Sixteenth Week of Pregnancy: प्रेगनेंसी के 16वें सप्ताह के लक्षण,शारीरिक बदलाव, खुद की देखभाल एवं बच्चे का विकास | Sixteenth week of pregnancy – symptoms, physical changes, self-care best tips and baby’s development Hindi

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Dr. Arti Sharma
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Dr. Arti Sharma is a certified BAMS doctor with at least 2 years of article writing experience on various medication and therapeutic lines. She is known for her best work in ayurvedic medication knowledge and there uses. Her hobbies including reading books and writing articles. With a good grip in sports, she uses to play for her university cricket team as a captain. Her work for ayurvedic is well known. डॉ आरती शर्मा एक प्रमाणित BAMS डॉक्टर है जिन्हे कम से कम 2 साल का विभिन्न दवाइयों और चिकित्सीय रेखाओं पर लेखन का अनुभव है। वह आयुर्वेदिक दवाओं के ज्ञान और उनके उपयोग में अपने बेहतरीन काम के लिए जानी जाती हैं। उनका शौक किताबें पढ़ना और लिखना है। खेलों में अच्छी पकड़ के साथ, वह एक कप्तान के रूप में अपनी विश्वविद्यालय क्रिकेट टीम के लिए खेल चुकी हैं। आयुर्वेद के क्षेत्र में उनका काम अच्छी तरह से जाना जाता है।
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Sixteenth Week of Pregnancy Symptoms in Hindi

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह में जब महिलाएं पहुंचती हैं, तो उनके जीवन में बहुत से बदलाव होते हैं जिन से कोई भी व्यक्ति उनके गर्भवती होने का पता लगा सकता है। महिलाएं जब गर्भावस्था के 16 सप्ताह में पहुंचती हैं, तो उन्हें अपनी जीवनशैली में बहुत से बदलाव करने के साथ-साथ बहुत सी चीजें ऐसी हैं जो छोड़नी पड़ती हैं और बहुत ही सावधानियां काम करते समय बरतनी पड़ती हैं क्योंकि गर्भावस्था का 16 वें सप्ताह बच्चे और मां दोनों के लिए ही परिवर्तन का सप्ताह होता है। इस सप्ताह में महिलाओं के शरीर में बहुत से परिवर्तन लगातार हो रहे होते हैं।

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह में महिलाओं को खाने-पीने का विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ता है। क्योंकि महिलाएं जो कुछ भी खाती हैं उसका सीधा पोषण उनके बच्चे को भी प्राप्त होता है , इसीलिए गर्भावस्था के 16 सप्ताह में महिलाओं को बहुत कुछ याद रखना पड़ता है। आज इस पोस्ट के माध्यम से हम Healthy Food During Pregnancy In Hindi तथा Pregnancy Safety Tips In Hindi के बारे में जानेंगे, इसी के साथ-साथ हम Pregnancy 16 Week Symptoms In Hindi तथा Healthy Life Style For Pregnant Lady In Hindi के बारे में भी अच्छे से जानेंगे।

Sixteenth Week of Pregnancy Symptoms in Hindi

गर्भावस्था के 16 वें हफ्ते में बच्चे का विकास – Baby’s Development In Pregnancy Sixteenth Week In Hindi ?

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह में आपका शिशु सिर से नितंब तक करीब 11.6 सेंमी. (4.6 Inch) लंबा हो गया है, इस सप्ताह में आपका शिशु करीब एक बड़े नाशपति के जितना हो चुका है और उसका वजन लगभग 100 ग्राम तक पहुंच गया है।

आने वाले अगले तीन हफ्तों में आपके शिशु के विकास में अत्याधिक तेजी आएगी और उसका वजन भी जल्द ही दोगुना हो जाएगा। जैसे-जैसे आपका शिशु बड़ा होता है तो , वैसे-वैसे अपरा ( Placenta ) भी बढ़ती है, जो कि आपके शिशु को सहयोग और पोषण ( Nutrition ) प्रदान करती है।

