ) अपने स्थान पर विकसित हो चुकी होंगी। अगर आपके घर में पलने वाला बच्चा  पुत्र हो, तो इस समय तक उसका लिंग अलग से दिखाई दे सकता है और उसके वृषण ( Testis ) भी उसके श्रोणी ( Pelvis ) से अंडकोष ( Testicles ) की थैली में नीचे आना शुरु हो गए होंगे।

गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह के लक्षण – Symptoms Of Eighteenth Week Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में महिलाओं को काफी अधिक लक्षण दिखाई देते हैं, जो कि गर्भावस्था के होते हैं। यह सब लक्षण इसीलिए दिखाई देते हैं, क्योंकि गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास अब तेजी से हो रहा होता है जिसके चलते महिलाओं के लक्षणों में भी वृद्धि हो सकती है। इसीलिए आपको Symptoms Of Pregnancy In Hindi के बारे में पता होना चाहिए।

1. नींद ना आना

गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को नींद आने में थोड़ी कठिनाई हो सकती है, क्योंकि इस सप्ताह में बच्चे का विकास होने के कारण आपके पेट में थोड़ी बहुत हलचल भी हो सकती है, जिसके चलते आपको नींद आने में कठिनाई हो सकती है। वैसे तो यह लक्षण कुछ ही दिनों के लिए होते हैं, फिर अपने आप ही ठीक हो जाते हैं इसलिए आपको इस अवस्था में किसी भी प्रकार की कोई दवाई की जरूरत नहीं है।

2. पेट में ऐठन या दर्द होना

गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को अपने पेट में एंठन या पेट में दर्द भी महसूस हो सकता है, क्योंकि इस सप्ताह में आपका बच्चा आकार में बड़ा हो रहा होता हैं। इसी के चलते वह गर्भ में अपनी जगह बना रहा होता है जिसकी वजह से आपको पेट में ऐठन या दर्द भी महसूस हो सकता है। लेकिन यह लक्षण सिर्फ 1 सप्ताह के लिए ही होते हैं जब आपका बच्चा आपके घर में अपनी जगह बना लेता है, तो उसके पश्चात ही है दर्द अपने आप ही शांत हो जाता है।

गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह के लक्षण - Symptoms Of 18th Week Pregnancy In Hindi ?

3. पैरों में सूजन आना

गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को अपने पैरों में सूजन भी महसूस हो सकती है। वैसे तो यह सिर्फ इसलिए होता है क्योंकि गर्भावस्था के समय महिलाओं के शरीर में बहुत से हार्मोन बदलते हैं, जिसकी वजह से आपको पैरों में सूजन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

4. नाक से खून आना

गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं के नाक से खून भी आ सकता है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान जो भी हार्मोन बदलते हैं, उनकी वजह से महिलाओं के शरीर में रक्त वाहिकाएं काफी हद तक प्रभावित होती हैं। जिसके चलते नाक से खून आना एक आम बात है वैसे तो महिलाओं को सिर्फ एक या दो बार ही नाक से खून आता है अगर किसी महिला को यह लक्षण ज्यादा दिख रहा है, तो वह gynecologist doctor की सलाह भी ले सकती है।

5. बार-बार पेशाब आना

गर्भावस्था के 18 हफ्ते में महिलाओं को बार बार पेशाब आने की काफी दिक्कत होती है, क्योंकि शरीर में हार्मोन बदलने की वजह से महिलाओं को काफी ज्यादा पेशाब आने की समस्या होती है। इसी वजह से महिलाओं को काफी दिक्कतें होती हैं खासतौर पर रात के समय तो महिलाओं को जब बार-बार पेशाब आता है, तो इसकी वजह से उनकी नींद भी खराब होती है। इसका दूसरा कारण यह भी है कि जैसे-जैसे आपका बच्चा बड़ा हो रहा होता है, तो उसके कारण आपके मूत्राशय पर भी दबाव आता है जिसके चलते आपको बार बार पेशाब जाना पड़ता है।

