जानिए Rabies क्या है इसके लक्षण, कारण निदान एवं घरेलु उपचार ?| What is Rabies in Hindi Symptoms, Causes, Prevention, Diagnosis, and Best Treatment

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Jatin Dahiya
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Jatin Dahiya is a professionally certified dietary expert having experience in dietary for more than 9 months and he has received a great number of excellent reviews. His main work includes making dietary charts for patients and people who are conscious of their diet and health. His hobbies include traveling, Netflixing, and playing football. He was a 3 time champion in table tennis in his college. He is well known for his good behavior and always eager to learn new things and increase his knowledge. जतिन दहिया एक प्रमाणित आहार विशेषज्ञ हैं, जिन्हें 9 महीने से अधिक समय से मरीजों के खान पान और डाइट चार्ट बनाने में अनुभव है और उन्हें बड़ी संख्या में उत्कृष्ट समीक्षाएं भी मिली हैं। उनके मुख्य कार्य में रोगियों के प्रति आहार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए आहार चार्ट बनाना शामिल है। उनके शौक में यात्रा करना, नेटफ्लिक्स करना और फुटबॉल खेलना शामिल है। वह अपने कॉलेज में टेबल टेनिस में 3 बार के चैंपियन थे। वह अपने अच्छे व्यवहार के लिए जाने जाते हैं और हमेशा नई चीजें सीखने और अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए उत्सुक रहते हैं।

जानिए Rabies क्या है इसके लक्षण, कारण एवं घरेलु उपचार ?| What is Rabies in Hindi Symptoms, Causes, and Best Treatment

नमस्कार आप सभी का स्वागत है हमारे ब्लॉग में आज हम आपको रेबीज बीमारी के बारे में बताएंगे आपने अक्सर सुना होगा कि जब कुत्ता काट लेता है तो हमें रेबीज रोग हो सकता है परंतु हम आपको बता दें कि सिर्फ कुत्ते के काटने से ही रेबीज नहीं होता अपितु बहुत से पालतू जानवर हो तथा जंगली जानवरों के कारण रेबीज हो सकता है उनमें बिल्ली, घोड़े, बकरी तथा चमगादड़, लोमड़ी, बंदर आदि शामिल है यह बहुत ही खतरनाक बीमारी होती है।

यदि इस बीमारी का इलाज शुरुआत में ही हो जाए तो ही बेहतर रहता है अन्यथा इस बीमारी से आपकी जान भी जा सकती है दुनिया भर में हर साल 60000 लोग सिर्फ रेबीज रोग के कारण ही मर जाते हैं और इन सभी मरने वालों में से 90% लोग संक्रमित कुत्ते के काटने से ही मरते हैं और यदि बात की जाए भारत की तो भारत में हर वर्ष 18 से 20000 लोग रेबीज की बीमारी से मर जाते हैं और इनमें बहुत से बच्चे भी शामिल होते हैं

आज हम हमारी इस पोस्ट के माध्यम से आपको रेबीज बीमारी के बारे में विस्तार से बताएंगे की

  • Rabies Ke Prakar?
  • Rabies Ke Lakshan?
  • Rabies Ke Karan?
  • Rabies Se Bachne Ke Upay?
  • Rabies Ka Diagnosis?
  • Rabies Ka ilaj?
  • Rabies Ki Medicine?
  • Rabies Ke Liye Gharelu Upay?
Rabies kya hota hai |  रेबीज क्या है?

Rabies Kya Hota Hai – What Is Rabies Disease in Hindi?

यदि हम बात करें की Rebies Kya Hota Hai तो हम आपको बता दें, कि रेबीज एक संक्रामक बीमारी होती है जो कि मनुष्य सहित सभी तरह के गर्म खून वाले जीवो को प्रभावित करती हैष यह बीमारी रेबीज से संक्रमित जानवर की लार के द्वारा फैलती है और यह बीमारी जानवरों में Neurotropic Lyssa virus के कारण आती है

यह बीमारी जानवरों की लार ग्रंथियों और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है और यह वायरस पशुओं के द्वारा ही इंसानों में आता है, जब रेबीज से संक्रमित जानवर इंसान को काट लेता है तो उस समय उन जानवरों के द्वारा यह बीमारी मनुष्य तक पहुंचती है, ज्यादातर 15 साल तक के बच्चों को रेबीज की बीमारी से बहुत ज्यादा खतरा होता है।

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रेबीज रोग के प्रकार – Types Of Rabies In Hindi?