आपके शिशु की गर्दन की मांसपेशियां ( Neck Muscles ) और पीठ की हड्डियां ( Back Bones ) अब मजबूत हो रही है, जिसका मतलब यह है कि उसका सिर अब और अधिक लंबवत ( vertical ) तथा शरीर पहले से ज्यादा सीधा हो रहा है। इस सप्ताह में आपके शिशु की पकड़ भी शायद इतनी विकसित हो गई होगी, कि वह अब अपने छोटे-छोटे हाथों को एक साथ भी पकड़ सकता है।

गर्भावस्था के 16 वें हफ्ते में शिशु के सिर से सबसे ऊपर की तरफ उसकी सिर की त्वचा के पैटर्न की छोटी-छोटी रेखाएं अब बनना शुरु हो चुकी हैं, हालांकि, इस सप्ताह में उसके बाल नहीं उगेंगे। लेकिन शिशु की नाक के नीचे लकीर सी दिखने लगेगी, जिसको फिल्ट्रम ( Filtrum ) भी कहा जाता है, वह भी अब उभरना शुरु हो गई है। जिसके उभरने के पश्चात शिशु के ऊपर वाले होंठ का आकार क्यूपिड के धनुष ( Cupid’s Bow ) जैसा हो जाएगा।

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गर्भावस्था के 16 हफ्ते में आपके शिशु की श्वसन प्रणाली ( Respiratory System ) अब पूरी तरह से कार्य कर रही है। आपके शिशु का दिल अब करीब 28 लीटर खून हर रोज उसके छोटे से शरीर में पहुंचा रहा है। हम आपको बता दें कि जब शिशु का जन्म होगा तो शिशु के जन्म के समय तक उसका हृदय इससे 12 गुणा अधिक रक्त का संचार कर रहा होगा।

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह के लक्षण – Symptoms Of Sixteenth Week Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के 16 सप्ताह में महिलाओं को बहुत से लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जो कि पहले दिखाई देने वाले लक्षणों से बिल्कुल अलग होंगे, लेकिन यह सिर्फ गर्भावस्था के ही लक्षण होते हैं। इसीलिए इन लक्षणों को देखकर घबराने की आवश्यकता नहीं होती।

1. स्तनों का भारी होना

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के स्तन भी भारी हो सकते हैं, भारी होने के साथ-साथ यहआकार में बड़े भी हो सकते हैं, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन बदल जाते हैं जिनके कारण आपके स्तनों पर असर पड़ता है, इसीलिए स्तन पहले की अपेक्षा बड़े हो जाते हैं। कुछ महिलाओं को तो स्तनों में दर्द भी हो सकता है, लेकिन यह सिर्फ गर्भावस्था के लक्षण के कारण ही है।

2. शरीर के वजन में वृद्धि होना

जब महिलाएं गर्भावस्था के 16 हफ्ते में पहुंचती हैं, तो धीरे-धीरे उनके शरीर का वजन भी बढ़ जाता है, क्योंकि बच्चा भी धीरे-धीरे आकार में बड़ा हो रहा होता है। इसके अतिरिक्त बच्चे के विकास के साथ-साथ महिलाओं में भी कुछ ऐसे हार्मोन बदल जाते हैं। जिनसे की महिलाएं पहले की अपेक्षा मोटी होने लगती हैं लेकिन जब बच्चे का जन्म हो जाता है, तो जन्म के पश्चात महिलाएं स्वयं ही पहले जैसी हो जाती है।

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह के लक्षण - Symptoms Of 16th Week Pregnancy In Hindi ?