6. गर्भ में हलचल महसूस होना

गर्भावस्था के 18 हफ्ते में महिलाओं को अपने गर्भ में पल रहे बच्चे में हलचल भी महसूस हो सकती हैँ। क्योंकि इस हफ्ते में बच्चे का काफी हद तक विकास हो जाता है, जिसके चलते रहे हाथ पैर हिलाने लगता है और आपको इसी के कारण गर्भ में हलचल भी महसूस हो सकती है।

7. थकान महसूस होना

गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को काफी ज्यादा थकान भी महसूस हो सकती है, क्योंकि जब गर्भ में पल रहा बच्चा धीरे-धीरे बड़ा हो रहा होता है, तो उसके चलते शरीर में बहुत से परिवर्तन होते हैं जिनके कारण आपको काफी ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। वैसे तो जो महिलाएं शारीरिक रूप से काफी कमजोर होती हैं, उनमें भी थकान के लक्षण काफी ज्यादा दिखाई दे सकते हैं।

Self-Care Tips During Eighteenth Week Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को बहुत सी बातों का ध्यान खुद भी रखना पड़ता है। क्योंकि यदि वह खुद ही सावधानियां बरतें की तो ही अपने बच्चे को स्वस्थ रख पाएंगे, हम आगे आपको कुछ Self-Care Tips During Pregnancy In Hindi के बारे में बताएंगे।

  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को अपने घर की या बाहर की कहीं भी सीढ़ियां चढ़ते हुए कभी ध्यान देना चाहिए। क्योंकि गर्भावस्था के समय बहुत से मामले ऐसे आते हैं जिनमें महिलाएं सीढ़ियों से फिसल जाती हैं। यह उन महिलाओं के साथ होता है जो कि सीढ़ियां चढ़ते उतरते समय ध्यान नहीं देती।
  • गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में महिलाओं को अपनी मर्जी से किसी भी प्रकार की दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए। बहुत सी महिलाएं छोटी-मोटी दिक्कत देखने पर ही खुद ही दवाइयां खा लेती है जिसके चलते उन्हें आगे चलकर काफी प्रॉब्लम होती है, इसीलिए किसी भी प्रकार की दवाई का सेवन अपने आप ना करें।
गर्भावस्था के 18वें सप्ताह में जीवन शैली में बदलाव करें - Change Your Life Style In 18th Week Pregnancy In Hindi ?
  • गर्भावस्था के इस सप्ताह में महिलाओं को यह सलाह भी दी जाती है कि, उन्हें किसी भी प्रकार की कोई भारी वस्तु उठाने से भी परहेज रखना चाहिए खासतौर पर जो महिलाएं कपड़े धोती हैं या फिर खेतों में काम करती हैं, उन्हें पानी की बाल्टी या या फिर दूसरा कोई भारी सामान उठाने से परहेज रखना चाहिए, क्योंकि भारी सामान उठाने की वजह से आपके बच्चे पर काफी बुरा असर पड़ता है।
  • गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में महिलाओं को अपनी चप्पले भी बदलनी होगी, क्योंकि बहुत सी महिलाएं ऐसी चपले पहनती हैं, जो कि थोड़े से ही पानी में एकदम से फिसल जाती हैं। इस प्रकार की चप्पलें आपके बच्चे की जान को भी जोखिम में डाल सकती हैं, इसलिए इस प्रकार की चप्पलों का इस्तेमाल घर पर या बाहर जाते समय ना करें।

गर्भावस्था के 18वें सप्ताह में जीवन शैली में बदलाव करें – Change Your Life Style In Eighteenth Week Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को अपनी जीवनशैली में बहुत से बदलाव करने पड़ते हैं, क्योंकि खराब जीवनशैली की वजह से महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे की जान भी जा सकती है। इसीलिए गर्भावस्था के समय एक अच्छी जीवन शैली की खास जरूरत होती है जैसे कि :-

