Constipation In Kids :नवजात शिशु को कब्ज क्यों होती हैं – जानिए नवजात शिशु को कब्ज होने का कारण, लक्षण व इलाज ? |Why does the newborn have constipation – know the causes, symptoms and treatment of constipation in the newborn?

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Dr. Arti Sharma
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नवजात शिशु को कब्ज क्यों होती हैं – जानिए नवजात शिशु को कब्ज होने का कारण, लक्षण व इलाज ?

नवजात शिशुओं को पेट से संबंधित बहुत सी बीमारियां हो जाती हैं, क्योंकि छोटे बच्चों का शरीर बहुत ही ज्यादा कमजोर होता हैं। अगर उनके खाने में थोड़ा सा भी बदलाव किया जाए, तो उन्हें तुरंत ही पेट से जुड़ी समस्याएं हो जाती हैं। पेट से जुड़ी समस्याएं तो बहुत होती हैं, लेकिन आज हम आपको कब्ज के बारे में बताएंगे कि Bacho Ko Kabj Kyu Hoti Hai अगर आपको पहले से ही कब्ज के बारे में सब बातों का पता होगा तो फिर अपने बच्चे को कब्ज की बीमारी से बचा पाएंगे,

क्योंकि कब्ज की बीमारी तो बड़ी उम्र के व्यक्तियों के लिए भी हानिकारक साबित हो जाती हैं, तो अब आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि छोटे बच्चों को कब्ज की वजह से कितने समस्या हो सकती हैं। छोटे बच्चों को कई कारणों से कब्ज हो सकती है और कब्ज की समस्या में बच्चों के पेट में गंभीर रूप से दर्द रहता हैं।

क्योंकि कब्ज की समस्या में बच्चों के पेट से हवा नहीं निकल पाती और ना ही छोटे बच्चे मल त्याग पाते जब छोटे बच्चे मल नहीं त्याग पाते तो इसकी वजह से उनका पेट बोलने लगता है और उनके पेट में गैस भी बन सकती हैं। इसीलिए बच्चों को कब्ज होने पर उसका तुरंत ही इलाज करना पड़ता हैं।

आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको Kabj Ka ilaj तथा Bacho Ko Kabj Kyu Hoti Hai इसी के साथ-साथ हम आपको Symptoms Of Constipation In Kids In Hindi तथा Kabj Hone Se Kaise Bache इसके बारे में भी बताएंगे, ताकि आप अपने बच्चे को कब्ज होने से आसानी से बचा सकें।

कब्ज की बीमारी किसे बोलते हैं - What is Constipation Disease In Hindi ?

कब्ज की बीमारी किसे बोलते हैं – What is Constipation Disease In Hindi ?

कब्ज की बीमारी एक ऐसी बीमारी होती है जब यह किसी भी बच्चे या किसी भी व्यक्ति को हो जाती हैं, तो उस व्यक्ति के पेट में काफी ज्यादा दर्द रहता है और वह माल नहीं त्याग पाता यदि वह मल त्यागने की कोशिश भी करता हैं, तो उसके पेट में तो काफी ज्यादा दर्द होता ही हैं। इसी के साथ साथ उसकी टांगों में भी दर्द होने लगता हैं, अगर हम साधारण भाषा में आप को समझाएं तो कब से पाचन तंत्र की उस स्थिति को कहते हैं जिसमें बच्चे या व्यक्ति का मल बहुत कड़ा हो जाता है या फिर उसे मल त्यागने में दिक्कत होती है।

कब्ज की बीमारी बहुत कारणों से हो सकती हैं। कई बार तो दवाइयों के साइड इफेक्ट से भी व्यक्ति को कब्ज हो जाती है या फिर जिस व्यक्ति के शरीर में फाइबर की कमी हो जाती है या फिर पानी की कमी हो जाती हैं, तो उसे भी कब्ज की समस्या रहने लगती हैं। आगे हम आपको Kabj Ke Karan Aur Lakshan In Hindi के बारे में भी बताएंगे।

नवजात शिशु में कब्ज के क्या लक्षण नजर आते हैं – Symptoms Of Constipation In Newborn Baby In Hindi ?