3. पेट का बड़ा होना

गर्भावस्था के 16 सप्ताह के लक्षणों में सबसे महत्वपूर्ण लक्षण है पेट का बड़ा होना, जब महिलाएं गर्भावस्था के 16 सप्ताह में पहुंचती हैं तो उसी के साथ-साथ उनका पेट भी पहले की अपेक्षा बड़ा हो जाता है, क्योंकि बच्चे का आकार भी बड़ा हो रहा होता है जिसके चलते महिलाओं का पेट भी बड़ा होने लगता है। इसीलिए महिलाओं को अब खुले कपड़े पहनने की आवश्यकता होती है।

4. पीठ दर्द होना

गर्भावस्था के 16 सप्ताह में महिलाओं के पेट में भी काफी ज्यादा दर्द हो सकता है। क्योंकि महिलाओं के भूर्ण में बच्चे का वजन पढ़ रहा होता है और बच्चा धीरे-धीरे बड़ा भी हो रहा होता है, तो इसी के चलते महिलाओं को पीठ दर्द के लक्षण भी महसूस हो सकते हैं यह होना एक स्वाभाविक है जब आपके बच्चे का जन्म हो जाता है, तो उसके पश्चात खुद ही इस प्रकार का दर्द आपके शरीर से गायब हो जाता हैं। इसलिए आपको पीठ दर्द में किसी भी प्रकार की कोई दवाई की आवश्यकता नहीं है।

Fifteenth Week of Pregnancy: प्रेगनेंसी के 15वें सप्ताह के लक्षण,शारीरिक बदलाव, खुद की देखभाल एवं बच्चे का विकास 

5. याददाश्त कमजोर होना

गर्भावस्था के 16 हफ्ते में महिलाओं को अपनी याददाश्त पर भी थोड़ा असर दिखाई दे सकता है। जब हार्मोन में बहुत बदलाव होता है तो उसी के साथ-साथ मस्तिष्क पर भी थोड़ा फर्क पड़ता है, जिसके कारण महिलाओं की याददाश्त पहले की अपेक्षा थोड़ी कमजोर हो जाती है और वह चीजें बोलने लगती हैं या फिर उन्हें 1 दिन पहले का भी अच्छे से याद नहीं रहता, लेकिन यह लक्षण सिर्फ गर्भावस्था के समय ही होते हैं। इसीलिए बच्चे के जन्म के पश्चात यह स्वयं ही ठीक हो जाते हैं।

6. कब्ज होना

गर्भावस्था के 16 हफ्ते में महिलाओं को कब्ज होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। बहुत बार ऐसा होता है कि महिलाएं कुछ बेकार खा लेती हैं या फिर ज्यादा तेज मसाले का खाना खा लेती है। जिसके कारण उन्हें कब्ज की समस्या हो सकती है लेकिन यह समस्या भी आम होती है, जो कि अपने आप ही ठीक हो जाती है लेकिन कुछ महिलाओं को यह समस्या गंभीर रूप से हो रही है, तो उन्हें gynecologist doctor की सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

7. मसूड़ों से खून आना

गर्भावस्था के 16 हफ्ते में गर्भवती महिलाओं को मसूड़ों से खून भी आ सकता है, क्योंकि शरीर में हार्मोन बदलने की वजह से महिलाओं की त्वचा भी ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। जब कुछ महिलाएं ज्यादा तेज टूथ ब्रश करती हैं तो उस समय उनके मसूड़ों से खून आ सकता है। इसीलिए हमेशा ध्यान पूर्वक ही टूथब्रश करें, या फिर मसूड़ों पर कोई भी ऐसी चीज ना लगने दी जिससे कि त्वचा को नुकसान पहुंचे।

Self-Care Tips During Sixteenth Week Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के समय 15 सप्ताह में महिलाओं को अपना स्वयं भी ख्याल रखना पड़ता है। इसीलिए बहुत सी चीजें ऐसी हैं जिनका उन्हें घर पर भी ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि आपके द्वारा की गई जरा सी भी लापरवाही बच्चे और आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसीलिए बहुत से Self-Care Tips During Pregnancy In Hindi का ध्यान आपको रखना पड़ेगा।

गर्भावस्था के इस सप्ताह में महिलाओं को गर्म चीजें खाने से परहेज रखना चाहिए। गर्म चीजें वह होती है जिन की तासीर गर्म होती है जैसे कि छुआरे, अधिक मात्रा में ड्राइफ्रूट्स, करेला, कच्चा पपीता इसके अतिरिक्त और भी बहुत सी चीजें होती हैं जिन की तासीर गर्म होती है, वह गर्भावस्था में महिला को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

