Strabismus, Cross Eye या आँखों का भेंगापन क्या है ? इससे कैसे बचें? जानिए इसके कारण , लक्षण , निदान , इलाज और बचाव के टिप्स ? | What is Strabismus in children? How to avoid it? Know its causes, symptoms, diagnosis, treatment, and prevention tips in Hindi?

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Nandita Sharma
Nandita Sharma
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Strabismus Kya Hota Hai – जानिए Cross- Eyes Ke Lakshan, Karan Aur ilaj?

  • जैसे कि आपको पता ही है कि हमारी आंखों की कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं जो जन्म से ही होते हैं यदि इस प्रकार की आंखों की समस्याओं का बचपन में ही इलाज हो जाए तो यह बेहतर होता है नहीं तो जैसे जैसे हम बड़े होते जाते हैं तो यह समस्या भी बढ़ने लगती है जिसके कारण हम फिर बाद में इस समस्या पर नियंत्रण नहीं कर पाते इसीलिए हम आपको आज आंखों की एक समस्या के बारे में बताने वाले हैं जिसका नाम है Strabismus आपको इस बीमारी का नाम देखने में लग रहा होगा कि पता नहीं है कौन सी बीमारी है परंतु हम आपको बता दें कि साधारण भाषा में इस बीमारी को भेंगापन तथा Cross Eyes भी कहते हैं
  • आपने अक्सर अपने आसपास बहुत से लोगों को देखा होगा जिनकी आंखों में आपको भेंगापन दिख जाएगा, यह बीमारी जिसे भी होती है बचपन से ही होती है, यदि आपके आसपास भी छोटे बच्चे हैं या फिर आपके परिवार में हैं जिन्हें भैंगेंपन की समस्या है, तो आज हमारी यह पोस्ट आपके लिए काफी लाभदायक सिद्ध होने वाली है क्योंकि आज आप हमारी इस पोस्ट के माध्यम से जानेंगे कि:-
  • Strabismus In Hindi?
  • भेंगापन क्या होता है – What Is Cross Eyes In Hindi?
  • Bhengapan कितने तरह का होता है – Types Of Strabismus ( Cross Eyes ) In Hindi
  • भेंगापन के लक्षण- Symptoms Of Strabismus In Hindi?
  • भेंगापन के कारण – Causes Of Strabismus In Hindi?
  • भेंगापन का इलाज – Treatment Of Strabismus ( Cross Eyes ) In Hindi?
  • भेंगापन से बचने के उपाय – Prevention Of Strabismus ( cross Eyes ) In Hindi?
  • भेंगापन का परीक्षण Diagnosis Of Strabismus ( Cross Eyes ) In Hindi?

भेंगापन क्या होता है – What Is Cross Eyes In Hindi?

  • भेंगापन एक ऐसी स्थिति होती है, जिस स्थिति में आपकी आंखें एक वस्तु पर अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए एक साथ काम नहीं कर पाती, आपने अक्सर भेंगापन के लोगों को देखा होगा उन लोगों की आंखें अलग-अलग दिशाओं मैं देखती हैं, और दोनों आंख अलग-अलग वस्तुओं पर अपना ध्यान केंद्रित करती हैं।
  • आमतौर पर दोनों आंखों से जुड़ी मांसपेशियां एक ही दिशा में आंखों को एक साथ ले जाने के लिए मिलकर काम करती हैं, भेंगापन तब होता है जब आप की आंखों की मांसपेशियां आपकी आंखों की गतिविधियों को ठीक प्रकार से नियंत्रित नहीं कर पाती और जब आप की आंखों की मांसपेशियां ठीक से काम नहीं करती, तो उस कारण आपकी आंखें भी एक साथ काम नहीं कर पाती तथा हमारा मस्तिष्क दोनों आंखों से देखने वाली अलग-अलग वस्तुओं को अच्छे से नहीं समझ पाता, जिसके कारण यह परेशानी होती है।
  • इस प्रकार की समस्या छोटे बच्चों में काफी आम समस्या है, क्योंकि यह छोटे बच्चों के जन्म के समय ही उन्हें हो जाती है, परंतु यह समस्या बच्चों को बाद में भी हो सकती है चलिए अब हम Cross Eyes Ke Lakshan और Cross Eyes Ke Karan बताएंगे।

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भेंगापन कितनी तरह का होता है – Types Of Strabismus ( Cross Eyes ) In Hindi?