अगर नवजात शिशुओं को कब से हो जाती हैं, तो कब्ज होने पर आप बहुत से लक्षण से इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि, आपके नवजात शिशु को कब्ज हो गई है और फिर आप तुरंत ही अपने बच्चे का इलाज कर सकती हैं, कब्ज के बहुत से लक्षण होते हैं जैसे कि :-

  • नवजात शिशु को अगर कब्ज हो जाती है, तो उसके पेट में बहुत ज्यादा दर्द रहता हैं, लेकिन आपका बच्चा आपको बोल कर तो नहीं बता सकता कि उसके पेट में काफी ज्यादा दर्द हो रहा हैं, लेकिन आपका बच्चा काफी तेज तेज रोता है जिसकी वजह से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि, उसको कुछ ना कुछ दिक्कत तो जरूर है और इसी वजह से वहां कितनी तेज हो रहा हैं।
  • छोटे बच्चे को कब्ज होने पर उसे मल त्यागने में काफी ज्यादा समस्या होती हैं, जिसकी वजह से वह काफी सख्त मल त्यागता हैं। आप इस बात को देखकर आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि आपके बच्चे को कब्ज हो रही हैं, क्योंकि एक सामान्य बच्चा दिन में 4 से 5 बार मल त्यागता है और कब्ज होने पर आपका बच्चा एक बार भी बड़ी मुश्किल से मल त्याग पाता हैं।
  • जब आपके बच्चे को कब्ज हो जाती हैं, तो कब्ज होने पर आपके बच्चे का पेट काफी अधिक फूल भी जाता है और टाइट होने लगता है अगर आपके बच्चे का पेट टाइट हो रहा हैं, तो उसकी वजह से आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि आपके बच्चे को कब्ज हो गई हैं, क्योंकि कब्ज की समस्या में ही आपके बच्चे का पेट काफी टाइट हो जाता हैं।
  • जब आपके बच्चे को पेट में कब्ज हो जाती हैं, तो कब्ज होने पर आपके बच्चे का मुंह रोते वक़्त काफी ज्यादा लाल रहता है और जब आपका बच्चा मल त्यागने की कोशिश करता हैं, तो उसे कब्ज होने की वजह से काफी ज्यादा जोर लगाना पड़ता है जिसकी वजह से उसका पूरा मुंह लाल हो जाता हैं। इस चीज को देखकर भी आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि आपके छोटे बच्चे को कब्ज हो गई हैं।

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नवजात शिशु को कब्ज होने के क्या कारण होते हैं – Causes Of Constipation In Hindi ?

बच्चों को कब्ज होने के अनेकों कारण हो सकते हैं। इसलिए छोटे बच्चों की माताओं को कब्ज होने के कारण पता होने चाहिए तभी वह अपने बच्चे को कब्ज की बीमारी से बचा सकती हैं।

फाइबर की कमी होना

अगर किसी बच्चे के शरीर में फाइबर की कमी है, तो fiber की कमी के कारण भी बच्चों में कब्ज की समस्या रह सकती हैं, क्योंकि फाइबर युक्त आहार लेने से ही बच्चे को मल त्यागने में आसानी होती हैं, लेकिन बच्चे के शरीर में फाइबर ही पर्याप्त मात्रा में मौजूद ना हो तो उसके कारण कब्ज की समस्या के साथ-साथ अन्य बीमारियां भी उसके शरीर में जन्म ले सकती हैं। इसीलिए बच्चों को कुछ ऐसा भी खिलाना चाहिए जिससे कि उनके शरीर में फाइबर की कमी पूरी हो जाए।

पानी की कमी

बहुत से बच्चों के शरीर में पानी की कमी भी होती है और आपको पता होना चाहिए कि पानी की कमी के कारण भी कब्ज की समस्या हो जाती है, अक्सर बड़ी उम्र के व्यक्तियों या बुजुर्गों में भी कब्ज की समस्या पानी की कमी के कारण ही जन्म लेती हैं। इसीलिए अगर आप अपने छोटे बच्चों को कब्ज की समस्या से बचाना चाहती हैं, तो आपको उन्हें रोजाना थोड़ा बहुत पानी भी पिलाना पड़ेगा, क्योंकि पानी पीने के कारण भी आपका बच्चा काफी स्वस्थ रहता है और वह अनेकों प्रकार की बीमारियों से भी बचा रहता हैं। इसीलिए बच्चे को पानी पिलाना बेहद आवश्यक होता हैं।

