Piles: जानिए बवासीर यानि (Piles) से बचने के बेहद ही असरदार 22 घरेलू उपाय, जल्द ही मिलेगा बवासीर से आराम | Read About the 22 Best Home Treatments and remedies for Piles in Hindi.

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Gagan Singla
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Piles: जानिए बवासीर यानि (Piles) से बचने के बेहद ही असरदार 12 घरेलू उपाय, जल्द ही मिलेगा बवासीर से आराम | Read About the 22 Best Home Treatments and remedies for Piles in Hindi.  

हेलो दोस्तों! आजकल के समय में बवासीर जैसी बीमारी एक आम बीमारी बन कर रह गई है और यह समस्या बहुत ही सामान्य सी है जो अधिकतर लोगों को होती है। इस समस्या से कैसे बचा जाए इसके घरेलू उपाय क्या क्या है यह सब आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताएंगे। इन सारे बताए हुए घरेलू उपाय का उपयोग करने से बहुत ही कम समय में आपको इस समस्या या नहीं बवासीर से आराम मिल सकता है।

आज के इस आर्टिकल में हम आपको यह बताएंगे कि बवासीर या Piles क्या है और इसके घरेलू उपचार क्या क्या है? तो चलिए सादा वक्त जाया ना करते हुए आपको हम बताते हैं कि बवासीर क्या है और उसके घरेलू उपचार क्या-क्या हो सकते हैं –

बवासीर क्या है? ( What is  Piles in Hindi )

बवासीर क्या है? ( What is  Piles in Hindi )

बवासीर को अंग्रेजी में Piles या Hemorrhoids भी कहा जाता है ।बवासीर आज के समय में बहुत ही सामान्य बीमारी है। यह बीमारी किसी भी उम्र वाले को हो सकता है । यह बीमारी पुरुष और महिलाओं दोनों को प्रभावित करती है ।

बवासीर ऐसी बीमारी है जो बहुत ज्यादा तकलीफ देती है। बवासीर आमतौर पर मल त्याग , मोटापा या गर्भावस्था के दौरान तनाव से उत्पन्न होता है । बवासीर में ज्यादातर मलाशय में जलन ,सूजन और गुदा में बेचैनी और रक्त स्राव अधिक होता है। बवासीर में गुदे के अंदर और बाहर सूजन आने से इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को उठते बैठते समय दर्द का अनुभव होता है। पाइल्स भी दो प्रकार के होते हैं पहला खूनी बवासीर , दूसरा बादी बवासीर।

बवासीर के इलाज के लिए घरेलू उपाय क्या क्या है ? ( What are the home remedies for Piles in hindi ? )

दोस्तों! अक्सर लोग बवासीर के के इलाज के लिए घरेलू उपायों को गूगल पर सर्च करते हैं कि बवासीर के इलाज के घरेलू उपाय क्या-क्या हो सकते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि गूगल पर जो उपाय बताए जाते हैं उसका उपयोग घर पर करना बहुत ही मुश्किल होता है इसलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आए हैं कि बवासीर के इलाज के लिए सबसे आसान और सरल घरेलू उपाय क्या है जिसकी मदद से आप घर पर ही रह कर बवासीर का इलाज आसानी से कर सकते हैं। बवासीर( piles )के घरेलू उपाय ( home remedies for piles in Hindi ) निम्नलिखित है –

1 . जैतून का तेल –

 बवासीर के इलाज के लिए पहला सबसे लाभदायक सामग्री है जैतून का तेल। जैतून का तेल बवासीर के बीमारी में बहुत ही लाभदायक और फायदेमंद वस्तु माना जाता है। जैतून का तेल किसी भी सूजन को ठीक करने वाले गुण पाए जाते हैं। जैतून का तेल रक्त वाहिकाओं में आई सूजन को कम करता है। जिस जगह पर सूजन आई हो वहां पर जैतून का तेल लगाने से सूजन कम हो जाती है। जैतून के तेल को बादी बवासीर के पर लगाने से मस्सा कम हो जाता है जिससे बहुत ही आराम मिलता है ।

2 . एलोवेरा का उपयोग–

बवासीर के इलाज के लिए दूसरा सबसे लाभदायक तरीका है एलोवेरा का उपयोग। एलोवेरा बहुत ही लाभदायक माना जाता है। एलोवेरा आंतरिक और बाह्य दोनों प्रकार से ही पाइल्स के इलाज में लाभदायक माना जाता है। बवासीर में गुड्डा के बाहर जो मस्से निकले होते हैं उस पर एलोवेरा जेल लगाने से वहां के मस्से कम हो जाते हैं । एलोवेरा जलन और खुजली दोनों को ही शांत करने का कार्य करता है । एलोवेरा को 200 से 250 ग्राम खाने से कब्ज की समस्या नहीं होगी और इससे मल त्यागने में भी आसानी होगी । एलोवेरा के सूजन रोधक और चिकित्सक गुणों से बवासीर की जलन कम हो जाती है।