गर्भावस्था के समय महिलाओं को यदि किसी दूसरी बीमारी का संकेत दिख रहा है, तो उन्हें gynecologist doctor की सलाह लेनी चाहिए। यदि वह अपनी मर्जी से ही दवाई खाने लग जाती हैं, तो उसका बुरा प्रभाव उनके बच्चे पर भी पड़ सकता है।

गर्भावस्था के 16वें सप्ताह में जीवन शैली में बदलाव करें - Change Your Life Style In 16th Week Pregnancy In Hindi ?
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16 Weeks Of Pregnancy के दौरान महिलाओं को भारी वजन उठाने से भी परहेज रखना चाहिए, क्योंकि भारी वजन उठाने की वजह से उनको बच्चे को जन्म देने में कठिनाई हो सकती है।

गर्भावस्था के 16 हफ्ते के दौरान महिलाओं को अपने घर की या फिर बाहर कहीं की भी सीढ़ियां चढ़ते और उतरते समय काफी ध्यान देना चाहिए। बहुत सी महिलाएं सीढ़ियां चढ़ते और उतरते वक्त ध्यान नहीं देती, जिसके कारण में फिसल जाती है और फिर उन्हें और उनके बच्चे को नुकसान पहुंचता है।

गर्भावस्था के समय महिलाओं को किसी भी प्रकार के चप्पल या जूते ऐसे नहीं पहनने चाहिए जो कि, फिसलते हो हम घरों में बहुत सी ऐसी चप्पलों का इस्तेमाल करते हैं जो कि थोड़े से ही पानी में फिसल जाती हैं, यदि आप सुरक्षित रहना चाहती हैं तो इस प्रकार की चप्पलों से दूर रहें।

16 weeks of pregnancy के समय यदि आप अपने बच्चे को स्वस्थ रखना चाहती हैं, तो आपको सिर्फ खुले कपड़े ही पहने चाहिए या फिर ऐसे कपड़े पहने जो कि आपके पेट से काफी खुले हो, क्योंकि टाइट कपड़े पहनने के कारण बच्चे को पेट में बेचैनी हो सकती है और आपको भी बेचैनी हो सकती है, इसीलिए सिर्फ़ खुले कपड़े ही पहने।

गर्भावस्था के 16वें सप्ताह में जीवन शैली में बदलाव करें – Change Your Life Style In Sixteenth Week Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के 16 सप्ताह में महिलाओं को अपनी जीवन शैली में भी बहुत से बदलाव करने की जरूरत पड़ती है, क्योंकि बहुत सी महिलाओं की जीवन शैली काफी ज्यादा खराब होती है, जिसके चलते उनके गर्भ में पल रहे बच्चे को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसीलिए आपको Healthy Lifestyle During Pregnancy In Hindi की आवश्यकता है।

अगर कोई महिला शराब का सेवन करती है, तो 16 weeks of pregnancy में उसे शराब का सेवन करने से काफी दिक्कतें हो सकती हैं। यहां तक कि उसके बच्चे को भी नुकसान पहुंच सकता है इसीलिए शराब का सेवन बिल्कुल भी ना करें।

बहुत-सी महिलाओं को धूम्रपान करने की भी आदत होती है। यदि आप भी 16 weeks of pregnancy में धूम्रपान करती हैं, तो उसके कारण आपके बच्चे की जान भी जा सकती है। इसीलिए भूलकर भी धूम्रपान ना करें।

16 weeks of pregnancy के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार का ज्यादा तला हुआ खाना या फिर बाहर का तला हुआ खाना नहीं खाना चाहिए। क्योंकि उसके कारण उनके पेट में तो दर्द हो ही सकता है, इसके अतिरिक्त बच्चे के विकास में भी बाधा आ सकती है।

16 weeks of pregnancy में महिलाओं को ज्यादा चटपटा भोजन खाना छोड़ना होगा। बहुत सी महिलाएं काफी ज्यादा मिर्ची वाला खाना खाती हैं या फिर काफी तेज नमक खाती हैं, तो हम आपको बता दें कि इसके कारण आपके शरीर और आपके बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है, इसीलिए सिर्फ सादा भोजन ही खाएं।