पाचन तंत्र की समस्या

अगर किसी बच्चे का जन्म से ही पाचन तंत्र खराब है तो उसे भी कब्ज की समस्या रहने लगती हैं, इसीलिए बच्चों को ज्यादा दिनों तक कब्ज होने पर उसका इलाज करवाना आप बेहद ही जरूरी होता है क्योंकि कई बार कब की समस्या किसी बीमारी की वजह से भी हो सकती हैं। कभी बहुत सी बीमारियों का संकेत भी कब्ज की बीमारी से ही शुरु होता हैं।

कोई गंभीर बीमारी होना

अगर आपके छोटे बच्चे को कोई गंभीर बीमारी हैं, तो उस गंभीर बीमारी की वजह से भी बच्चे में कब्ज की समस्या रहने लगती है कई बाहर बच्चों को जन्म से ही थायराइड, डायबिटीज आदि की समस्या होती है अगर बच्चों में इस प्रकार की समस्या होती हैं, तो उन्हें बचपन से ही कब्ज की समस्या भी रहने लगती हैं।

पर्याप्त मात्रा में स्तनपान ना करना

अगर आपका बच्चा पर्याप्त मात्रा में स्तनपान नहीं करता हैं, तो उसकी वजह से भी उसे कब्ज की समस्या हो जाती है, क्योंकि बच्चे को स्वस्थ रहने के लिए उसकी माता का दूध उसके लिए बहुत ही आवश्यक होता हैं, क्योंकि माता की दूध से ही बच्चे को बचपन में सभी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। अब यदि माता का दूध ही बच्चे को नहीं मिल रहा तो उसके कारण बच्चे को अनेकों प्रकार की समस्याएं होना आम बात है और उन्हीं समस्याओं में से एक हैं कब्ज की समस्या जो स्तनपान ढंग से ना करने पर भी शिशु को हो सकती है।

ज्यादा केला खिलाने से

अगर आप अपने छोटे बच्चे को केले का सेवन ज्यादा करवाते हैंं, तो अकेला ज्यादा खाने की वजह से भी बच्चे के पेट में कब्ज हो सकती हैं, क्योंकि कम मात्रा में तो अकेला बच्चे के लिए भी फायदेमंद होता है। अगर केले की ज्यादा मात्रा बच्चे को दी जाए तो वह उसे हजम करने में परेशानी हो सकती हैं, इसीलिए बच्चे को कब्ज की समस्या हो जाती हैं, इसीलिए केला भी बिल्कुल कम मात्रा में ही बच्चे को खिलाएं।

दूध की वजह से

अगर आप अपने बच्चे को डब्बे वाला दूध पिलाती हैं या फिर गाय का दूध पिलाती हैं, तो उस दूध के कारण भी बच्चे को कब्ज की समस्या हो सकती हैं, क्योंकि बच्चा जब मां के दूध के अलावा कोई दूसरा दूध पीता हैं, तो वह उसे हजम करने में काफी दिक्कत होती हैं। इसीलिए कोई दूसरा दूध पीने के कारण भी बच्चे को कब्ज हो जाती हैं। इसलिए आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि जब आप बच्चे को कोई दूसरा दूध पिलाती हैं, तो बिल्कुल थोड़ा-थोड़ा ही दूध पिलाएं बेशक आप दूध 5 से 6 बार पिलाएं, लेकिन थोड़ा-थोड़ा ही पिलाएं ताकि बच्चे को हजम करने में आसानी हो।

शिशु को डॉक्टर के पास कब ले जाएं ? pictures

शिशु को डॉक्टर के पास कब ले जाएं ?