3 . सेब का सिरका –

बवासीर में सबसे फायदेमंद उपाय सेब का सिरका है। सेब का सिरका अपने कषाय गुणों के कारण रक्तवाहिनीयों को जल्द ही सिकुड़ने में मदद करता है। बादी बवासीर होने पर सेब के सिरके में रोही को भिगोकर गूदे में रखें ऐसा करने से दो काम होता है एक जलन कम हो जाती है दूसरा खुजली से राहत मिलती है। और साथी खूनी बवासीर होने पर एक गिलास में एक चम्मच सेब के सिरके को मिलाकर दिन में दो बार किए इससे आपको आराम मिलेगा।

4 . नारियल के छिलके का उपयोग–

बवासीर के इलाज के लिए सबसे असरदार घरेलू उपाय है नारियल के जटाओं को जलाकर उसका राख या भस्म में बना ले और इसे ताजे मट्ठे में मिलाकर रोज सुबह खाली पेट नियमित रूप से पिये। यह बहुत ही फायदेमंद है ।

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5 . बदाम का तेल –

बवासीर के इलाज के लिए बदाम का तेल बहुत लाभदायक माना जाता है। बवासीर होने पर शुद्ध बदाम के तेल में रूई को डुबाने के बाद उसे वादी बवासीर में मस्सों पर लगाएं । ऐसा करने से सूजन और जलन दोनों कम हो जाता है और इससे बहुत आराम मिलता है ।

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6 . जीरे का प्रयोग–

 बवासीर होने पर जीरा बहुत फायदेमंद माना जाता है। बादी बवासीर में दर्द और जलन होने पर जीरे के दाने को पानी के साथ पीस लें और पीसकर उसका एक लेप तैयार करें। उस लेप को गुदे पर निकले मस्से वाली जगह पर लगाएं इससे जलन और दर्द में आराम मिलता है। खूनी बवासीर होने पर जीरे को भूलकर मिश्री के साथ पीस लें और उसे दिन में दो से तीन बार 1 से 2 ग्राम की मात्रा में बैठे में मिलाकर पिए खूनी बवासीर में बहुत सहायता मिलती है।

7 . अंजीर का उपयोग–

ऐसा माना जाता है कि बवासीर रोग में अंजीर खाने से बहुत अधिक लाभ होता है। आपको करना है कि अंजीर को लेकर एक गिलास पानी में भिगो देना है और सुबह उठकर खाली पेट उस अंजीर का सेवन करना है और साथ ही उसके पानी को भी पी ले, इससे बवासीर रोग होने पर बहुत आराम मिलता है।

8 . नींबू का उपयोग–

बवासीर रोग में नींबू बहुत फायदेमंद माना जाता है। बवासीर होने पर नींबू का उपयोग कैसे करना है- नींबू के रस में अदरक और शहद मिलाकर इसका सेवन करे । पाइल्स में नींबू के रस का सेवन करने से बहुत फायदा पहुंचता है।

9 . पका केला का उपयोग–

बवासीर रोग होने पर पके केले को उबालकर उसे दिन में दो से तीन बार इसका सेवन करें। ऐसा करने से बवासीर रोग में आराम मिलता है।

10 . मट्ठा और अजवाइन का सेवन–

बवासीर के रोग में मट्ठा अमृत के समान कार्य करता है। एक गिलास छाछ में एक चौथाई अजवाइन पाउडर और एक चम्मच काला नमक को मिलाकर रोजाना दोपहर में खाना खाने के बाद इसका सेवन करें ऐसा करने से बवासीर में बहुत आराम मिलता है । यह सबसे अच्छा घरेलू उपाय है बवासीर रोग में।

11 . पपीते का उपयोग –

बवासीर रोग में पपीता बहुत फायदेमंद माना जाता है। रात के भोजन करते समय पपीते का सेवन करें इससे कब्ज से नहीं होगी और इससे मल त्यागने समय कोई पीड़ा नहीं होगी और इससे बहुत आराम मिलेगा ।

12 . गर्म पानी का उपयोग – 

गर्म पानी बवासीर रोग में बहुत फायदेमंद पर लाभदायक माना जाता है । बाथ टब ( Sitz bath ) गर्म पानी डालकर 15 से 20 मिनट तक बैठे हैं। रोजाना ऐसा करने से बवासीर में होने वाले दर्द और जलन से बहुत आराम मिलता है। यह सबसे अच्छा और आसान तरीका है इलाज करने का । बवासीर की समस्या से परेशान लोग गर्म पानी का उपयोग अधिक करते हैं इससे सूजन कम होता है ।

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13 . छाछ का सेवन –

बवासीर के रोग में रोजाना भोजन में नियमित रूप से छाछ का सेवन करने से बहुत आराम मिलता है पर यह बहुत फायदेमंद माना जाता है। रोजाना सात से आठ गिलास पानी पीना चाहिए और अधिक फाइबर युक्त आहार का सेवन करें जैसे रेशेदार फल एवं सब्जियां ।

