Gas Problem in Babies: नवजात शिशुओं के पेट में गैस क्यों बनती है – जानिए शिशु के पेट में गैस बनने के कारण, लक्षण व उपाय ? |Why do newborns have gas – know the causes, symptoms and remedies for gas formation in the stomach of the baby?

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Dr. Nick Kumar Jaiswal
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He is a professional blog writer for more than 2 years, he holds a degree in Doctorate in Pharmacy(Pharm D) with experience in medicine dispensing and medication ADRs. His interest in medicine makes him excellent in his research project. Now he prefers to write blogs about medications and diseases. His hobbies include football and watching Netflix. He loves reading novels and gain knowledge about more medication ADRs. He is very helpful in nature and you will often find him helping others in the treatment. डॉ जयसवाल 2 से अधिक वर्षों से एक पेशेवर ब्लॉग लेखक है, ये दवा वितरण और दवा एडीआर में अनुभव के साथ एक फार्म डी डिग्री होल्डर है। चिकित्सा में उनकी रुचि उन्हें अपनी शोध परियोजना में उत्कृष्ट बनाती है। अब वह दवाओं और बीमारियों के बारे में ब्लॉग लिखना पसंद करते हैं। उनके शौक में फुटबॉल और नेटफ्लिक्सिंग, उपन्यास पढ़ना और अधिक दवा एडीआर के बारे में ज्ञान प्राप्त करना शामिल है। वह प्रकृति में बहुत मददगार है और अक्सर आप इन्हे दूसरों की इलाज में मदद करते हुए देख पाएंगे ।
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Gas Problem in Babies: नवजात शिशुओं के पेट में गैस क्यों बनती है – जानिए शिशु के पेट में गैस बनने के कारण, लक्षण व उपाय ?

बच्चों को बचपन में पेट से संबंधित बहुत सी बीमारियां हो जाती है, ऐसी ही एक बीमारी पेट में गैस बनना भी होती है छोटे बच्चों के पेट में ज्यादा गैस बनती है क्योंकि बहुत सी खाने की ऐसी चीजें होती हैं, जिनसे आपके छोटे बच्चे को तुरंत ही नुकसान पहुंच सकता है और उसके पेट में गैस बन जाती हैं।

यह तो शिशु की माता को पता होना चाहिए कि जब शिशु को दूध पिलाते हैं, तो दूध पिलाने के पश्चात उसे गोद में उठाकर हिलाना डुलाना भी पड़ता है और उसे डकार दिलानी पड़ती हैं। यदि हम छोटे बच्चे को डकार नहीं दिलाते तो उसकी वजह से बच्चे के पेट में गैस बन सकती है अगर बच्चे की माता तले हुए खाने का सेवन ज्यादा करती हैं, तो उसके कारण भी छोटे बच्चों के पेट में गैस बन सकती हैं, क्योंकि छोटे बच्चों को मां के दूध से ही ताकत मिलती है।

जब आपका बच्चा आपका दूध पीता है तो उसी के कारण उसके पेट में गैस बनती हैं, लेकिन आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं हैं।

आज की इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको Bacho Ke Pet Me Gas Banne Ka Karan तथा Bacho Ke Pet Me Gas Banne Ka ilaz के बारे में बताएंगे। इसी के साथ-साथ हम आपको Symptoms Of Gas Formation In Stomach in Hindi तथा Treatment Of Gas Formation In Stomach In Hindi के बारे में भी बताएंगे, ताकि आपके बच्चे के पेट में गैस बनने पर आप तुरंत ही उसका इलाज कर सकें।

पेट में गैस बनना किसे बोलते हैं - What Is Gas Formation In Stomach In Hindi ?

पेट में गैस बनना किसे बोलते हैं – What Is Gas Formation In Stomach In Hindi ?