16 weeks of pregnancy को अपना सोने का टाइम निर्धारित करना चाहिए। यदि आप देर रात तक जागती हैं तो उसके कारण भी आपको और आपके बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए देर रात तक ना जागे।

16 weeks of pregnancy में महिलाओं को समय पर भोजन करना चाहिए। यदि वह बेटाइम खाना खाती हैं, तो उसके कारण भी उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता और इसी वजह से उनके बच्चे को भी सही पोषण नहीं मिल पाता।

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह में  पोस्टिक आहार का सेवन करें – Eat Healthy Food During Sixteenth Week Of Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के 16 सप्ताह में महिलाओं के बच्चे का विकास काफी तेजी से हो रहा होता है। इसीलिए महिलाओं को यह सलाह दी जाती है कि वह सिर्फ पोस्टिक आहार का ही सेवन करें, ताकि उनका बच्चा जन्म के पश्चात स्वस्थ रहें सके। इसीलिए Healthy Diet During Pregnancy In Hindi आपको ख्याल रखना पड़ता है।

गर्भावस्था के 16 सप्ताह में महिलाओं को दूध का सेवन जरूर करना चाहिए। क्योंकि दूध एक nutritious food है कुछ लोग तो दूध को संपूर्ण आहार भी मानते हैं, क्योंकि दूध में बहुत से जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए संजीवनी बूटी से कम नहीं है। इसीलिए दूध का सेवन महिलाओं को रोजाना करना चाहिए। आप मान कर चलिए की महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान रोजाना 600 से 800 ग्राम दूध का सेवन तो जरूर करना ही चाहिए।

Sixteenth weeks of pregnancy में महिलाओं को ताजे फलों का सेवन करना भी बहुत जरूरी होता हैं, क्योंकि ताजे फल भरपूर मात्रा में nutrients से भरपूर होते हैं और यह आपके शरीर में बच्चे के विकास में भी सहायक होते हैं। इसलिए ताजे फलों का सेवन रोजाना करें कुछ ताजे फलों का सेवन आप जूस के रूप में भी कर सकते हैं

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह में महिलाओं को भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए, बहुत सी महिलाओं के शरीर में पानी की कमी रहती है, जिसके कारण आगे चलकर बच्चा भी जन्म के पश्चात स्वस्थ नहीं रह पाता इसीलिए महिलाओं को रोजाना सात से आठ गिलास पानी तो पीना ही चाहिए। इसके अतिरिक्त दूसरे पे पदार्थों का सेवन भी करना चाहिए जैसे कि जूस तथा coconut water का सेवन महिलाएं कर सकती हैं।

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह में महिलाओं को दालों का सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि दाले भी एक nutritious food है और गर्भवती महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद रहती हैं, इसीलिए 7 दिनों में कम से कम 4 दिन तो दालों का सेवन जरूर करें।

16 weeks of pregnancy के दौरान महिलाओं को दो से तीन चम्मच गाय के शुद्ध देसी घी का सेवन जरूर करना चाहिए। क्योंकि घी में इतनी ज्यादा ताकत होती है कि यह आपको आगे चलकर बच्चे को जन्म देने में भी काफी मदद करता है, इसीलिए रोजाना गाय के शुद्ध देसी घी का सेवन आपको जरूर करना चाहिए।

16 weeks of pregnancy में महिलाओं का हरी सब्जियों का सेवन करना बेहद ही फायदेमंद होता है, क्योंकि हरी सब्जियां सभी जरूरी तत्व और पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो कि गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैंँ इसीलिए गर्भावस्था के 16 सप्ताह में हरी सब्जियों का सेवन करना ना भूलें खासतौर पर गाजर, चुकंदर, खीरा, ककड़ी आदि का सेवन तो सलाद के रूप में भी जरूर करें।

16 weeks of pregnancy में जो महिलाएं मांसाहारी भोजन खा सकती हैं, तो उन्हें अंडा, मांस, मछली आदि का सेवन जरूर करना चाहिए।

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह में ध्यान रखने योग्य कुछ बातें – Most Important Thing To Remember In Sixteenth Week Of Pregnancy In Hindi ?