  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को याद याद रखना चाहिए कि, यदि वह किसी भी प्रकार का कोई नशा करती हैं या फिर धूम्रपान करती हैं, तो उसकी वजह से उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है, इसीलिए आपको धुम्रपान तुरंत ही छोड़ना होगा।
  • जो महिलाएं गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में ज्यादा तला हुआ खाना खाती हैं उन्हें भी तला हुआ खाना बिल्कुल ही छोड़ना पड़ेगा, क्योंकि ज्यादा तला हुआ खाना खाने से उनके पेट में गैस बन सकती है और बच्चे को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसके अतिरिक्त ज्यादा तला हुआ खाना खाने से उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती हैं, इसीलिए तले हुए भोजन को तुरंत ही छोड़ दें।
  • जो महिलाएं गर्भावस्था में सारा दिन पड़ी रहती हैं, उन्हें भी आगे चलकर बच्चे को जन्म देने में काफी दिक्कतें आ सकती हैं। इसीलिए महिलाओं को रोजाना थोड़ा बहुत घर का काम जरूर करना चाहिए और रोजाना सुबह-शाम पार्क में घूमने भी जाना चाहिए।
  • गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में महिलाओं को यह सलाह दी जाती है कि, उन्हें बिल्कुल भी शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि शराब का सेवन करने से भी उनके बच्चे की मृत्यु तक हो सकती है, इसीलिए यह सब चीजें आपको छोड़नी होंगी।
  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को ज्यादा मिर्च वाला खाना या फिर ज्यादा चटपटा खाना नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इस प्रकार का भोजन भी महिलाओं की परेशानी का कारण बन सकता है।

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गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में पोस्टिक आहार का सेवन करें – Eat Healthy Food During Eighteenth Week Of Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के 18वें सप्ताह में महिलाओं को खाने पीने का काफी ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि 18 वें सप्ताह में बच्चे का विकास काफी तेजी से हो रहा होता है जिसके चलते बच्चे को अधिक पोषण की आवश्यकता पड़ती है। इसीलिए Healthy Diet During Pregnancy Period In Hindi के बारे में आपको अच्छे से पता होना चाहिए, तभी आप आगे चलकर एक स्वस्थ बच्चे को भी जन्म दे सकती हैं।

  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को देसी घी का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए। क्योंकि देसी घी गर्भावस्था के इस सप्ताह में महिलाओं और उनके बच्चों को काफी पोषण देता है जो कि आगे चलकर बच्चे अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी काफी जरूरी होता है। इसीलिए महिलाओं को देसी घी का सेवन रोजाना करना चाहिए।
  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को ताजी फलों का सेवन जरूर करना चाहिए। क्योंकि ताजे फल गर्भावस्था में महिलाओं के लिए बेहद ही आवश्यक होते हैं, इसीलिए ताजे फल महिलाओं को रोजाना ही खाने चाहिए।
  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को रोजाना दालों का सेवन करना चाहिए। दालें पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं और इनमें सभी जरूरी तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो कि गर्भावस्था के समय बच्चे के विकास के लिए भी काफी फायदेमंद रहते हैं। इसीलिए महिलाओं को हफ्ते में तीन से चार बाहर दालों का सेवन तो जरूर करना ही चाहिए।
गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में पोस्टिक आहार का सेवन करें - Eat Healthy Food During 18th Week Of Pregnancy In Hindi ?
  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को हरी सब्जियों को जरूर खाना चाहिए, क्योंकि हरी सब्जियां सभी जरूरी तत्वों और पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो कि folic acid का भी मुख्य स्त्रोत होती हैं इसीलिए हरी सब्जियां गर्भावस्था के समय महिलाओं के लिए भी आवश्यक हैं। पालक खीरा ककड़ी टमाटर गाजर चुकंदर आदि को तो महिलाएं सलाद के रूप में भी खा सकते हैं।
  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को दूध जरूर देना चाहिए, क्योंकि दूध पूर्ण आहार है जोकि हर एक चीज की कमी को पूरा कर देता है, इसीलिए गर्भावस्था के दौरान तो दूध का सेवन माता के लिए काफी फायदेमंद रहता है, जो कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को भी पोषण प्रदान करता हैं।
  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को भरपूर मात्रा में पानी भी जरूर पीना चाहिए। क्योंकि पानी की कमी के कारण नहीं बच्चे का विकास रोक सकता है, इसीलिए पानी का सेवन महिलाओं के लिए बेहद आवश्यक है। पानी की कमी को पूरा करने के लिए नारियल पानी तथा जो शादी का सेवन भी किया जा सकता है।