रेबीज रोग दो तरह के होते हैं सबसे पहला होता है, उग्र रेबीज तथा दूसरा होता है पैरालिटिक रेबीज चलिए अब हम मिल के बारे में विस्तार से जानते हैं :-

 उग्र रेबीज

उग्र देवी से संक्रमित लोग बहुत ज्यादा सक्रिय उत्साहित और बहुत ही अलग तरह का व्यवहार करते हैं और इनमें कुछ लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं जैसे की नींद ना आना या फिर बहुत ज्यादा उलझने पैदा होना और मुंह में से बहुत ज्यादा लार टपकना या फिर खाने की चीजों को निंगलने में परेशानी होना और सबसे महत्वपूर्ण लक्षण होता है कि इस बीमारी के रोगी पानी से डरते हैं।

 पैरालिटिक रेबीज

रेबीज रोग को इस रूप में आते आते बहुत समय लगता है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत ही ज्यादा गंभीर होता है। आप मान लीजिए कि यदि आपको 10 साल की उम्र में किसी रेबीज से संक्रमित जानवर ने काट लिया है, तो आपको 25 से 30 साल की उम्र में अपने शरीर में असर दिखना शुरू होगा परंतु वह असर इतना खतरनाक होता है, कि बड़ी आसानी से आपकी जान भी जा सकती है, या फिर इसके कारण आप कोमा में भी जा सकते हैं।

Rabies Ke Lakshan – Symptoms Of Rabies In Hindi?

इस बीमारी के बहुत से लक्षण होते हैं जिनसे आप इस बीमारी का बड़ी आसानी से पता लगा सकते हैं तो चलिए हम आपको Rabies Ke Lakshan बताते हैं :-

  • यदि जानवर के काटने के कुछ दिन बाद ही आपको बुखार हो जाता है, और बुखार के साथ-साथ बहुत ज्यादा सिर दर्द भी होता है, तो यह भी इसी बीमारी का लक्षण हो सकता है।
  • रेबीज के रोगियों में बार बार उल्टी आने के भी लक्षण देखे जाते हैं।
  • यदि आपको बहुत ही ज्यादा व्याकुलता व काफी ज्यादा अशांति महसूस हो रही है तो यह भी ईसी बीमारी का लक्षण है, यदि जानवर के काटने के बाद आपको इस प्रकार के संकेत अपने शरीर में महसूस हो तो आपको तुरंत ही जांच करा लेनी चाहिए।
  • यदि आप बहुत ही ज्यादा उलझे हुए से रहते हैं, या फिर कुछ भी सोचता था समझ नहीं पाते तो यह भी इसी बीमारी का लक्षण हो सकता है।
  • यदि आपके मुंह में से बहुत ज्यादा लार टपकती है, तो यह भी रेबीज का ही लक्षण है इस प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत ही रेबीज की जांच कराएं।
  • यदि आपको इस प्रकार के लक्षणों के साथ-साथ काफी दिनों से नींद भी नहीं आ रही है, तो फिर भी आपको एक बार रेबीज का टेस्ट करा लेना चाहिए।
  • यदि आपको अचानक से ही रेबीज रोग के कुछ लक्षण दिखने लग जाएं और इन लक्षणों के साथ-साथ आप को पानी से भी बहुत ज्यादा डर लगने लगे, तो इस परिस्थिति में आप तुरंत ही रेबीज रोग की जांच कराएं। क्योंकि रेबीज के रोगियों के साथ ही अक्सर ऐसा होता है कि उन्हें पानी से बहुत ज्यादा डर लगता है। और इसके साथ-साथ उन्हें कुछ भी खाते समय निंगलने में बहुत परेशानी होती है।

Rabies Ke Karan – Causes Of Rabies In Hindi?

  • रेबीज वायरस का कारण रेडी संक्रमण होता है, जो कि जानवरों की लार के द्वारा फैलाया जाता है, यदि से विशेषण करनी जानवर किसी अन्य जानवर या किसी भी मनुष्य को काटकर यह वायरस उसने फैला देते हैं तो उन्हें रवि सो जाता है।
  • इसके अतिरिक्त यदि देवी से संक्रमित जानवर के मुंह की लार किसी स्वस्थ मनुष्य के घाव या फिर जानवर के घाव पर गिर जाती है, तो उससे भी रेबीज की बीमारी हो सकती है।
  • यदि किसी भी व्यक्ति की आंखों तक जानवरों के मुंह की लार चली जाए तो भी यह संक्रमण हो सकता है, इसके अतिरिक्त यदि आपके घर के पालतू जानवर रेबीज से संक्रमित है और वह आपके हाथ या पैर को चाटते हैं, और यदि आपके हाथ या पैर पर गांव हैं तो इस प्रकार भी है रोग आपको लग सकता है।
  • रेबीज वायरस बहुत से पशुओं से फैलता है, जैसे कि पालतू जानवर या फिर खेतों के जानवर जैसे गाय, भैंस, कुत्ता, बिल्ली, नेवला, बकरी या फिर घोड़े।
  • और जंगली जानवर से भी यह संक्रमण फैल सकता है जैसे कि चमगादड़, लोमड़ी, बंदर।
Rabies Treatment in hindi | rabies vaccine in  Hindi
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Rabies Se Bachne Ke Upay – Ways To Avoid Rabies?