14 . सोआ का उपयोग–

बवासीर से परेशान लोग सोआ का उपयोग अधिक करते हैं। स्वामी फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है और साथ ही इसमें कुछ फ्लेवोनॉयड्स भी पाए जाते हैं जो जीवाणु नाशक के रूप में जाने जाते हैं । बवासीर रोगी सोआ का सेवन करते हैं। इसके सेवन से कब्ज नहीं होता और पेट में दर्द नहीं होता है इसके सेवन से बहुत ही आराम मिलता है, यह बवासीर रोग में बहुत मदद करता है।

15 . अमरूद का सेवन –

अमरूद में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो बवासीर के रोग में बहुत फायदेमंद होता है । साथ ही यह कब्ज जैसी बीमारियों से भी बचाता है जो गर्भावस्था के दौरान अक्सर हो जाती है । अमरुद पेट में घुट्टी की तरह काम करता है और पाचन क्रिया में आने वाली तकलीफों को दूर करता है जिससे शौच करने में कोई पीड़ा नहीं होती है।

16 . जिमीकंद का सेवन–

 बवासीर से परेशान होकर बहुत सारे लोग जिमीकंद का उपयोग करते हैं। इसका उपयोग कैसे किया जाता है हम आपको बताते हैं , इसके लिए जिम्मी कंद को भूनकर उसे पीसकर फिर उसे दही के साथ प्रतिदिन इसका सेवन करना चाहिए ऐसा करने से बवासीर के समय हो रहे रक्तस्राव से आराम मिलता है और साथ ही इसके सेवन से पेट के सारे कीड़े भी मरते हैं और कब से भी राहत मिलती है।

17 . कैस्टर ऑयल का उपयोग –

बवासीर जैसे रोग में यह कैस्टर ऑयल बहुत लाभदायक होता है। 1 बड़े चम्मच में कैस्टर ऑयल ले ले और उससे अपने पेट के चारों तरफ लगाएं और नाभि के चारो तरफ कुछ ज्यादा लगाएं ऐसा दिन में दो बार करें इससे मांसपेशियों में खिंचाव कम होता है और मल त्यागने समय को पीड़ा नहीं होता है ।

18 . बीटाडीन का उपयोग–

बवासीर रोग में गर्म पानी तो बहुत फायदेमंद माना जाता है लेकिन अगर आप इस के साथ गर्म पानी में बीटाडीनलिक्विड को डालकर बाथटब में भर के 10 से 15 मिनट तक इसका सेक करें तो इससे बहुत आराम मिलता। बीटाडीन एक एंटीबायोटिकलिक्विड है जो बहुत लाभदायक होता है। 89 रूम में यह सबसे अच्छा उपाय माना जाता है ज्यादातर डॉक्टर बवासीर में इसी का उपयोग करने के लिए बोलते हैं।

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19 . काले तिल का उपयोग –

 खूनी बवासीर होने पर रक्षा को रोकने के लिए 10 से 12 ग्राम धुले हुए काले तिल को ताजा मक्खन के साथ लेने से रक्त स्राव बंद हो जाता है और काफी आराम मिलता है।

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20 . आंवला का सेवन –

 ऐसा माना जाता है कि आप लपेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है और साथ ही यह बवासीर जैसी बीमारियों के लिए भी बहुत लाभदायक माना जाता है। बवासीर की समस्या होने पर आंवले के चूर्ण को रोज सुबह शाम शहद के साथ पिए इससे बहुत आराम मिलता है।

21 . त्रिफला चूर्ण का सेवन–

रोजाना नियमित रूप से त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से कब्ज की समस्या से राहत मिलती है और इससे बवासीर भी खत्म हो जाता है, इसके लिए रोज रात को सोने से पहले एक से दो चम्मच त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है।

22 . इलायची का उपयोग–

बवासीर रोग में लगभग 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर उसे भूलते हुए जला लीजिए इसके बाद उस का चूर्ण बनाकर ठंडे पानी में मिलाकर उसे रोजाना सुबह खाली पेट पीने से बवासीर ठीक हो सकता है।

निष्कर्ष ( conclusion ) :

दोस्तों! हम यह आशा करते हैं कि बवासीर रोग क्या है और इलाज के घरेलू उपाय क्या-क्या है यह सब की संपूर्ण जानकारियां आज के इस आर्टिकल में आपको मिल गई होगी। बवासीर से संबंधित आपको कोई भी जानकारी देनी हो तो नीचे हमारे कॉमेंटबॉक्स में बता सकते हैं। साथ ही बवासीर रोग की पूरी जानकारी से जुड़ी यह पोस्ट आपको कैसी लगी है यह भी आप हमारे कमेंट में जरूर बताएं ,लाइक करें और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें । ताकि ऐसे जानकारियों से भरी पोस्ट हम आपके लिए लेकर आ सके । धन्यवाद …..

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