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गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में ध्यान रखने योग्य कुछ बातें – Most Important Thing To Remember In Eighteenth Week Of Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को बहुत सी मुख्य बातों का भी ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि जरा सी भी गलती उनके बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसीलिए महिलाओं को बहुत सी बातों का ख्याल रखना पड़ता है जैसे कि :-

  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को कभी भी ज्यादा ठंडे पानी का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि ठंडा पानी महिलाओं और उनके बच्चे के लिए फायदेमंद नहीं होता इसी के साथ साथ जिन महिलाओं को cold drink पीने की आदत होती है, उन्हें भी cold drink पीना छोड़ना होगा, क्योंकि cold drink भी मां और बच्चे दोनों के लिए ही नुकसानदायक होती हैं।
  • गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में महिलाओं को कभी भी उल्टा नहीं सोना चाहिए, क्योंकि उल्टा सोने के कारण भी महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे को काफी ज्यादा बेचैनी महसूस हो सकती है और उसको सांस लेने में भी काफी दिक्कत हो सकती है। इसीलिए कभी भी आपको उल्टा नहीं सोना चाहिए।
गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में ध्यान रखने योग्य कुछ बातें - Most Important Thing To Remember In Eighteenth Week Of Pregnancy In Hindi ?
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  • गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में महिलाओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि, यदि वह चावल ज्यादा खाती हैं या फिर मैदे से बनी चीजों का ज्यादा सेवन करती हैं, तो उसके कारण भी उन्हें कोई ना कोई साइड इफेक्ट हो सकता हैं, इसीलिए इस प्रकार की चीजों से भी आपको परहेज रखना होगा।
  • गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को बासी भोजन का सेवन भी नहीं करना चाहिए। खास तौर पर रात का बासी खाना तो महिलाओं को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।
  • गर्भवती महिलाओं को 18 वे सप्ताह में किसी भी प्रकार की कोई एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। क्योंकि एक्सरसाइज करने से उनके पेट पर काफी खिंचाव आ सकता है, जिसके कारण बच्चे को दिक्कत हो सकती है।

गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में डॉक्टर की सलाह जरूर लें ?

गर्भावस्था के 18 सप्ताह में महिलाओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर अपने आप कभी भी वैद्य नहीं बनना चाहिए, क्योंकि गर्भावस्था में बहुत सी चीजें आपको नुकसान कर सकती हैं। इसलिए छोटी मोटी दिक्कतें होने पर भी gynecologist doctor की सलाह लेनी सही रहती है, अगर किसी महिला को लगता है कि उसके शरीर में Nutrients की कमियां हो सकती हैं, तो उसे गर्भावस्था के बारे में पता लगते ही gynecologist doctor के पास जाना चाहिए और डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

क्योंकि महिलाओं के शरीर में यदि किसी भी जरूरी तत्व की कमी हैं, तो उसके कारण भी आगे चलकर बच्चे को जन्म देने में तो दिक्कत होती है और स्वस्थ बच्चे को जन्म भी वह महिलाएं नहीं दे पाती। इसीलिए गर्भावस्था के शुरुआती दिनों से ही डॉक्टर की सलाह काफी जरूरी है।

Conclusion –

  • गर्भावस्था के 18 वें सप्ताह में महिलाओं को किस प्रकार का भोजन खाना चाहिए और खाने में किन चीजों को बिल्कुल भी शामिल नहीं करना चाहिए, यह हमने इस पोस्ट के माध्यम से आपको अच्छे से बता दिया है और गर्भवती महिलाओं को 18 Week Of Pregnancy के दौरान किस प्रकार की सावधानियां गर्भावस्था में बरतनी चाहिए, इनके बारे में भी हमने आपको विस्तार से बता दिया है।
  • इसके अतिरिक्त Symptoms Of 18 th Week Pregnancy In Hindi तथा Healthy Food During Pregnancy In Hindi के बारे में भी हमने बताया है।
  • अब भी यदि आपको हमसे Self-Care Tips For Pregnant Lady In Hindi और Pregnancy Me Kaise Soye से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछना हो, तो आप कमेंट सेक्शन में कमेंट करें। धन्यवाद

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