अब हम आपको रेबीज रोग से बचने के कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं, जिनकी सहायता से आप रेबीज रोग से बचे रह सकते हैं, और वह इस प्रकार हैं :-

  • यदि आप रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी से बचना चाहते हैं, तो सबसे पहले तो यदि आपने अपने घरों में पालतू जानवर पाले हुए हैं, तो आपको घर के पालतू जानवरों को रेबीज का टीका लगवाना चाहिए यह टीका लगने के बाद जानवरों में रेबीज संक्रमण नहीं फैलता, इसीलिए जानवर को यह टीका लगना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।
  • आप अपने पालतू जानवरों को अकेला बाहर ना घूमने दें, क्योंकि यदि वह अकेले बाहर घूमते हैं तो वह दूसरे जानवरों के संपर्क में आ सकते हैं, और उसके पश्चात वह अपनी लार के द्वारा घर के लोगों को संक्रमित कर सकते हैं।
  • यदि आपको सड़कों पर आवारा जानवर दिखते हैं, तो आपको तुरंत ही जानवरों के नियंत्रण विभाग में सूचना देनी चाहिए, क्योंकि आवारा जानवरों में रेबीज की बीमारी बहुत ज्यादा पाई जाती है।
  • यदि आपको कोई जानवर काट भी लेता है, तो उसके तुरंत बाद आपको रेबीज का टीका लगवाना चाहिए, क्योंकि जानवर के काटने के बाद रेबीज का टीका लगना बहुत ज्यादा जरूरी होता है, हमें पता नहीं होता कि जानवर को रेबीज है या नहीं है।

रेबीज का प्रशिक्षण – Diagnosis Of Rabies?

जब रेबीज बीमारी आपको हो रही होती है, तो शुरुआत में इस बीमारी के बारे में पता लगाने के लिए कोई भी प्रशिक्षण नहीं होता है, परंतु जब आपको इसके थोड़े बहुत लक्षण दिखाई दें, तो आपको तुरंत ही डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए इसके अतिरिक्त तो यदि आपको किसी भी जानवर ने काट लिया है। तो आपको तुरंत ही रेबीज का टीका लगवाना चाहिए ताकि रेबीज के लक्षण दिखाई देने से पहले ही आप रेबीज के संक्रमण को रोक सके।

Rabies Ka ilaj – Rabies Treatment In Hindi?

  • जब कोई भी जानवर आपको काट लेता है तो आपको उसी समय अपने घाव को अच्छे से धोना चाहिए, और घाव को धोने के लिए आप Liquid Savlon का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  • जब आप अपने घाव को धो लेते हैं तो उसके पश्चात आपको तुरंत ही किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाना चाहिए, और फिर वह डॉक्टर आपको इंजेक्शन लगाने को कहेगा हम आपको बता दें कि पहले तो इस बीमारी के 14 इंजेक्शन लगते थे परंतु अब इस बीमारी के 16 इंजेक्शन लगाए जाते हैं, पहला इंजेक्शन तो इस हादसे के तुरंत बाद में ही लगता है और फिर 3 दिन बाद आपको दूसरा इंजेक्शन लगता है, और फिर उसके 7 दिन बाद फिर से आपको रेबीज का टीका लगाया जाता है।
Rabies diagnosis in Hindi |  rabies vaccine schedule in Hindi

Rabies Ke Liye Gharelu Upay – Home Remedies For Rabies?

  • जब भी आपको कोई जानवर काट लेता है, तो आपको तुरंत ही अच्छे से घाव को धोना चाहिए और उसके पश्चात घाव पर हल्दी नमक तथा मिर्च लगानी चाहिए। क्योंकि मिर्च लगाने से भी जानवर के द्वारा फैलाई गई रेबीज की बीमारी का असर काफी ज्यादा कम हो जाता है।
  • ज्यादातर गांव में यदि किसी भी व्यक्ति को कोई जानवर काट लेता है, तो वह घाव को अच्छे से धोने के बाद उस घाव पर नमक तथा मिर्च और हल्दी ही लगाते हैं, क्योंकि इस प्रकार के घरेलू उपचार से रेबीज के संक्रमण को खत्म किया जा सकता है। परंतु फिर भी हम आपको यही कहेंगे कि यह बीमारी काफी खतरनाक होती है, इसलिए आप गांव में रहते हो या फिर शहर में यदि आपको कोई जानवर काट लेता है, तो आपको तुरंत ही किसी अच्छे डॉक्टर से रेबीज के टीके लगवा लेने चाहिए।

Rabies Conclusion –

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारी यह पोस्ट बहुत ही पसंद आई होगी। इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको Rabies Ka ilaj In Hindi बताया है, और उसके साथ-साथ हमने आपको Rabies Se Bachne Ke Upay भी बताए हैं, ताकि आप अपने आप को बड़ी आसानी से इस प्रकार की बीमारियों से बचा सकें आशा है कि आपको Rabies Ke Lakshan कथा Rabies Kyu Hota Hai यह पता लग गया होगा। यदि अब भी आप को रेबीज रोग से संबंधित कोई भी प्रश्न मुझे पूछना हो तो आप कमेंट सेक्शन के माध्यम से पूछ सकते हैं, हम आपको उसका जवाब जरूर देंगे। धन्यवाद

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