भेंगापन निम्नलिखित तीन प्रकार का होता है

Esotropia

बचपन के समय ज्यादातर है दिखने वाला भेंगापन सामान्य तौर पर Esotropua ही होता है, जिसमें हमारी एक आंख सीधी आगे देखने की बजाय हमारी नाक की तरफ आ जाती है, इस प्रकार का भेंगापन अक्सर नवजात शिशुओं में ही देखने को मिलता है।

Exotropia

भेंगापन के इस प्रकार में बच्चों की एक आंख सीधी देखने की वजह बाहर की तरफ देखने लगती है, और यह लक्षण सामान्य तौर पर 1 साल से लेकर 6 साल के बच्चों में देखे जाते हैं।

Hypertropia

इस प्रकार के भेंगापन में हमारी एक आंख सीधा देखने की बजाए हमारी बाहों की तरफ देखती हैस परंतु यह भेंगापन बहुत ही दुर्लभ है यह आज तक बहुत ही कम व्यक्तियों में देखने को मिला है।

भेंगापन के लक्षण – Symptoms Of Strabismus In Hindi?

अब हम आपको आंखों की इस बीमारी के लक्षण बताएंगे जिसके कारण इस बीमारी को आसानी से पहचान सकते हैं और फिर आप इसका समय पर इलाज करवा सकते हैं तो चलिए जानते हैं Bhengapan Ke Lakshan

  • यदि आपकी आंखें एक समय में एक दिशा की ओर नहीं देख पा रही, तो आप मान लीजिए कि आपको भेंगापन के लक्षण दिखने शुरू हो गए हैं।
  • यदि किसी नवजात शिशु या छोटे बच्चे की आंख थोड़ी टेडी है, या फिर दोनों आंखें आपस में एक बार में अलग-अलग दिशाओं में देख रही हैं तो यह भी भेंगापन का ही लक्षण है।
  • यदि किसी भी बच्चे की दोनों आंखें साथ नहीं चल रही हैं, तो भी उस बच्चे को भेंगापन हो सकता है।
  • यदि छोटे बच्चे ज्यादा रोशनी पड़ने पर या फिर सूरज की रोशनी में आंखें टेडी करने लगते हैं, तो भी ऐसा हो सकता है कि उन्हें भेंगापन हो।
  • यदि कोई छोटा बच्चा किसी एक वस्तु को देखने के लिए अपना सिर झुकाता है, या फिर  सिर मोड़ लेता है तो यह भी भेंगापन के ही लक्षण है।
  • यदि किसी बच्चे को बार-बार किसी भी चीज में टकराने की समस्या है, तो भी हो सकता है कि उस बच्चे की आंखों में भेंगापन हो। क्योंकि बचपन में भेंगापन के शिकार बच्चे ही अक्सर सामने की चीजें अच्छे से नहीं देख पाते जिसके कारण वह उनसे टकरा जाते हैं।

भेंगापन के कारण – Causes Of Strabismus In Hindi?

अब हम आपको भेंगापन के कारण बताएंगे यदि आप इन कारणों से परहेज कर लेते हैं तो आप अपने बच्चों को भेंगापन से बचा पाएंगे तो चलिए जानते हैं Cross Eyes Ke Karan

  • यदि किसी बच्चे को जन्म के समय ही भेंगापन हो जाता है, तो इसका मुख्य कारण अनुवांशिक भी हो सकता है, मतलब की यदि पैदा होने वाले बच्चे के परिवार में किसी की आंखों में भेंगापन है  तो यह बीमारी उसे भी हो सकती है।
  • कभी-कभी आंखों में भेंगापन तब भी आ जाता है, जब हमें आंखों की समस्या हो जैसे कि मोतियाबिंद।
  • यदि बड़े लोगों की आंख में भेंगापन हो गया है, तो इसका कारण रक्त वहीका का नुकसान भी हो सकता है, मतलब कि यदि हमारी आंखों में रक्त वहीका को नुकसान पहुंचा है, तो उसके कारण भी भेंगापन हो सकता है।
  • यदि किसी भी बच्चे की आंख में बचपन से ही आंख का ट्यूमर या फिर ब्रेन ट्यूमर और मांसपेशियों से संबंधित कोई बीमारी है, तो उसकी आंखों में भेंगापन पैदा हो सकता है।
  • यदि किसी व्यक्ति की दूर की नजर बहुत ही ज्यादा कमजोर है, तो उसका रेट भी आंखों में भेंगापन हो सकता है।
  • यदि कभी किसी व्यक्ति की आंखों पर चोट लग जाती है, और वह उस चोट का इलाज ना करवाए, तो भी उस व्यक्ति को आंखों की भेंगापन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  • यदि किसी भी व्यक्ति की आंखों का रेटिना क्षतिग्रस्त हो चुका है, तो उस कारण भी आंखों में भेंगापन आ सकता है।
  • यदि किसी व्यक्ति को शुगर की बीमारी है और यदि वह शुगर पर नियंत्रण नहीं रखता है, तो इस कारण भी उसे आंखों की समस्या हो सकती है।

भेंगापन से बचने के उपाय – Prevention Of Strabismus ( cross Eyes ) In Hindi?