गर्भावस्था के 16 सप्ताह में महिलाओं को बासी खाना बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए। क्योंकि बासी खाना खाने से महिलाओं का स्वास्थ्य बिगड़ सकता हैं। खासतौर पर उनके बच्चे को भी काफी नुकसान पहुंच सकता है, इसीलिए किसी भी प्रकार के बासी खाने का सेवन ना करें।

गर्भावस्था के 16 सप्ताह में जो महिलाएं ज्यादा ठंडा पानी पीते हैं, उन्हें भी ठंडा पानी पीने के कारण नुकसान पहुंच सकता है। नुकसान के रूप में उनका गला बैठ सकता है या फिर खांसी हो सकती है, इसीलिए ठंडे पानी का सेवन बिल्कुल भी ना करें।

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह में ध्यान रखने योग्य कुछ बातें - Most Important Thing To Remember In 16th Week Of Pregnancy In Hindi ?

16 th weeks of pregnancy में महिलाओं को पेट के बल बिल्कुल भी नहीं सोना चाहिए। क्योंकि पेट के बल सोने के कारण महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे को सांस लेने में काफी तकलीफ हो सकती है, इसीलिए पेट के बल ना सोए।

गर्भावस्था के 16 हफ्ते में महिलाओं को अधिक मात्रा में मैदे से बनी चीजें या फिर चावल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य को बिगाड़ सकते हैं।

जो महिलाएं गर्भावस्था के 16 सप्ताह में एक्सरसाइज करती हैं, उन्हें भी एक्सरसाइज करने छोड़नी होगी। क्योंकि एक्सरसाइज करने के कारण आपके पेट में खिंचाव आ सकता है, जिससे बच्चे को  भी नुकसान पहुंचना संभव है।

गर्भावस्था के 16 वें सप्ताह में डॉक्टर की सलाह जरूर लें ?

16 weeks of pregnancy में महिलाओं के लिए डॉक्टर की सलाह बहुत ही आवश्यक होती है। क्योंकि गर्भावस्था में बहुत सी चीजें ऐसी होती हैं, जो महिलाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं जैसे कि कुछ बीमारियों के लक्षण दिखने पर महिलाएं अपनी मर्जी से ही दवाई खा लेती हैं, जिसके कारण उनके बच्चे को नुकसान पहुंच जाता है। इसलिए हम आपको यही कहेंगे कि यदि आपको गर्भावस्था में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी हो रही है, तो आपको सिर्फ और सिर्फ gynecologist doctor की सलाह लेनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त यदि आप बिल्कुल स्वस्थ भी हैं, तो भी आपको gynecologist doctor की सलाह जरूर लेनी चाहिए। क्योंकि महिलाओं के शरीर में गर्भावस्था के समय बहुत सी ऐसी कमियां भी हो सकती हैं, जो कि उन्हें बच्चे को जन्म देने में दिक्कत कर सकती हैं, इसीलिए गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Conclusion –

गर्भावस्था के 16 सप्ताह में महिलाओं को किस प्रकार का भोजन करना चाहिए और भोजन में किन-किन चीजों को नहीं खाना चाहिए, यह हमने इस पोस्ट के माध्यम से आपको बता दिया है और गर्भवती महिलाओं को किस प्रकार की सावधानियां गर्भ अवस्था में बरतनी चाहिए, इनके बारे में भी हमने आपको बताया है।

इसके अतिरिक्त Symptoms Of Pregnancy In Hindi तथा Healthy Diet During Pregnancy In Hindi के बारे में भी हमने बताया है।

अब यदि आपको Self-Care Tips For Pregnant Lady तथा Pregnancy Me Kya Khaye से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछना हो, तो कमेंट सेक्शन में कमेंट करें। धन्यवाद

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