  • अगर आपका बच्चा 6 महीने से कम आयु का है और उसे गंभीर रूप से कब्ज की समस्या हो रही हैं, तो आपको कब्ज की समस्या होने पर बिल्कुल भी देर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि कब्ज की समस्या होने के कारण बच्चे की जान भी जा सकती हैं, इसीलिए कब्ज की समस्या का इलाज बहुत ज्यादा जरूरी हैं।
  • अगर आपका बच्चा कब्ज की समस्या के कारण काफी ज्यादा रो रहा है और उसे दिन में एक बार भी मल त्यागने में काफी परेशानी हो रही हैं, तो इस परेशानी में 2 दिन से ज्यादा बच्चे को नहीं देखना चाहिए, अगर 2 दिन में आपका बच्चा ठीक हो जाता है तो अच्छी बात हैं। अन्यथा आपको तुरंत ही अपने बच्चे को बच्चे के डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए और उस डॉक्टर को अपने बच्चे की हालत के बारे में बताना चाहिए, ताकि तुरंत ही आप अपने बच्चे की कब्ज की समस्या पर काबू पा सकें।
  • क्योंकि कब्ज की समस्या एक बहुत ही खतरनाक समस्या होती है जिसके कारण आपके बच्चे की जान भी जा सकती हैं, क्योंकि जब आपका बच्चा मल ही नहीं त्याग पाएगा, तो मल ना त्यागने के कारण आपके बच्चे को भूख भी लगनी बंद हो जाती है और जब भूख लगनी बंद होती हैं, तो आपका बच्चा धीरे-धीरे कमजोर हो जाता हैं।
  • अगर आपके बच्चे को कब्ज की समस्या 2 दिन तक रहती हैं, तो 2 दिन में ही आप यह महसूस करेंगी कि आपका बच्चा काफी कमजोर हो रहा हैं, क्योंकि कब्ज की समस्या के कारण आपका बच्चा खाना नहीं खाएगा और ना ही दूध पिएगा और इस वजह से उसके शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी होनी शुरू हो जाएगी। इसीलिए कब की समस्या होने पर तुरंत ही बच्चे को इस समस्या से राहत दिलाने पड़ती है।

शिशु में कब्ज की समस्या का इलाज क्या हैं – Treatment Of Constipation Disease In Kids In Hindi ?

बच्चे को कब्ज होने पर डॉक्टर बहुत सी एंटीबायोटिक दवाइयां तथा और भी बहुत सी दवाइयां दें सकता हैं, जो कि बच्चे को दूध में घोलकर खिलानी होंगी। अगर बच्चा इन दवाइयों का सेवन भी नहीं कर पाता तो डॉक्टर आपके बच्चे को कुछ ऐसी ड्रॉप्स भी दे सकता है, जिनको पीने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल सकता हैं, वैसे तो शुरुआत में डॉक्टर 2 दिन की दवाई ही बच्चे को देता हैं,

क्योंकि डॉक्टर भी बच्चे को ज्यादा दवाई नहीं देता ताकि उसका शरीर खराब ना हों, क्योंकि ज्यादा दवाइयों की वजह से कब्ज की समस्या ठीक होकर उसे दस्त भी लग सकते हैं। इसीलिए डॉक्टर शुरुआत में कम दवाई यही खिलाता हैं। अगर बच्चे को कब्ज से छुटकारा 2 दिन की दवाई से ही मिल जाता हैं, तो अच्छी बात है नहीं तो फिर डॉक्टर लगातार 5 से 6 दिन भी दवाइयां चला सकता हैं।

बच्चे को कब्ज होने से कैसे बचाएं – Prevention From Constipation in Kids In Hindi ?

अगर आप अपने बच्चों को कब्ज होने से बचाना चाहते हैं, तो आपको बहुत से तरीके आजमाने होंगे जैसे कि :-

  • आपको अपने बच्चे को नियमित रूप से स्तनपान कराते रहना चाहिए, आपको अपने बच्चे को दिन में 5 से 6 बार स्तनपान कराना चाहिए, क्योंकि स्तनपान कराने की वजह से भी बच्चा कब्ज की समस्या से बचा रहता हैं।
  • आपको अपने बच्चे को रोजाना तीन से चार बार पानी जरूर पिलाना चाहिए बेशक आप उसे कम मात्रा में पानी पिलाएं, लेकिन अपने शिशु को पानी जरूर पिलाएं, क्योंकि पानी पीने से बच्चे के शरीर में नमी बनी रहती है और उसका पाचन तंत्र भी बिल्कुल सही रहता है जिसकी वजह से वह खुलकर मल त्याग सकता हैं।
  • अपने बच्चे को जब आप ठोस आहार देना शुरू करती हैं, तो उसे बिल्कुल पानी की तरह ही ठोस आहार देना शुरू करना चाहिए, जैसे कि यदि आप उसे हरी सब्जियों का सेवन करवाती हैं या फिर दालों का सेवन करवाती हैं, तो आप दाल को बिल्कुल पानी की तरह पतली बना सकती हैं। इसी प्रकार आप सब्जियों को भी पतली बना सकती हैं और फिर बच्चे को सूप की तरह पिला सकती हैं। इस प्रकार आपके बच्चे का पाचन तंत्र बिल्कुल स्वस्थ रहेगा और उसे मल त्यागने में भी आसानी होगी।
  • बच्चे की मां को कॉफी नहीं पीनी चाहिए और ज्यादा गर्म चीजें भी नहीं खानी चाहिए, क्योंकि उसकी वजह से भी बच्चे को कब्ज की समस्या हो सकती हैं, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि बच्चा अपनी मां का दूध पीता है और मां के दूध के माध्यम से बच्चे को कब्ज की समस्या हो सकती हैं।
  • आपको अपने बच्चे को कब्ज की समस्या से बचाने के लिए उसे फलों का जूस भी पिलाना चाहिए, क्योंकि फलों का जूस पीने से बच्चे के शरीर को फाइबर की मात्रा प्राप्त होती है और अगर बच्चे को फाइबर की मात्रा मिलेगी, तो बच्चे को कब्ज की समस्या कभी भी नहीं होगी।
शिशु की कब्ज ठीक करने के घरेलू उपाय - Home Remedies For Constipation In Kids In Hindi ? images
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शिशु की कब्ज ठीक करने के घरेलू उपाय – Home Remedies For Constipation In Kids In Hindi ?