गैस बनना एक ऐसी बीमारी है जो छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों में भी देखी जाती हैं। इस बीमारी में व्यक्ति को पेट में दर्द, खट्टी डकार, पेट भारी होना, छाती में दर्द होना, सिर में दर्द होना आदि लक्षण दिखाई दे सकते हैं, पेट में गैस बनने पर व्यक्ति को कुछ भी खाने का मन नहीं करता। क्योंकि पेट में गैस बनने पर बच्चों को काफी ज्यादा बेचैनी होती हैं, जिसकी वजह से वह काफी तेज तेज रोते भी हैं इसीलिए पेट में गैस बनने पर तुरंत ही उसका इलाज करना पड़ता हैं, क्योंकि गैस बनने पर नवजात शिशु या फिर कोई भी बड़ा व्यक्ति ज्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं कर पाता।

पेट में गैस बनने के लक्षण – Symptoms Of Gas In Stomach In Hindi ?

पेट में गैस बनने के बहुत से लक्षण होते हैं जैसे बच्चों की माता को आसानी से पता लग सकता है कि उनके बच्चों के पेट में गैस बनी हुई है जैसे कि :-

• जब शिशु के पेट में गैस बनी होती है तो शिशु को बार बार डकार आती हैं और यह आपको दिखने में बहुत ही सामान्य डकार लगती हैं, लेकिन हम आपको बता दें कि असलियत में यह खट्टी डकारें होती हैं जिनको सिर्फ बच्चा ही महसूस कर सकता है इसलिए बच्चे को यदि बार-बार डकार आ रही है, तो आपको यह जान लेना चाहिए कि उसके पेट में गैस बनी हुई हैं।

• अगर बच्चे के पेट में गैस बनी हुई है तो बार-बार वह हवा छोड़ता है जिससे कि आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि इसके पेट में गैस बनी हुई है वैसे तो हर एक बच्चे हवा छोड़ते हैं लेकिन कुछ बच्चे अगर बार-बार हवा छोड़ रहे हैं, तो उससे आप इस बात का अंदाजा आसानी से लगा सकते हैं कि बच्चे के पेट में गैस बनी हुई हैं।

• पेट में गैस बनने पर आपका शिशु बहुत ज्यादा बेचैन होता है और वह बार-बार रोता है जिसकी वजह से आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि आपके बच्चे के पेट में गैस भी बनी हो सकती है, क्योंकि पेट में गैस बनने के कारण भी बच्चा बहुत ज्यादा बेचैन रहता हैं, क्योंकि बच्चा किसी को बोलकर तो नहीं बता सकता, इसलिए वह रो-रो कर अपनी हालत के बारे में अपनी मां को बताना चाहता हैं।

• बच्चे के पेट में गैस बनने पर आपके बच्चे का पेट फूलने भी लगता है और बच्चे का पेट काफी ज्यादा टाइट भी हो जाता है, क्योंकि उसके अंदर गैस बन जाती है यदि आपको अपने बच्चे का पेट काफी ज्यादा टाइट लग रहा हैं, तो आप इस बात का अंदाजा लगा सकती हैं कि आपके बच्चे के पेट में गैस बनी हुई हैं।

• अगर आपके बच्चे के पेट में गैस बन जाती हैं, तो पेट में गैस बनने पर आपके बच्चे को कुछ भी खाने का मन नहीं करता अगर आप उसे दूध पीलाना भी चाहेंगे, तो वह अपना मुंह इधर-उधर घूमाएगा और दूध नहीं पिएगा। यदि आप अपने बच्चे को जबरदस्ती दूध पिला भी देती है तो उसे तुरंत ही उल्टी आ जाएगी।

• पेट में गैस बनने पर आपके बच्चों की छाती में भी बहुत ज्यादा दर्द होता है और वह तेज तेज रोने लगता हैं। अगर पेट में गैस बने हुए 3 से 4 घंटे हो जाएं तो उसके पश्चात ही बच्चे की छाती में दर्द होता हैं। क्योंकि पेट से होते-होते गैस दिमाग तक जाती है और उसी के कारण जब छाती तक गैस पहुंचती है, तो छाती में भी दर्ज कर देती है और जब गैस धीरे-धीरे दिमाग तक पहुंचेगी तो बच्चे के सिर में दर्द भी हो जाएगा, इसलिए आपको जल्दी से जल्दी बच्चे का इलाज करना होगा।

बच्चों के पेट में गैस बनने के कारण – Causes Of Gas In Stomach In Hindi ?