  • भेंगापन से बचाव काफी मुश्किल होता है, परंतु यदि इसका इलाज वक्त रहते करवा लिया जाए, तो इस पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है, इसीलिए आपको नवजात शिशुओं की आंखें कुछ ही महीनों के अंतराल पर नियमित रूप से चेक करवाते रहना चाहिए क्योंकि आंखों की बीमारी ऐसी होती हैं, कि जिन्हें बचपन में अगर पकड़ लिया जाए तो फिर उन्हें आसानी से ठीक किया जा सकता है, इसीलिए समय-समय पर बच्चों की आंखों की जांच करवानी बहुत ज्यादा जरूरी होती है।
  • ऐसा नहीं है कि बच्चों को ही अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए यदि आप बड़े हैं, तो भी आपको आंखों की जांच अवश्य करनी चाहिए। क्योंकि आंखों की जांच करवाने से हमें आंखों की बीमारी का समय से पता चल जाता है, और फिर हम इसका बेहतर इलाज करवा पाते हैं।

भेंगापन का परीक्षण Diagnosis Of Strabismus ( Cross Eyes ) In Hindi?

यदि आप खुद बहन के पर्सन से बचना चाहते हैं, या फिर अपने बच्चों को भेंगापन से बचाना चाहते हैं, तो इसके लक्षण देखने पर ही आपको तुरंत आंखों की जांच करानी चाहिए, और आंखों की जांच के लिए हम आपको कुछ टेस्ट बताते हैं, जो कि इस प्रकार हैं :-

  • Cross Eyes की जांच करने के लिए Cornea Light Reflex Test किया जाता है, जो कि आप किसी भी अच्छे आंखों के डॉक्टर से करवा सकते हैं।
  • दूर से कोई भी अक्षर पढ़ने की क्षमता की जांच कराने के लिए Visual Acuity Test किया जाता है और यह टेस्ट भी आप किसी भी अच्छे आंखों के डॉक्टर से करवा सकते हैं।
  • आंखों की गतिविधियां तथा विचलन को मापने के लिए Cover/Uncover Test भी किया जाता है।
  • इसके अतिरिक्त आंखों के पिछले हिस्से मतलब की रेटीना का टेस्ट भी किया जाता है।

Bhengapan Ka Upchar – Strabismus Treatment In Hindi?

अब हम आपको यह बताएंगे कि भेंगेंपन का इलाज कैसे होता है?

1. चश्मा

आंखों की इस प्रकार की समस्याओं में आप अपनी आंखों से दूर की वस्तुओं पर अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते, इसीलिए आपकी आंखों पर चश्मा लगाया जाता है ताकि चश्मे के द्वारा आप अपनी आंखों से दूर की चीजों पर आसानी से अपना ध्यान केंद्रित कर सकें और इस प्रकार आपकी आंखें ठीक भी हो जाती हैं, परंतु चश्मे के साथ-साथ डॉक्टर आपको कुछ दवाइयां भी जरूर देता है।

2. दवाइयां

भेंगापन को ठीक करने के लिए डॉक्टर आपको अलग-अलग किस्म की दवाइयां भी देता है, जो कि भेंगापन को दूर करने में कहीं ज्यादा मददगार होती है इसके साथ-साथ डॉक्टर आपको आंखों की कुछ एक्सरसाइज भी बताता है, जिनसे आपकी आंखों का भेंगापन दूर हो सकता है।

3. सर्जरी

यदि चश्मा लगाने से या फिर दवाई खाने से आपकी आंखों का भेंगापन ठीक नहीं होता तो उस परिस्थिति में भेंगापन की सर्जरी भी की जाती है, इस सर्जरी में हमारी आंखों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों को लंबा या छोटा करके उनकी जगह बदल कर आंखों को सीधा रखने की कोशिश की जाती है यह सर्जरी लगभग 1 से 2 घंटे की होती है, और इस सर्जरी के पश्चाताप की आंखो को ठीक होने में 6 से 8 हफ्ते तक लग सकते हैं।

Strabismus or Cross Eye Conclusion: –

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारी पोस्ट बहुत ही पसंद आई होगी, इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको Strabismus के बारे में विस्तार से बताया है, की भेंगापन क्या होता है तथा भेंगापन के लक्षण? Symptoms Of Strabismus In Hindi? Causes Of Cross Eyes In Hindi? Treatment Of Strabismus In Hindi? Bhengapan Ka ilaj? यदि अब भी आपको भेंगापन से संबंधित कोई भी प्रश्न हम से पूछना हो तो आप कमेंट सेक्शन के माध्यम से पूछ सकते हैं, हम आपको भेंगापन से संबंधित कुछ प्रश्न का जवाब जरूर देंगे। धन्यवाद

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