बच्चों को कब्ज होने पर आप बहुत से घरेलू नुस्खे भी आजमा सकती हैं जैसे कि :-

  • आपके बच्चे के पेट में कब्ज होने पर आपको अपने बच्चे की टांगों को ऊपर की तरफ उठाकर उसकी टांगों को साइकिल चलाने की तरह आगे पीछे करना चाहिए। इस प्रकार आपके बच्चे के पेट पर थोड़ा सा जोर पड़ता है जिसकी वजह से उसे मल त्यागने में आसानी होगी।
  • कब्ज की समस्या होने पर आपको अपने बच्चों को गर्म पानी में नींबू डालकर उसे ठंडा हो जाने पर चम्मच की सहायता से पिलाना चाहिए। हींग कब्ज की समस्या में बहुत ही फायदेमंद माना जाता हैं।इसलिए आप बच्चे पर यह नुस्खा भी आजमा सकती हैं।
  • बच्चे को कब्ज होने पर आप उसके पेट की मालिश भी कर सकती हैं, जैसे कि आप सरसों का तेल लीजिए और बच्चे की नाभि के चारो और दो उंगलियों की सहायता से गोल-गोल घुमाना शुरू कर दीजिए। आप बिल्कुल हल्के हाथों से 10 से 15 मिनट तक इसी प्रकार बच्चे की नाभि के चारो और मालिश करते रहिए, इस प्रकार आपके बच्चे को मल त्यागने में काफी आसानी होगीं।
  • कब्ज की समस्या होने पर आपको अपने बच्चों को अदरक का रस निकालकर उसमें शहद मिलाकर पिलाना चाहिए, क्योंकि इस प्रकार का नुस्खा भी बच्चे को कब्ज की समस्या में तुरंत ही राहत दिलाएगा।
  • आपको अपने बच्चों को रोजाना डाबर लाल घुट्टी गुनगुने पानी के साथ पिलानी चाहिए। अगर आप इस प्रकार डाबर लाल घुट्टी गुनगुने पानी के साथ बच्चे को रोजाना पिलाएंगी तों , इसके सेवन से आपका बच्चा हमेशा ही कब्ज की समस्या से बचा रहेगा और यदि उसे कब होगी रही हैं, तो आप जब डाबर लाल घुट्टी पिलाएंगीं, तो उसे तुरंत ही कब से छुटकारा मिल जाएगा

Conclusion –

आपके छोटे बच्चे को कब्ज होने पर किस प्रकार की सावधानियां आपको बरतनी चाहिए और बच्चे को कब्ज की समस्या से किस प्रकार छुटकारा दिलाना चाहिए इसके बारे में हमने आपको विस्तार से बता दिया है। इसी के साथ-साथ हमने आपको Kabj Ka ilaz तथा Bacho Ko Kabj Kyu Hoti Hai इसके बारे में बताया हैं। इसी के साथ-साथ हमने आपको Symptoms Of Constipation In Kids In Hindi तथा Kabj Hone Se Kaise Bache इसके बारे में भी बताया हैं। अब यदि आपको हमसे Kabj Kyu Hoti Hai इसके बारे में कोई भी सवाल पूछना हो तो कमेंट सेक्शन में कमेंट करें। धन्यवाद

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