बच्चों के पेट में गैस बनने के अनेकों कारण हो सकते हैं जैसे कि :-

• अगर महिलाएं अपने बच्चे को गलत तरीके से स्तनपान कराती हैं, तो उसके कारण भी बच्चे के पेट में गैस बन सकती है, क्योंकि स्तनपान भी बच्चे को सही तरीके से करवाना पड़ता हैं।

• जब महिलाएं बोतल से बच्चे को दूध पिलाती हैं, तो उसकी वजह से भी बच्चे के पेट में गैस बन सकती हैं, क्योंकि अगर आप गर्म दूध को बोतल में डाल देते हैं और उसके पश्चात बोतल को बंद करके रख देते हैं और फिर दूध ठंडा होने का इंतजार करते हैं, तो हम आपको बता दें कि जब आप बोतल को खोल कर दूध बच्चे को पिलाना शुरू करती हैं तो बोतल के अंदर हवा भी बन जाती है और जब बच्चा दूध पीता हैं, तो वह हवा बच्चे के पेट में चली जाती है जिसकी वजह से बच्चे के पेट में गैस बन सकती हैं।

• अगर कोई बच्चा समय से पहले ही जन्म ले लेता है और उसकी आंतें अभी अच्छे से विकसित नहीं हुई हैं, तो उसके कारण भी उस बच्चे के पेट में गैस बन सकती हैं। क्योंकि आंतों के विकसित ना होने के कारण बच्चे को मल त्यागने में काफी मुश्किल होती है और इसी वजह से पेट में गैस बन जाती हैं। कई बार कुछ बच्चे समय पर जन्म तो लेते हैं लेकिन फिर भी उन्हें सही पोषण ना मिलने के कारण उनके शरीर का थोड़ा और विकास बाकी रह जाता है जिसकी वजह से उनके पेट में गैस बनती हैं।

• अगर बच्चे के मुंह में बैक्टीरिया चले जाते हैं और वह बैक्टीरिया अगर आंतों में पहुंच जाते हैं, तो उसके कारण भी बच्चे के पेट में गैस बन सकती हैं, क्योंकि बैक्टीरिया के कारण भी गैस बनना स्वाभाविक हैं। इसलिए बच्चों को साफ-सुथरे हाथों से ही दूध पिलाना चाहिए।

• अगर आप अपने बच्चे को ज्यादा दूध पिलाती हैं या फिर कुछ खाने की चीज ज्यादा खिला देती हैं, तो उसके कारण भी बच्चे के पेट में गैस बन सकती हैं, क्योंकि अभी बच्चे का पाचन तंत्र इतना ज्यादा मजबूत नहीं हुआ है कि वह एक साथ ज्यादा खाने को पचा सकें। इसीलिए बच्चों को कम मात्रा में खाना खिलाना होता है और दूध पिलाना होता हैं, आप थोड़ा-थोड़ा करके बच्चे को खाना खिला सकते हैं या फिर दूध पिला सकते हैं। इस प्रकार उसकी भूख भी शांत हो जाएगी और पेट में गैस भी नहीं बनेगी।

• अगर आपका बच्चा खाना खाने से पहले काफी ज्यादा रोता हैं, तो उसके रोने की वजह से भी उसके पेट में हवा चली जाती है जिसकी वजह से जब वह दूध पीता हैं, तो उसके पेट में गैस बन जाती है और इसी की वजह से बच्चे को गैस बनने के लक्षण दिखने लगते हैं।

• अगर बच्चे की मां कुछ ज्यादा चटपटा खाना खा लेती है या फिर ड्राई फ्रूट का सेवन करती है या देसी घी, मक्खन आदि ज्यादा मात्रा में खा लेती है तो उसके कारण भी बच्चे के पेट में गैस बन सकती है। क्योंकि बच्चा अपनी माता का दूध पीता है और माता के दूध के माध्यम से बच्चे के पेट में गैस बन सकती हैं, क्योंकि यह सब चीजें खाने से मां का दूध काफी भारी हो जाता है जिसकी वजह से बच्चे के पेट में गैस बनती हैं।

छोटे बच्चों में गैस की समस्या का इलाज - Treatment of Gas Problem In Young Children In Hindi ?

छोटे बच्चों में गैस की समस्या का इलाज – Treatment of Gas Problem In Young Children In Hindi ?

नवजात शिशु के पेट में गैस बन जाती हैं, तो डॉक्टर के द्वारा कुछ दवाइयां भी दी जा सकती हैं लेकिन इन दवाइयों को देते वक्त भी बहुत सी सावधानियां बरतनी पड़ती हैं, क्योंकि दवाइयों के कारण शिशुओं को दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं जिसके चलते हैं बच्चे को दस्त भी लग सकते हैं या फिर एलर्जी भी हो सकती हैं। इसीलिए डॉक्टर के द्वारा शिशु को गैस दूर करने के लिए ड्रॉप्स भी दी जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों में गैस की समस्या होने पर और भी इलाज किए जा सकते हैं जैसे कि :-

ग्राइप वाटर ( Gripe Water )

जब शिशु को पेट में गैस बन जाती हैं, तो Gripe Water का इस्तेमाल करके भी उसे इस समस्या से छुटकारा दिलाया जा सकता हैं, क्योंकि काफी समय से इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता हैं। जब बच्चे के पेट में गैस बन जाती हैं, तो उसे तीन से 4 चम्मच Gripe Water पिलाया जाता है और फिर सिर्फ 5 से 10 मिनट के अंदर अंदर बच्चा ठीक होने लगता हैं। Gripe Water आपको बाजार में आसानी से मिल जाता है आप किसी भी मेडिकल स्टोर से इसे आसानी से खरीद सकते हैं जिनके घर में छोटे बच्चे होते हैं, तो उन घरों में ग्राइप वाटर हमेशा ही रखा जाता है, क्योंकि इसकी कभी भी आवश्यकता पड़ सकती हैं।

प्रोबायोटिक्स ( Probiotics )

बहुत से रिसर्च के अनुसार यह पता चला है कि शिशु को दिए जाने वाले Probiotics भी शिशु की गैस की समस्या को दूर कर सकती हैं। यदि किसी बच्चे ने ठोस आहार लेना शुरू किया ही हैं, तो इस प्रकार के बच्चों को ठोस आहार खिलाने के साथ-साथ थोड़ी दही भी खिलानी चाहिए, क्योंकि दही खाने से बच्चे को आसानी से खाना हजम हो जाता हैं। जिसकी वजह से उसके पेट में गैस बनने की भी आशंका नहीं रहती और इसी के साथ-साथ शिशु की आंतें पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी पहचान लेती है जिससे कि बच्चे को आगे स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

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नवजात शिशुओं को गैस से कैसे बचाएं – How to Protect Newborns From Gas In Hindi ?

ऐसे बहुत से तरीके हैं जिनसे आप अपने बच्चों के पेट में गैस बनने से रोक सकते हैं और यह तरीके बहुत ही आसान है जैसे कि :-

शिशु को खाना खाने के पश्चात डकार दिलाएं –

आपको अपने बच्चों को खाना खाने के तुरंत बाद डकार दिलानी चाहिए, क्योंकि अपने बच्चे को डकार दिलाने के पश्चात बच्चे का खाना पूरी तरह हजम हो जाता है और जब बच्चे का खाना हजम हो जाता हैं, तो फिर उसके पेट में गैस बनने की संभावना नहीं रहती, इसीलिए बच्चे को खाना खाने के पश्चात डकार दिलाना आवश्यक होता हैं।

दूध की बोतल बदले –

अगर आपका बच्चा बोतल से दूध पीता है, तो आपको बोतल को बदलते रहना चाहिए और अपने बच्चे को ऐसी बोतल से दूध पिलाना चाहिए जिसमें से काफी कम मात्रा में दूध निकलता हो, क्योंकि अगर आप अपने बच्चे को बोतल से ज्यादा मात्रा में दूध पिलाते हैं, तो इस प्रकार बच्चे को दूध हजम करने में समस्या हो जाती है और उसे दूध पीने के पश्चात पेट में गैस बन जाती हैं।

शिशु को सही पोजीशन में खाना खिलाना चाहिए –

आपको अपने बच्चे को स्तनपान या बोतल से दूध पिलाते समय भी पोजीशन का ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि सही पोजीशन में दूध ना पिलाने या फिर खाना खिलाने के कारण भी बच्चे के पेट में गैस बन सकती हैं। इसीलिए बच्चे को दूध पिलाते समय या खाना खिलाते समय उसके सिर को पेट से काफी ऊपर रखें, तभी उसका खाना हजम हो पाएगा और बिल्कुल थोड़ा-थोड़ा खाना ही बच्चे को खिलाएं ताकि उसे खाने को निगलने में आसानी हो।

शिशु की मसाज करें –

आपको अपने शिष्यों की मसाज करनी चाहिए। यदि आप अपने शिशु की दिन में दो बार मालिश करते हैं, तो इस प्रकार भी आपके बच्चे के पेट में बिल्कुल भी गैस नहीं बनती आपको अपने शिशु को पेट के बल लेटा कर उसकी पीठ की अच्छी तरह मालिश करनी चाहिए। इस प्रकार बच्चे के पेट में गैस बनने की संभावना है बिल्कुल ही खत्म हो जाती हैं।

बच्चे को गुनगुने पानी से नहलाएं –

आपको अपने बच्चों को गुनगुने पानी से ही नहलाना चाहिए। क्योंकि गुनगुने पानी से स्नान करने पर आपके बच्चे के पेट में गैस बनने की संभावनाएं बिल्कुल ही खत्म हो जाती हैं। इसलिए गर्मियों के मौसम में भी आपको अपने शिशु को गुनगुने पानी से नहलाना चाहिए। तभी आपका बच्चा स्वस्थ रहेगा और उसे सर्दी, खांसी, जुखाम की परेशानी भी नहीं होगी।

नवजात शिशु के पेट में गैस बनने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए – When Should Go To the Doctor For Gas Formation in the Stomach of a Newborn In Hindi ?

अगर आपकी नवजात शिशु के पेट में गैस बन जाती है और वह इस प्रकार के लक्षण दिखाने लगता हैं जो कि हमने आपको बताए हैं, तो आपको इस प्रकार के लक्षण बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और आपको तुरंत ही किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह लेकर बच्चे को गैस से छुटकारा पाने की दवाई देनी चाहिए। क्योंकि छोटे बच्चों के पेट में गैस बनने के कारण उन्हें काफी ज्यादा तकलीफ हो सकती हैं, क्योंकि वह अपनी तकलीफ को अपनी माता को भी बोलकर नहीं बता सकतें। इसीलिए आपको जल्दी से जल्दी उनका इलाज करवाना जरूरी होता है।

बच्चों के पेट की गैस के लिए घरेलू नुस्खे - Home Remedies For Stomach Gas In Kids In Hindi ?
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बच्चों के पेट की गैस के लिए घरेलू नुस्खे – Home Remedies For Stomach Gas In Kids In Hindi ?

बच्चों के पेट में गैस बनने पर आप बहुत से घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, क्योंकि घरेलू नुस्खे बच्चों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इसीलिए आप बच्चों के पेट में गैस बनने पर बहुत से घरेलू नुस्खे आजमा सकते हैं जैसे कि :-

हींग का इस्तेमाल

गैस से छुटकारा दिलाने के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है अगर आपके बच्चे के पेट में गैस बनी हुई हैं, तो आपको हींग को अच्छी तरह पीसकर गुनगुने पानी में मिलाकर बच्चे की नाभि के चारो तरफ रुई से लगाना चाहिए। इस प्रकार आपके बच्चे को अपने पेट की गैस निकालने में मदद मिलेगी इसके अतिरिक्त यदि आपके बच्चे की आयु 8 महीने से ज्यादा हैं, तो आप उसे गुनगुने पानी में घोलकर चम्मच से पीला भी सकते हैं, इस प्रकार भी पेट में गैस बनने से छुटकारा मिल जाएगा।

पेट की मालिश करें

अगर आपके बच्चे के पेट में गैस बन रही है तो आप जिस दिल से बच्चे की मालिश करते हैं। आप उस तेल को बच्चे के पेट पर लगाइए और पेट पर दो उंगलियों की सहायता से गोल गोल घुमा कर पेट की मालिश कीजिए। यदि आप इस प्रकार अपने बच्चे के पेट की मालिश करती हैं, तो आपके बच्चे को पेट की गैस से छुटकारा मिलेगा।

गीले तौलिए की सहायता से

अगर आपके बच्चे के पेट में गैस बनी हुई है तो उस गैस से अपने बच्चों को छुटकारा दिलाने के लिए आप एक तौलिए को गुनगुने पानी में गीला करके उस तोलिए को अपने बच्चे के पेट पर रख सकती हैं। यदि आप इस प्रकार पेट पर तो लिया रखेंगें, तो आपके बच्चे के पेट की गैस निकलने लगेगी और फिर वह है 15 से 20 मिनट के अंदर अंदर ठीक हो जाएगा।

अजवाइन

अजवाइन का इस्तेमाल पेट से जुड़ी हर एक प्रकार की समस्या के इलाज के लिए किया जाता हैं। अगर आप के शिशु के पेट में गैस बनी हुई है या पेट में दर्द हो रहा हैं, तो इस समस्या में आप अजवाइन को 5 से 10 मिनट तक पानी में उबालें और फिर उस पानी को छान कर ठंडा होने के लिए रख दें और ठंडा होने पर एक चम्मच की सहायता से यह अजवाइन का पानी आधा चम्मच बच्चे को पिला दें इस प्रकार भी आपका बच्चा ठीक हो जाएगा।

अदरक

अदरक भी पेट से जुड़ी समस्याओं में बेहद ही फायदेमंद साबित होता हैं, इसलिए आप आधा चम्मच अदरक का रस निकालकर इसमें आधा चम्मच शहद मिलाकर इसे बच्चे को खिला सकती हैं। इसे खाने के पश्चात भी आपके बच्चे के पेट से गैस निकलने लगेगी और इसी के साथ-साथ उसे अगर सर्दी खांसी के लक्षण दिख रहे हैं, तो वह भी इस नुस्खे का इस्तेमाल करने के पश्चात ठीक हो जाएंगे।

दही

बच्चे के पेट में गैस बनने पर दही भी उसके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती हैं। इसीलिए जब आपके बच्चे के पेट में गैस बन रही होती है, तो आपको अपने बच्चे को आधा चम्मच दही खिलानी चाहिए उसके पश्चात 15 से 20 मिनट के अंदर ही आपका बच्चा स्वस्थ हो जाता हैं, क्योंकि दही में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो कि तुरंत ही आराम पहुंचाने का कार्य करते हैं।

Conclusion –

बच्चों के पेट में गैस बनना एक आम समस्या हैं, इस गैस बनने की समस्या से बच्चों को किस प्रकार छुटकारा दिलाया जा सकता हैं। इसके बारे में हमने आपको विस्तार से बता दिया हैं। इसी के साथ-साथ हमने आपको वह कारण भी बताए हैं, जिसकी वजह से बच्चे के पेट में गैस बन जाती है या फिर ऐसे कौन से लक्षण हैं जिनसे बच्चे के पेट में गैस बनने पर तुरंत ही पहचाना जा सकता है उनके बारे में भी हमने आपको बता दिया हैं।

इसी के साथ-साथ आज की इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको Bacho Ke Pet Me Gas Banne Ka Karan तथा Bacho Ke Pet Me Gas Banne Ka ilaz के बारे में बताया है। इसी के साथ-साथ हमनें आपको Symptoms Of Gas Formation In Stomach in Hindi तथा Treatment Of Gas Formation In Stomach In Hindi के बारे में भी बता दिया हैं। अब यदि आपको हमसे Pet Me Gas Banne Ke Gharelu Nuskhe के बारे में कोई भी सवाल पूछना हों, तो कमेंट सेक्शन में कमेंट करें। धन्यवाद

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